अमेरिका हिंसा- 12 राज्यों के 25 शहरों में प्रदर्शन:लॉस एंजिलिस में शाम 6 बजे के बाद कर्फ्यू, ट्रम्प बोले- सुरक्षाबल पूरी ताकत से निपटेंगे

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में 5 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन के कारण शाम 6 बजे के बाद कर्फ्यू घोषित कर दिया गया है। लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास ने इमरजेंसी की घोषणा की है। वहीं, लॉस एंजिल्स के डाउनटाउन के कुछ हिस्सों में मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार 6 बजे तक (स्थानीय समयानुसार) कर्फ्यू लगा दिया गया। सोमवार को यह प्रदर्शन अमेरिका के 12 राज्यों के 25 शहरों तक फैल गया था। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को, डलास, ऑस्टिन, टेक्सास और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुए। हालात पर काबू पाने के लिए ट्रम्प ने मंगलवार को लॉस एंजिल्स में 4 हजार नेशनल गार्ड के बाद 700 मरीन कमांडो को भी भेजा था। वहीं सोमवार-मंगलवार को लॉस एंजिल्स पुलिस ने करीब 1100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। ट्रम्प बोले- जरूरत पड़ने पर सैन्य बल का इस्तेमाल करुंगा अमेरिकी के लॉस एंजिलिस में हिंसा थमती नजर आ रही है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर लॉस एंजिलिस में हिंसा जारी रही तो वह शहर भर में विद्रोह कानून लागू कर सकते हैं। यह कानून सरकार को हिंसा रोकने के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करने की इजाजत देता है। ट्रम्प ने कहा, पिछले 2 दिन से हालात बेहद बिगड़ रहे हैं, अगर बगावत हुई तो मैं जरूर विद्रोह कानून लागू करूंगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने 14 जून को वॉशिंगटन डीसी में होने वाली आर्मी परेड के दौरान प्रदर्शन को लेकर भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रदर्शन करता है तो उसे सेना का सामना करना पड़ेगा। 14 जून को अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ और ट्रम्प का 79वां जन्मदिन भी है। इस हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। यह हिंसक प्रदर्शन अवैध अप्रवासियों को बाहर निकालने के फैसले के खिलाफ हो रहे हैं। मेयर बोली- हमें सेना या नेशनल गार्ड की जरूरत नहीं ट्रम्प के नेशनल गार्ड और मरीन्स को भेजने की आलोचना करते हुए लॉस एंजिल्स मेयर बास ने कहा- अभी हम अंधेरे में हैं। हमें नहीं पता कि कब क्या होने वाला है। हमारे पास इस स्थिति से निपटने की क्षमता है, और हमें सेना या नेशनल गार्ड की जरूरत नहीं है, खासकर तब जब हमने इसके लिए कहा ही नहीं था। राष्ट्रपति ने राज्यपाल से शक्ति छीन ली है, यह अस्वीकार्य है। वहीं, ट्रम्प ने कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम को गिरफ्तार करने की बात कही थी। ट्रम्प ने कहा, “न्यूसम ने बहुत खराब काम किया है। उनका सबसे बड़ा जुर्म है कि वो फिर से गवर्नर बनना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें न्यूसम पसंद हैं, लेकिन कामकाज में कमजोर लगते हैं। लॉस एंजिलिस में आगजनी की तस्वीरें… ट्रम्प की पार्टी का आरोप- प्रदर्शनकारियों को डेमोक्रेट और चीन पैसे दे रहे ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनों को लेकर डेमोक्रेट नेताओं और चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपब्लिकन सांसद बिल एसेयली ने एक पोस्ट में लिखा- इन प्रदर्शनों की फंडिंग डेमोक्रेट समर्थित संगठनों और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी संस्थाओं द्वारा की जा रही है। एसेयली ने कहा कि ICE के खिलाफ यह प्रदर्शन चिरला ने आयोजित किया था। जिसे 2023 में बाइडेन प्रशासन के दौरान करीब 285 करोड़ रुपए की ग्रांट मिली थी। मार्च 2025 में होमलैंड सिक्योरिटी ने उनकी फंडिंग पर रोक लगाई और बकाया राशि वापस ले ली। रिपब्लिकन नेताओं ने पीएसएस पर भी शक जताया है कि उसे चीनी अरबपति नेविल सिंगहम से फंडिंग मिलती है। जो अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शनक करने वालों को पैसे देते हैं। ऑस्ट्रेलियाई रिपोर्टर को गोली लगी विरोध प्रदर्शनों को कवर कर रही ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार लॉरेन टोमासी पर पुलिस ने रबर बुलेट फायर कर दी। यह घटना रविवार को उस समय हुई जब नाइन न्यूज की पत्रकार लॉरेन टोमासी लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं। वायरल हुए वीडियो में दिखा कि रबर बुलेट उनकी टांग में लगी लॉरेन ने कहा- कई घंटों की तनातनी के बाद स्थिति अब तेजी से बिगड़ गई है। लॉस एंजिलिस पुलिस घोड़ों पर सवार होकर प्रदर्शनकारियों पर रबर बुलेट दाग रही है और उन्हें शहर के सेंटर से हटा रही है।” इस दौरान पीछे से एक पुलिस अधिकारी की आवाज आई, जो कह रहा था कि तुमने अभी पत्रकार को गोली मारी। किसी ने लॉरेन से पूछा कि क्या वह ठीक हैं, तो उन्होंने जवाब दिया- मैं ठीक हूं। लॉस एंजिलिस में नेशनल गार्ड तैनात किए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉस एंजिलिस में हालात को काबू करने के लिए 2000 नेशनल गार्ड्स को भेजा है। हालांकि कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम और लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बैस ने नेशनल गार्ड्स भेजने का विरोध किया है। यह पहला मौका है जब किसी राज्य में नेशनल गार्ड को बिना गवर्नर की अनुमति के भेजा गया। लॉस एंजिलिस में 6-7 जून को सरकार ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ एक अभियान चलाया था। इसी का विरोध हो रहा है। छापेमारी राष्ट्रपति ट्रम्प की डिपोर्टेशन पॉलिसी का हिस्सा है। रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और पटाखे चलाए इससे पहले भारतीय समयानुसार रविवार सुबह भी प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और पटाखे चलाए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) पर आंसू गैस और पैट्रोल बम दागे। कई सरकारी इमारतों और गाड़ियों पर स्प्रे-पेंट से नारे लिखे, एक स्ट्रिप मॉल में आग लगा दी और कई दुकानों में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने मेक्सिको का झंडा लेकर ‘ICE लॉस एंजिलिस से बाहर जाओ’ जैसे नारे भी लगाए। इसके बाद 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। 3000 आप्रवासियों को गिरफ्तार करने का लक्ष्य ट्रम्प की डिपोर्टेशन पॉलिसी के तहत ICE को हर दिन बिना दस्तावेज वाले 3000 आप्रवासियों को रिकॉर्ड संख्या में गिरफ्तार और डिपोर्ट करने का लक्ष्य है। छापेमारी की एक वजह कुछ व्यापारियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना भी है। अधिकारियों के मुताबिक, हर दिन करीब 1600 अवैध अप्रवासियों को पकड़ा जा रहा है। दरअसल, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने दावा किया कि एक हजार प्रदर्शनकारियों ने एक फेडरल ऑफिस को घेरकर ICE अधिकारियों पर हमला किया। इन प्रदर्शनकारियों में मुख्य तौर से आप्रवासी समुदाय के समर्थक, स्थानीय निवासी, और आप्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन जैसे कोएलिशन फॉर ह्यूमन इमिग्रेंट राइट्स और नेशनल डे लेबरर ऑर्गनाइजिंग नेटवर्क के सदस्य हैं। मिलिट्री स्टाइल में की गई छापेमारी ट्रम्प ने US-मेक्सिको बॉर्डर बंद करने का वादा किया है ट्रम्प ने अवैध प्रवासियों को रिकॉर्ड संख्या में निर्वासित करने और अमेरिका-मेक्सिको सीमा बंद करने का वादा किया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने प्रदर्शनों को कानून और देश की संप्रभुता के खिलाफ विद्रोह करार दिया। प्रदर्शनकारी रॉन गोशेज ने रॉयटर्स से कहा- वे हमारे लोगों को किडनैप नहीं कर सकते। हम एकजुट होकर कड़ा विरोध करेंगे। ———————————— ये खबर भी पढ़ें…. अमेरिका में हिंसा, झंडे पर थूका… 20 फोटोज:लॉस एंजिलिस में सैकड़ों गाड़ियां जलाईं; ट्रम्प बोले- शहर पर प्रवासियों का कब्जा अमेरिका के लॉस एंजिलिस में अवैध प्रवासियों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में चल रहा प्रदर्शन बीते 3 दिनों से हिंसक हो गया है। उपद्रवियों ने शहर की सड़कों को जाम कर सैकड़ों गाड़ियों में आग लगा दी। दुकानों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लूट-पाट भी की। यहां पढ़ें पूरी खबर…