अमेरिकी संसद में इजराइल के PM नेतन्याहू बोले:जब तक उनके पास एक भी बंधक है, चैन से नहीं बैठूंगा, 7 अक्टूबर को बताया बदनाम दिन

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बुधवार रात (भारतीय समयानुसार) अमेरिकी संसद के जॉइंट सेशन को संबोधित कर रहे हैं। संसद को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा ये वक्त काफी अहम है। अमेरिका, इजराइल और हमारे अरब देशों के लिए ईरान चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ये सभ्यता का टकराव नहीं है। ये बर्बरता और सभ्यता के बीच का टकराव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल को एक साथ खड़ा होना चाहिए। नेतन्याहू ने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन 11 सितंबर की तरह इजराइलियों के लिए एक बदनाम दिन बन चुका है। अमेरिका के न्यूयॉर्क में 11 सितंबर 2011 को आतंकी हमला हुआ था। नेतन्याहू ने संसद में बताया कि यह हमला एक छुट्टी के दिन हुआ। हम त्यौहार में व्यस्त थे। हमास के हमलावरों ने महिलाओं के साथ बलात्कार किया, पुरुषों के सिर काटे, बच्चों को जिंदा जला दिया। उन्होंने गाजा से अनेक बंधकों को बचाने के लिए इजराइली सेना की तारीफ की। संसद में नेतन्याहू ने एक इजराइली बंधक रह चुकी नोआ अग्रमानी से भी परिचय कराया। नोआ को 7 अक्टूबर के दिन हमास के लड़ाके मोटरसाइकिल पर उठा ले गए थे। बंधकों के परिवारों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि सभी बंधक वापस नहीं आ जाते। उन्होंने कहा कि वे बंधकों को छुड़ाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बंधकों को छुड़ाने के लिए बाइडेन की कोशिशों की भी तारीफ की। नेतन्याहू ने कहा कि जब इजराइल और अमेरिका एक साथ खड़े होते हैं तो ‘हम जीतते हैं’ और ‘वे हारते हैं।’ उन्होंने संसद में सबको यकीन दिलाते हुए कहा कि इस बार भी “हम ही जीतेंगे।” नेतन्याहू ने संसद में एक इजराइली सैनिक (IDF) से भी सभी का परिचय कराया। उन्होंने कहा कि जब इजराइल पर हमला हुआ तो ये शख्स देश की रक्षा के लिए 8 मील दौड़कर मोर्चे पर पहुंच गया। इसके अलावा नेतन्याहू ने एक और सैनिक जो कि मुस्लिम था उसकी भी तारीफ की। नेतन्याहू ने इन्हें बहादुर सैनिक बताया। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल का जन्म नाजी नरसंहार के बाद हुआ। तब 60 लाख यहूदी मारे गए थे लेकिन अब हम दुश्मनों के सामने कमजोर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को जो हुआ अब आगे कभी देखने को नहीं मिलेगा। पीएम बाइडेन जब अमेरिकी संसद पहुंचे तो उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया। उनके लिए काफी देर तक तालियां बजती रहीं जबकि कुछ सांसद हूटिंग भी करते सुनाई दिए। कार्यक्रम में गेस्ट के रूप में एलन मस्क भी शामिल हुए। नेतन्याहू के विरोध में संसद के बाहर जुटे प्रदर्शनकारी 7 अक्तूबर को इजराइल पर हमला होने के बाद से नेतन्याहू की यह पहली विदेश यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल मचा हुआ है। नेतन्याहू के भाषण से पहले ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी उनके विरोध में प्रदर्शन करने के लिए संसद के बाहर पहुंच गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लाल टी-शर्ट पहनकर नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद वहां तैनात फोर्स ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें वहां से ले गए। नेतन्याहू के संबोधन में मौजूद नहीं रहेंगी कमला हैरिस
अमेरिकी संसद में ज्वाइंट सेशन की अध्यक्षता आम तौर पर अमेरिका की उपराष्ट्रपति करती हैं। लेकिन, इंडियानापोलिस में चुनाव से जुड़े कार्यक्रम की बिजी रहने की वजह से हैरिस इसमें शामिल नहीं हो पाएंगी। उनकी जगह पर यहूदी डेमोक्रेट्स सीनेटर बेन कार्डिन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कमला गुरुवार को व्हाइट हाउस में पीएम नेतन्याहू से मुलाकात करेंगी। इसी दिन नेतन्याहू राष्ट्रपति बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात करेंगे। हालांकि अमेरिकी संसद में हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने संसद में कमला हैरिस के न रहने पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू का भाषण छोड़ने के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बाइडेन बोले- इजराइल हमेशा अमेरिका का साथ देगा
अमेरिका रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा था कि वह इजराइल के लिए दोनों ही दलों का समर्थन चाहते हैं। अमेरिका में चुनाव के बाद किसी भी पार्टी की सरकार बने, इजराइल अहम सहयोगी बना रहेगा। नेतन्याहू ने कहा कि दुश्मनों के लिए ये जानना जरूरी है कि अमेरिका और इजराइल आज ही नहीं, हमेशा के लिए एक दूसरे के साथ खड़े हैं। कई डेमोक्रेटिक नेताओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया
पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक भले ही बाइडेन कहें कि उनके संबंध दोनों ही पार्टियों से बेहतर बने रहेंगे मगर हकीकत कुछ और बयां कर रही है। कई डेमोक्रेट्स नेताओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इन नेताओं का मानना है कि नेतन्याहू गाजा में युद्ध रोकना नहीं चाहते हैं जिसकी वजह से हजारों निर्दोष फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है। पहले भी डेमोक्रेटिक नेताओं ने बहिष्कार किया था, बाइडेन भी नहीं हुए थे शामिल
पिछली बार 2015 में जब नेतन्याहू ने तीसरी बार अमेरिकी संसद में संबोधन दिया था तो 58 सांसदों ने नेतन्याहू का बहिष्कार किया था। इसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल थे। दरअसल नेतन्याहू ईरान न्यूक्लियर डील की आलोचना कर रहे थे। इससे अमेरिकी सांसद नाराज हो गए। उनका कहना था कि नेतन्याहू अमेरिका की विदेश नीति में दखल दे रहे हैं। नेतन्याहू को गिरफ्तार करना चाहिए, उन्हें संसद में बुलाना शर्मनाक
फिलिस्तीनी-अमेरिकी सांसद रशीदा तलीब ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर PM नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू एक वॉर क्रिमिनल है जो फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ नरसंहार कर रहे हैं। यह बेहद शर्म की बात है कि दोनों पार्टियों के नेताओं ने उन्हें संसद को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया है। उन्हें गिरफ्तार कर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट भेजा जाना चाहिए। इजराइल की कट्टर समर्थक नैन्सी पेलोसी बोलीं- नेतन्याहू को बुलाना गलत
संसद की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी भी नेतन्याहू के संबोधन के दौरान मौजूद नहीं रहेंगी। पेलोसी को इजराइल का कट्टार समर्थक माना जाता है। हालांकि, पेलोसी ने नेतन्याहू की खुलकर आलोचना की है। उन्होंने अप्रैल में कहा था कि कि इजराइली पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू को संसद में संबोधित करने के लिए बुलाना गलत था। नेतन्याहू के लिए काफी अहम है अमेरिका दौरा
इजराइली पीएम नेतन्याहू का ये दौरा उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में लंबे समय से चल रहे लड़ाई और बंधक बनाए गए लोगों को वापस न ला पाने की वजह से नेतन्याहू को अपने ही देश में काफी गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। गाजा में 39 हजार से अधिक लोग मारे गए हैं इस वजह से दुनिया भर में नेतन्याहू की आलोचना हो रही है। ऐसे वक्त में जब देश ही नहीं विदेश में भी उनकी छवि कमजोर हो रही है, वे चौथी बार अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए अपने लिए समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। युद्ध विराम समझौते पर हो सकती है बातचीत
बाइडेन और नेतन्याहू की मुलाकात के दौरान गाजा में युद्ध विराम समझौते पर बातचीत हो सकती है। यूएसए टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपि कमला हैरिस दोनों ही मुलाकात के दौरान नेतन्याहू पर जंग रोकने का दबाव बना सकते हैं। वहीं, नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा को लेकर अमेरिका में विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को राजधानी वाशिंगटन में हमास के कब्जे में फंसे बंधकों के परिवारों ने प्रदर्शन किया। बुधवार सुबह भी नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद के नजदीक लोगों ने प्रदर्शन किया। नेतन्याहू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहां वे ठहरे हैं, उस होटल के आसपास बाड़ लगाई गई है। इस दौरान पुलिस और सीक्रेट सर्विस एजेंट्स भी बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं।