अहमदाबाद प्लेन क्रैश- सिर्फ 32 सेकेंड हवा में रहा विमान:एक पायलट ने दूसरे से पूछा- क्या तुमने इंजन बंद किया, जवाब- नहीं; 15 पन्नों की रिपोर्ट आई

12 जून को हुए अहमदाबाद प्लेन क्रैश की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 15 पन्नों की रिपोर्ट सार्वजनिक की। प्रारंभिक जांच के मुताबिक यह हादसा विमान के दोनों इंजन बंद होने की वजह से हुआ था। टेकऑफ के तुरंत बाद एक-एक करके दोनों इंजन बंद हो गए। इस दौरान कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से पता चला है कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि क्या तुमने इंजन बंद किया है। दूसरे ने जवाब दिया, नहीं। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है। रिपोर्ट में और क्या….7 पॉइंट में फ्यूल स्विच क्यों है इतना अहम?
ड्रीमलाइनर विमान के दोनों इंजनों में रन और कटऑफ नाम के दो पोजिशन होते हैं। अगर विमान हवा में है और स्विच कटऑफ पर चला जाए तो इंजन को फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो जाती है और बिजली सप्लाई भी रुक सकती है, जिससे कॉकपिट के कई उपकरण भी बंद हो सकते हैं। एक्सपर्ट बोले- पायलट ने इमरजेंसी में ही फ्यूल स्विच दबाया एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन राकेश राय के मुताबिक, ‘कोई भी पायलट विमान में आकर फ्यूल स्विच से खेल नहीं करता। अगर ऐसा किया गया, तो जरूर कोई तकनीकी दिक्कत हुई होगी।’ कैप्टन राय ने बोइंग की उस मानक प्रक्रिया (SOP) का हवाला दिया, जिसमें बताया गया है कि डुअल इंजन फेल होने पर पायलट को तुरंत रिएक्ट करना होता है और दोनों स्विच को चालू-बंद कर “EEC” को रीसेट किया जाता है। इसे “विंडमिल स्टार्ट” कहा जाता है, जिससे इंजन फिर से चालू हो सकता है। राज्य मंत्री बोले थे- यह पहली बार, जब दोनों इंजन फेल
इससे पहले 28 जून को नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया था कि विमान हादसे की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है, जिसमें साजिश (सैबोटाज) की आशंका को भी खंगाला जा रहा है। वहीं, तीन महीने में विस्तृत जांच रिपोर्ट आ सकती है। गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी का भी निधन हुआ था एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। इसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात शामिल हैं। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हो गया। पायलट ने मेडे कॉल किया था फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था। भारत के सिविल एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बताया कि विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। DGCA के अनुसार, विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू सहित कुल 242 लोग सवार थे। पायलट के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था। ——————————- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया ने 4 कर्मचारियों से इस्तीफा मांगा, अहमदाबाद प्लेन क्रैश के 8 दिन बाद मनाया था जश्न एअर इंडिया ने अपने ग्राउंड हैंडलिंग वेंचर AISATS के 4 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए कहा है। ये कार्रवाई इनकी एक पार्टी का वीडियो वायरल होने के बाद की गई। इन कर्मचारियों ने अहमदाबाद प्लेन हादसे के 8 दिन बाद यह पार्टी की थी। पूरी खबर देखें…