आपका पैसा- FD कराना क्यों है घाटे का सौदा:पूरी सेविंग नहीं, सिर्फ थोड़ा रखें FD में, सुरक्षित निवेश व बेहतर रिटर्न के अन्य विकल्प

हममें से कई सारे लोग सालों-साल मेहनत करते हुए अपने सेविंग अकाउंट में पैसे जोड़ते हैं। जब कुछ पैसे इकट्ठा हो जाते हैं, तो उसकी FD (फिक्स डिपॉजिट) करा लेते हैं। भारत में ज्यादातर लोग FD को सबसे आसान और सुरक्षित ऑप्शन मानते हैं। लेकिन क्या FD वाकई आपके पैसे के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है? कई बार FD कराना घाटे का सौदा हो सकता है, खासकर अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं। ऐसे में आज हम आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि- सवाल- FD क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- FD एक ऐसा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है जिसमें आप अपना पैसा बैंक में एक तय समय के लिए जमा करते हैं। यह समय 7 दिन से लेकर 10 साल तक हो सकता है। बदले में, बैंक आपको एक तय ब्याज दर पर रिटर्न देता है। उदाहरण के लिए, अगर आप 10,000 रुपए को 1 साल के लिए 6% ब्याज दर पर FD में डालते हैं, तो एक साल बाद आपको 10,600 रुपए मिलेंगे। FD के फायदे लेकिन हर चीज की तरह FD के भी कुछ नुकसान हैं, जिनके बारे में आपको जानना जरूरी है। सवाल- FD के नुकसान क्या हैं? यह घाटे का सौदा क्यों हो सकता है? जवाब- FD को लेकर कई बार लोग सोचते हैं कि यह सबसे सेफ और बेस्ट ऑप्शन है, लेकिन कुछ कारणों से यह घाटे का सौदा हो सकता है। आइए इन नुकसान को ग्राफिक के जरिए समझते हैं। इस तरह के नुकसान की वजह से FD कई बार आपके पैसे को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका नहीं होता है। खासकर अगर आप लॉन्ग-टर्म में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो कुछ विकल्प FD से बेहतर साबित हो सकते हैं। सवाल- पूरी सेविंग्स FD में क्यों नहीं निवेश करना चाहिए? जवाब- अपनी पूरी सेविंग्स FD में डालना समझदारी नहीं है। FD उन लोगों के लिए अच्छा है, जो शॉर्ट-टर्म गोल्स (1-3 साल) के लिए पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं। खुद के लिए इमरजेंसी फंड बनाना चाहते हैं और रिस्क उठाने से बचना चाहते हैं। अगर आप लॉन्ग-टर्म में अपने पैसे को बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी सेविंग्स का सिर्फ एक हिस्सा FD में डालें। बाकी पैसा आप उन इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स में लगा सकते हैं जो ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं। ऐसा करके आप रिस्क को बैलेंस कर सकते हैं। साथ ही इन्फ्लेशन को मात देने सकते हैं। इससे आपका पोर्टफोलियो डायवर्सिफाइड होता है। यानी अगर एक इन्वेस्टमेंट में नुकसान हो, तो दूसरा उसे कवर कर सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 5 लाख रुपए हैं, तो आप 2 लाख रुपए FD में डाल सकते हैं ताकि वह सुरक्षित रहे। बाकी 3 लाख रुपए को आप म्यूचुअल फंड्स, PPF या कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में डाल सकते हैं। इससे आप सेफ्टी और ग्रोथ दोनों पा सकते हैं। सवाल- निवेश के अन्य विकल्प क्या हैं, जो लॉन्ग टर्म में बेहतर रिटर्न दे सकते हैं? जवाब- अब सवाल यह है कि FD के अलावा कौन-कौन से ऑप्शन्स हैं, जो सुरक्षित हों और बेहतर रिटर्न दे सकते हों। एक्सपर्ट्स कई ऐसे इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स सुझाते हैं जो FD से ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि, इनमें कुछ विकल्प में जोखिम हो सकता है। आइए इनके बारे में ग्राफिक्स के जरिए समझते हैं। म्यूचुअल फंड्स पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) कॉरपोरेट बॉन्ड्स रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) सवाल- अपनी सेविंग्स को कैसे डायवर्सिफाई करें? जवाब- अब आइए एक प्रैक्टिकल उदाहरण देखते हैं कि आप अपनी सेविंग्स को कैसे डायवर्सिफाई कर सकते हैं। मान लीजिए आपके पास 5 लाख रुपए हैं, तो आप इन्वेस्टमेंट के लिए इसे आप अलग-अलग जगह लगा सकते हैं। इस तरह बांट सकते हैं। फिक्स डिपॉजिट (FD) पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) म्यूचुअल फंड हालांकि, यह सिर्फ एक उदाहरण है। रिटर्न तय ब्याज दर और बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। हालांकि, आप इससे डायवर्सिफिकेशन को समझ सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। सवाल- इन्वेस्टमेंट चुनने से पहले क्या ध्यान रखें? जवाब- निवेश करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आमतौर पर लोग अपनी समझ के आधार पर निवेश करने लगते हैं। ऐसे में कोई भी इन्वेस्टमेंट चुनने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। रिस्क टॉलरेंस: आप कितना रिस्क ले सकते हैं? अगर आप रिस्क से बचना चाहते हैं, तो PPF या FD बेहतर हैं। अगर थोड़ा रिस्क ले सकते हैं, तो म्यूचुअल फंड्स या ELSS चुनें। पीरियड: आप कितने समय के लिए इन्वेस्ट करना चाहते हैं? शॉर्ट-टर्म के लिए FD, लॉन्ग-टर्म के लिए PPF या म्यूचुअल फंड्स। फाइनेंशियल गोल्स: आपका लक्ष्य क्या है? रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई, या घर खरीदना? अपने गोल्स के हिसाब से इन्वेस्टमेंट चुनें। टैक्स इम्प्लिकेशन्स: कुछ ऑप्शन्स जैसे PPF और ELSS टैक्स बेनिफिट्स देते हैं, जबकि FD का ब्याज टैक्सेबल होता है। रिसर्च और सलाह: इन्वेस्टमेंट करने से पहले हमेशा रिसर्च करें और अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। …… आपका पैसा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें आपका पैसा- पर्सनल और टॉप-अप लोन क्या है:दोनों में क्या है फर्क, कौन-सा लोन बेहतर, कितनी है ब्याज दर, जानें लेने का प्रोसेस कभी-कभी जिंदगी में ऐसे मौके आते हैं जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। जैसे घर खरीदना हो या नया मकान बनाना हो, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल खर्च या शादी-ब्याह के लिए। पूरी खबर पढ़ें