हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद व फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनोट की फिल्म इमरजेंसी को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा U/A सर्टिफिकेट दे दिया गया है। हालांकि इस फिल्म के कई सीन पर CBFC ने आपत्ति जताई है, जिसकी वजह से अब ये फिल्म कई कट और बदलावों के बाद कुछ ही हफ्तों में रिलीज की जाएगी।
CBFC ने इस फिल्म से 3 सीन डिलीट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सख्त हिदायत दी है कि फिल्म को रिलीज करने से पहले इसमें 10 बदलाव करने होंगे। बता दें कि इस फिल्म को लेकर सिख संगठनों ने आपत्ति जताई थी, जिसके कारण CBFC की और से फिल्म को दिया जाने वाला सर्टिफिकेट रोक दिया गया था। कंगना ने खुद सामने आकर इस बात की जानकारी देते हुए बताया था कि सर्टिफिकेट ना मिलने के कारण फिल्म अपने तय समय पर रिलीज नहीं हो पाई है। हालांकि सेंसर बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट मिलने के बाद अभी तक सिख संगठनों की तरफ से या फिर कंगना के तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सिखों ने किया था ‘इमरजेंसी’ का विरोध
हाल ही में कंगना ने अपनी इस फिल्म का ट्रेलर सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, फिल्म 6 सितंबर को रिलीज भी होने वाली थी। लेकिन इसी बीच कुछ सिख संगठनों ने इस फिल्म का विरोध शुरू कर दिया। दरअसल 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी पर बनी इस फिल्म में पंजाब में 1980 के दशक का आतंकवाद का दौर को भी दिखाया गया है। सिख संगठनों का आरोप है कि इस फिल्म में सिखों को आतंकी दिखाने का प्रयास किया गया।
इसमें एक कैरेक्टर को जरनैल सिंह भिंडरांवाला भी बनाया गया है। जिसे कट्टरपंथी सिख संत के तौर पर देखते हैं। सिख संगठनों का मानना है कि फिल्म में ब्लू स्टार ऑपरेशन को भी फिल्माया गया है, जो जरनैल सिंह भिंडरांवाला को खत्म करने के लिए ही चलाया गया था। सिख समुदाय ने कंगना पर उठाई थी कानूनी कार्रवाई की मांग
फिल्म का विरोध करते हुए हजारों सिखों ने मुंबई स्थित 4 बंगला गुरुद्वारे के बाहर इकट्ठा होकर खूब नारेबाजी की थी । उन्होंने कंगना रनोट के पोस्टर्स पर चप्पल मारी और फिल्म के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। सिख समुदाय के लोगों का कहना था कि वे किसी भी सूरत में इस फिल्म को मुंबई के सिनेमाघरों में रिलीज नहीं होने देंगे। उनका दावा था अगर प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे इसके खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। कोर्ट में पहुंचा मामला, 18 सिंतबर को अगली सुनवाई
विरोध के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट देने का मामला कोर्ट में पहुंच गया। जिसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई की अगली तारीख 18 सितंबर है। बीते 4 सितंबर को भी इस मामले में सुनवाई हुई थी। जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को 18 सितंबर तक फिल्म को लेकर ऑब्जेक्शन क्लियर करने और सर्टिफिकेट देने के निर्देश दिए थे। विवादित बयानों के सोर्स बताने होंगे
इमरजेंसी में दिखाए गए विवादित बयानों पर सेंसर बोर्ड ने फैक्ट्स दिखाने को कहा है। CBFC ने कहा है कि मेर्कस को इस फिल्म में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड मिल्हौस निक्सन द्वारा भारतीय महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के भारतीयों को खरगोशों की तरह प्रजनन करने वाले बयानों के सोर्स पेश करने होंगे। सेंसर बोर्ड की ओर से पत्र लिखकर मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 बदलावों की लिस्ट भेजी गई है। इनमें अधिकतर दृश्य वे हैं, जिन पर सिख संगठनों की तरफ से आपत्ति जताई गई है। एक सीन को बदलने का दिया सुझाव फिल्म के एक सीन में पाकिस्तानी सैनिकों को बांग्लादेश शरणार्थियों पर हमला करते हुए दिखाया गया है। इसमें उन्हें बच्चों व महिलाओं पर हमला करते हुए दिखाया गया है। CBFC ने इस सीन पर भी अपनी आपत्ति जताई है। बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से इस सीन को बदलने या फिर पूरी तरह डिलीट करने की मांग की है। जाने क्या है U/A सर्टिफिकेट
U/A सर्टिफिकेट का मतलब है ‘अप्रतिबंधित के साथ सावधानी’। ऐसी फिल्मों को 2 साल से कम उम्र के दर्शकों के लिए माता-पिता के मार्गदर्शन की आवश्यकता है। ये फिल्में परिवार के साथ देखी जा सकती हैं, लेकिन बच्चों को बड़ों के मार्गदर्शन की इसमें जरूरत पड़ती है। अगला प्रोजेक्ट होगा ‘भारत भाग्य विधाता’
कंगना रनोट ने कुछ दिन पहले ही अपना अगला प्रोजेक्ट ‘भारत भाग्य विधाता’ अनाउंस किया था। कंगना ने ट्वीट कर दी जानकारी दी थी कि परदे पर रियल-लाइफ हीरोइज्म का मैजिक देखने के लिए तैयार हो जाइए। इस फिल्म की अनाउंसमेंट करते हुए एक्साइटेड हूं।
CBFC ने इस फिल्म से 3 सीन डिलीट करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सख्त हिदायत दी है कि फिल्म को रिलीज करने से पहले इसमें 10 बदलाव करने होंगे। बता दें कि इस फिल्म को लेकर सिख संगठनों ने आपत्ति जताई थी, जिसके कारण CBFC की और से फिल्म को दिया जाने वाला सर्टिफिकेट रोक दिया गया था। कंगना ने खुद सामने आकर इस बात की जानकारी देते हुए बताया था कि सर्टिफिकेट ना मिलने के कारण फिल्म अपने तय समय पर रिलीज नहीं हो पाई है। हालांकि सेंसर बोर्ड की तरफ से सर्टिफिकेट मिलने के बाद अभी तक सिख संगठनों की तरफ से या फिर कंगना के तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सिखों ने किया था ‘इमरजेंसी’ का विरोध
हाल ही में कंगना ने अपनी इस फिल्म का ट्रेलर सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, फिल्म 6 सितंबर को रिलीज भी होने वाली थी। लेकिन इसी बीच कुछ सिख संगठनों ने इस फिल्म का विरोध शुरू कर दिया। दरअसल 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी पर बनी इस फिल्म में पंजाब में 1980 के दशक का आतंकवाद का दौर को भी दिखाया गया है। सिख संगठनों का आरोप है कि इस फिल्म में सिखों को आतंकी दिखाने का प्रयास किया गया।
इसमें एक कैरेक्टर को जरनैल सिंह भिंडरांवाला भी बनाया गया है। जिसे कट्टरपंथी सिख संत के तौर पर देखते हैं। सिख संगठनों का मानना है कि फिल्म में ब्लू स्टार ऑपरेशन को भी फिल्माया गया है, जो जरनैल सिंह भिंडरांवाला को खत्म करने के लिए ही चलाया गया था। सिख समुदाय ने कंगना पर उठाई थी कानूनी कार्रवाई की मांग
फिल्म का विरोध करते हुए हजारों सिखों ने मुंबई स्थित 4 बंगला गुरुद्वारे के बाहर इकट्ठा होकर खूब नारेबाजी की थी । उन्होंने कंगना रनोट के पोस्टर्स पर चप्पल मारी और फिल्म के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। सिख समुदाय के लोगों का कहना था कि वे किसी भी सूरत में इस फिल्म को मुंबई के सिनेमाघरों में रिलीज नहीं होने देंगे। उनका दावा था अगर प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे इसके खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। कोर्ट में पहुंचा मामला, 18 सिंतबर को अगली सुनवाई
विरोध के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट देने का मामला कोर्ट में पहुंच गया। जिसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई की अगली तारीख 18 सितंबर है। बीते 4 सितंबर को भी इस मामले में सुनवाई हुई थी। जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को 18 सितंबर तक फिल्म को लेकर ऑब्जेक्शन क्लियर करने और सर्टिफिकेट देने के निर्देश दिए थे। विवादित बयानों के सोर्स बताने होंगे
इमरजेंसी में दिखाए गए विवादित बयानों पर सेंसर बोर्ड ने फैक्ट्स दिखाने को कहा है। CBFC ने कहा है कि मेर्कस को इस फिल्म में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड मिल्हौस निक्सन द्वारा भारतीय महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के भारतीयों को खरगोशों की तरह प्रजनन करने वाले बयानों के सोर्स पेश करने होंगे। सेंसर बोर्ड की ओर से पत्र लिखकर मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 बदलावों की लिस्ट भेजी गई है। इनमें अधिकतर दृश्य वे हैं, जिन पर सिख संगठनों की तरफ से आपत्ति जताई गई है। एक सीन को बदलने का दिया सुझाव फिल्म के एक सीन में पाकिस्तानी सैनिकों को बांग्लादेश शरणार्थियों पर हमला करते हुए दिखाया गया है। इसमें उन्हें बच्चों व महिलाओं पर हमला करते हुए दिखाया गया है। CBFC ने इस सीन पर भी अपनी आपत्ति जताई है। बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से इस सीन को बदलने या फिर पूरी तरह डिलीट करने की मांग की है। जाने क्या है U/A सर्टिफिकेट
U/A सर्टिफिकेट का मतलब है ‘अप्रतिबंधित के साथ सावधानी’। ऐसी फिल्मों को 2 साल से कम उम्र के दर्शकों के लिए माता-पिता के मार्गदर्शन की आवश्यकता है। ये फिल्में परिवार के साथ देखी जा सकती हैं, लेकिन बच्चों को बड़ों के मार्गदर्शन की इसमें जरूरत पड़ती है। अगला प्रोजेक्ट होगा ‘भारत भाग्य विधाता’
कंगना रनोट ने कुछ दिन पहले ही अपना अगला प्रोजेक्ट ‘भारत भाग्य विधाता’ अनाउंस किया था। कंगना ने ट्वीट कर दी जानकारी दी थी कि परदे पर रियल-लाइफ हीरोइज्म का मैजिक देखने के लिए तैयार हो जाइए। इस फिल्म की अनाउंसमेंट करते हुए एक्साइटेड हूं।