कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ आज:पीएम मोदी लद्दाख में रजत जयंती समारोह में शामिल होंगे, शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे

आज (26 जुलाई) को कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लद्दाख के कारगिल जाएंगे। वे द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल में आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे।​​ ​​​​​यहां पीएम मोदी 1999 की जंग के नायकों को श्रद्धांजलि देंगे। उनके परिजनों से भी मुलाकात करेंगे। द्रास में कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती के मौके पर 24 से 26 जुलाई तक कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने 2022 में सैनिकों के साथ कारगिल में दिवाली मनाई थी। 26 जुलाई 1999 को भारत ने पाकिस्तान के सैनिकों को हराकर कारगिल की लड़ाई जीती थी। तभी से इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 84 दिनों तक चले इस युद्ध में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए थे, जबकि 1,363 घायल हुए थे। वहीं पाकिस्तान के 400 से अधिक सैनिक मारे गए। पीएम शिंकुन ला टनल प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन करेंगे
PMO के मुताबिक, पीएम मोदी सुबह करीब 9:20 बजे द्रास में कारगिल युद्ध के शहीदों की याद में बनाए गए कारगिल वॉर मेमोरियल में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शिंकुन ला टनल प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। यह टनल लेह को सभी मौसम में कनेक्टिविटी देगी। पूरी बनने के बाद यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी। आर्मी चीफ कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती समारोह में हुए शामिल
गुरुवार को आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती समारोह में शामिल होने कारगिल पहुंचे थे। उनके साथ कारगिल युद्ध के दौरान आर्मी चीफ रहे जनरल वीपी मलिक भी समारोह में शामिल हुए। जनरल मलिक ने द्रास के लामोचेन व्यू प्वाइंट पर 1999 की जंग के जांबाजों और उनके परिवारों से भी मुलाकात की। इससे पहले आर्मी चीफ ने चिनार कोर और LoC पर सुरक्षा की स्थिति का जायजा लिया। कारगिल विजय दिवस के मौके पर देशभर से सामने आई तस्वीरें… कारगिल विजय दिवस की कहानी
5 मई 1999 को पाकिस्तान की घुसपैठ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल की पहाड़ी चोटियों मई से जुलाई महीने में युद्ध हुआ। युद्ध करीब 84 दिनों तक चला। 26 जुलाई 1999 को भारत की जीत के साथ युद्ध आधिकारिक तौर पर खत्म हुआ। भारतीय सैनिकों के बलिदान और वीरता को याद करते हुए हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। कारगिल युद्ध में 500 से अधिक भारतीय सैनिक शहीद हुए
कारगिल की लड़ाई में भारतीय सेना के 2 लाख से अधिक सैनिकों ने हिस्सा लिया। युद्ध में 527 जवान शहीद, जबकि 1,363 घायल हुए थे। वहीं पाकिस्तान के 400 से अधिक घुसपैठी सैनिक मारे गए। यह खबर पढ़ें… कारगिल विजय के 25 साल:सगाई की अंगूठी ऑफिसर को सौंपी, कहा- न लौटूं तो मंगेतर तक पहुंचा देना; शहीद कैप्टन अनुज नैय्यर की कहानी ‘अभी तक कोई ऐसा माई का लाल नहीं मिला जो मुझसे जीत पाए। वो दिन कभी नहीं आएगा जब मुझे हार का स्वाद चखना पड़ेगा। डर नाम का कोई वर्ड उस डिक्शनरी में है ही नहीं जो आपने मुझे दी है।’ ये शब्द कैप्टन अनुज नैय्यर के हैं। ये खत उन्होंने शहीद होने से पहले अपने पिता को लिखा था। 26 जुलाई को कारगिल विजय के 25 साल पूरे हो रहे हैं। हम याद कर रहे हैं इस जीत के योद्धाओं को। टाइगर कैप्टन अनुज नैय्यर की पूरी कहानी यहां पढ़ें…