मध्यप्रदेश में नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल से 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू कर दी गई है। इसके साथ ही उज्जैन के काल भैरव मंदिर के सामने की दोनों शराब दुकानें भी बंद कर दी गई हैं। अब भक्तों के सामने भगवान को मदिरा का प्रसाद चढ़ाने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, अब शराब ब्लैक में दोगुने दाम पर बेची जा रही। शराबबंदी को लेकर महाकाल के सेनापति काल भैरव को चढ़ाई जाने वाली शराब को लेकर असमंजस की स्थिति थी। इसे लेकर अब तक कोई फैसला नहीं होने के चलते मंगलवार से मंदिर के सामने स्थित शराब की दोनों दुकानें भी बंद कर दी गईं। बता दें, मध्यप्रदेश के 19 धार्मिक स्थलों पर 47 शराब की दुकानों को बंद करने के बाद नगर निगम सीमा में आने वाली सभी दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। नियम के मुताबिक, इन दुकानों को कहीं और शिफ्ट नहीं किया गया है। धार्मिक नगरी उज्जैन में भी 17 शराब की दुकानों समेत 11 बार बंद कर दिए गए हैं। अन्य शहरों से शराब लेकर पहुंचे श्रद्धालु
आज मंगलवार सुबह मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कई भक्त अपने साथ शराब लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि शराबबंदी का निर्णय लिया गया है, इसलिए हम अपने साथ शराब लेकर आए हैं। कुछ को मंदिर आकर पता चला कि शराब नहीं मिल रही है। रोजाना 5 बार चढ़ाई जाती है मदिरा
मंदिर के पुजारी ने बताया कि दुकानें बंद होने के बावजूद मंदिर के भोग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। काल भैरव मंदिर में रोजाना पांच बार मदिरा का भोग लगाया जाता है, जिसकी व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाती है। हालांकि, कई भक्त अब भी शराब चढ़ाने के लिए अन्य शहरों से अपने साथ लेकर आ रहे हैं। शहरी सीमा की बंद हुईं ये 17 दुकानें मूल्य में 2 अरब 42 करोड़ 47 लाख 87 हजार की 17 दुकानें बंद कर दी गई हैं, जिनमें ये शामिल हैं- नेता प्रतिपक्ष बोले- शराबबंदी तो पूरे प्रदेश में करना चाहिए
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एएनआई से चर्चा में कहा- एक किलोमीटर के बाहर शराब की दुकान होगी तो उससे क्या फायदा? करना था तो पूरे जिले में लागू करना था। एक किलोमीटर बाहर से लेकर आ जाएगा। तो मतलब नहीं है। भाजपा सिर्फ नाम के लिए बात करती है। अगर उनकी नीयत साफ है तो पूरे जिले में या पूरे मप्र में लागू होना चाहिए। सारंग बोले- कमलनाथ सरकार 5 साल रहती तो घर-घर में बिकती
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- आज से 29 शहरों में शराब नहीं बिकेगी। क्योंकि वहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपने धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ करते हैं। सारंग ने कहा, कांग्रेस आरोप लगाती है कि पहले भी नर्मदा किनारे बंदी की गई थी। ऐसी नकारात्मक बातें करने का कोई औचित्य नहीं होगा। हमने तो प्रयास किया है, हम कर रहे हैं, इसलिए हमने निर्णय किया। कमलनाथ सरकार में कांग्रेस ने क्या किया था? उन्होंने घर-घर शराब बांटने की योजना बनाई थी। अगर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पांच साल चलती तो पान की दुकान में और घर-घर में शराब बिकती।
आज मंगलवार सुबह मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कई भक्त अपने साथ शराब लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि शराबबंदी का निर्णय लिया गया है, इसलिए हम अपने साथ शराब लेकर आए हैं। कुछ को मंदिर आकर पता चला कि शराब नहीं मिल रही है। रोजाना 5 बार चढ़ाई जाती है मदिरा
मंदिर के पुजारी ने बताया कि दुकानें बंद होने के बावजूद मंदिर के भोग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। काल भैरव मंदिर में रोजाना पांच बार मदिरा का भोग लगाया जाता है, जिसकी व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाती है। हालांकि, कई भक्त अब भी शराब चढ़ाने के लिए अन्य शहरों से अपने साथ लेकर आ रहे हैं। शहरी सीमा की बंद हुईं ये 17 दुकानें मूल्य में 2 अरब 42 करोड़ 47 लाख 87 हजार की 17 दुकानें बंद कर दी गई हैं, जिनमें ये शामिल हैं- नेता प्रतिपक्ष बोले- शराबबंदी तो पूरे प्रदेश में करना चाहिए
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एएनआई से चर्चा में कहा- एक किलोमीटर के बाहर शराब की दुकान होगी तो उससे क्या फायदा? करना था तो पूरे जिले में लागू करना था। एक किलोमीटर बाहर से लेकर आ जाएगा। तो मतलब नहीं है। भाजपा सिर्फ नाम के लिए बात करती है। अगर उनकी नीयत साफ है तो पूरे जिले में या पूरे मप्र में लागू होना चाहिए। सारंग बोले- कमलनाथ सरकार 5 साल रहती तो घर-घर में बिकती
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- आज से 29 शहरों में शराब नहीं बिकेगी। क्योंकि वहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपने धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ करते हैं। सारंग ने कहा, कांग्रेस आरोप लगाती है कि पहले भी नर्मदा किनारे बंदी की गई थी। ऐसी नकारात्मक बातें करने का कोई औचित्य नहीं होगा। हमने तो प्रयास किया है, हम कर रहे हैं, इसलिए हमने निर्णय किया। कमलनाथ सरकार में कांग्रेस ने क्या किया था? उन्होंने घर-घर शराब बांटने की योजना बनाई थी। अगर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पांच साल चलती तो पान की दुकान में और घर-घर में शराब बिकती।