जिन लोगों की कुंडली के सातवें घर में राहु होता है तो ऐसे लोग अपने पार्टनर के साथ बेईमानी षड्यंत्र करने का मन बना सकते हैं। इन रिश्तों में अंधकार करने की कोशिश करता है। ससुराल में भी ऐसे लोगों के संबंध खराब होते हैं। ससुराल से गैर जरूरी पैसा और संपत्ति पाने का लालच ऐसे लोगों के मन मे आता है। इस तरह के लोग अपने जीवनसाथी और प्रेमी-प्रेमिका पर भी शक करते रहते हैं। इनका जीवनसाथी बीमार भी हो तो वह उनका समय से इलाज नहीं करवाते। बीमारी बढ़ जाने से तन, मन और धन से परेशान होते रहते हैं। ऐसे लोगों को कमर के निचले हिस्सों में बीमारियां होने की आशंका ज्यादा होती है। ऐसे लोगों को पीठ दर्द भी होता है। राहु के कारण ऐसे लोग बीमारियों को और बढ़ा लेते हैं। डॉक्टर से इलाज लेना शुरू भी करते हैं तो पूरा इलाज नहीं लेते हैं। इलाज को बीच में ही बंद कर देते हैं और डॉक्टर भी बदलते रहते हैं। राहु के अशुभ असर से बचने के लिए क्या करें: इसके लिए जीवनसाथी और भागीदार से ईमानदारी से रहें। ससुराल से अच्छे संबंध रखें। किसी भी तरह की बीमारी होने पर डॉक्टर को जरुर दिखाएं। बीमारी खत्म होने तक इलाज पूरी तरह लेते रहें।