यूट्यूबर शिखा मैत्रेय ने अपने यूट्यूब चैनल ‘कुंवारी बेगम’ पर 115 वीडियो अपलोड किए थे। इनमें से अधिकांश अश्लील कंटेंट हैं। शिखा फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अश्लील कंटेंट डालती थी। वीडियो में नवजात बच्चों के साथ गंदा काम करने के लिए उकसाती थी। पुलिस जांच में ये बातें पता चली हैं। एक NGO की फाउंडर की शिकायत पर पुलिस ने 13 जून को शिखा मैत्रेय को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरफ्तारी से पहले ही उसने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट कर दिया था। काफी कंटेंट भी हटा दिया था। पुलिस अब उसके मोबाइल और लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजेगी। शिखा ने फैशन डिजाइनिंग का किया है कोर्स
23 साल की शिखा मैत्रेय गाजियाबाद के इंद्रगढ़ी की रहने वाली है। शिखा ने 2021-22 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) दिल्ली से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। कालकाजी में एक ई-कॉमर्स कंपनी में एग्जीक्यूटिव पोस्ट पर काम कर रही थी। शिखा के पिता गाजियाबाद के स्कूल में टीचर हैं। मां गुरुग्राम की कंपनी में इंजीनियर हैं। छोटी बहन 12वीं की पढ़ाई कर रही है। इन सबके अलावा शिखा पेशेवर ऑनलाइन गेमर है। शिखा ने कुछ समय तक बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब की थी। नौकरी गई तो यूट्यूब पर अश्लील कंटेंट डालने लगी
कोरोना के कुछ वक्त बाद ही जॉब छूट गई। वो गाजियाबाद लौट आई। फिर उसने यूटयूब चैनल पर वीडियो पोस्ट करना शुरू किया। यह चैनल उसने 2012 में बनाया था। पहले गेमिंग वीडियो अपलोड करती थी, लेकिन फॉलोअर्स नहीं बढ़ रहे थे। फिर चैनल का नाम बदलकर ‘कुंवारी बेगम’ कर दिया। यौन शोषण से संबंधित कंटेंट डालने लगी। सिर्फ 3 महीने के अंदर 2 हजार फॉलोअर्स पहुंच गए। एकम न्याय फाउंडेशन गुरुग्राम की फाउंडर दीपिका नारायण भारद्वाज को पिछले दिनों पता चला कि कुंवारी बेगम नाम का एक गेमिंग यूट्यूब चैनल चलाने वाली महिला नाबालिग और नवजात बच्चों से गंदा काम करने के लिए उकसा रही है। उन्होंने 12 जून को गाजियाबाद के थाना कौशांबी में IT एक्ट में FIR कराई। अगले ही दिन 13 जून को पुलिस ने शिखा को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। गिरफ्तारी से पहले शिखा ने अपने अकाउंट को प्राइवेट कर दिया। अकाउंट प्राइवेट किया
पुलिस जांच के मुताबिक, शिखा ने चैनल को डिलीट कर दिया है या फिर प्राइवेसी लगा दी है, ताकि किसी को चैनल या वीडियो न दिखे। हालांकि, उसके एक चैनल का एक स्क्रीनशॉट और एक वीडियो सामने आया है। स्क्रीन शॉट से पता चलता है कि शिखा के यूट्यूब अकाउंट पर दो हजार फॉलोअर्स थे। जो भी वीडियो अपलोड किए थे। इनमें से अधिकांश अश्लील कंटेंट हैं। वीडियो में शिखा एक युवक से अश्लील बातें कर रही है। उसे भद्दी सलाह दे भी रही है। कोर्ट से हाथोंहाथ मिली जमानत
पुलिस ने शिखा के खिलाफ IT एक्ट की धारा- 67A, 67B में मुकदमा दर्ज किया था। इन दोनों धाराओं में 7 साल या इससे कम की सजा का प्रावधान है। इसलिए कोर्ट ने शिखा को 13 जून को ही अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
23 साल की शिखा मैत्रेय गाजियाबाद के इंद्रगढ़ी की रहने वाली है। शिखा ने 2021-22 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) दिल्ली से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। कालकाजी में एक ई-कॉमर्स कंपनी में एग्जीक्यूटिव पोस्ट पर काम कर रही थी। शिखा के पिता गाजियाबाद के स्कूल में टीचर हैं। मां गुरुग्राम की कंपनी में इंजीनियर हैं। छोटी बहन 12वीं की पढ़ाई कर रही है। इन सबके अलावा शिखा पेशेवर ऑनलाइन गेमर है। शिखा ने कुछ समय तक बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब की थी। नौकरी गई तो यूट्यूब पर अश्लील कंटेंट डालने लगी
कोरोना के कुछ वक्त बाद ही जॉब छूट गई। वो गाजियाबाद लौट आई। फिर उसने यूटयूब चैनल पर वीडियो पोस्ट करना शुरू किया। यह चैनल उसने 2012 में बनाया था। पहले गेमिंग वीडियो अपलोड करती थी, लेकिन फॉलोअर्स नहीं बढ़ रहे थे। फिर चैनल का नाम बदलकर ‘कुंवारी बेगम’ कर दिया। यौन शोषण से संबंधित कंटेंट डालने लगी। सिर्फ 3 महीने के अंदर 2 हजार फॉलोअर्स पहुंच गए। एकम न्याय फाउंडेशन गुरुग्राम की फाउंडर दीपिका नारायण भारद्वाज को पिछले दिनों पता चला कि कुंवारी बेगम नाम का एक गेमिंग यूट्यूब चैनल चलाने वाली महिला नाबालिग और नवजात बच्चों से गंदा काम करने के लिए उकसा रही है। उन्होंने 12 जून को गाजियाबाद के थाना कौशांबी में IT एक्ट में FIR कराई। अगले ही दिन 13 जून को पुलिस ने शिखा को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। गिरफ्तारी से पहले शिखा ने अपने अकाउंट को प्राइवेट कर दिया। अकाउंट प्राइवेट किया
पुलिस जांच के मुताबिक, शिखा ने चैनल को डिलीट कर दिया है या फिर प्राइवेसी लगा दी है, ताकि किसी को चैनल या वीडियो न दिखे। हालांकि, उसके एक चैनल का एक स्क्रीनशॉट और एक वीडियो सामने आया है। स्क्रीन शॉट से पता चलता है कि शिखा के यूट्यूब अकाउंट पर दो हजार फॉलोअर्स थे। जो भी वीडियो अपलोड किए थे। इनमें से अधिकांश अश्लील कंटेंट हैं। वीडियो में शिखा एक युवक से अश्लील बातें कर रही है। उसे भद्दी सलाह दे भी रही है। कोर्ट से हाथोंहाथ मिली जमानत
पुलिस ने शिखा के खिलाफ IT एक्ट की धारा- 67A, 67B में मुकदमा दर्ज किया था। इन दोनों धाराओं में 7 साल या इससे कम की सजा का प्रावधान है। इसलिए कोर्ट ने शिखा को 13 जून को ही अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।