कुरुक्षेत्र के पिहोवा के सुशील कुमार का शव भारत लाने के लिए परिवार ने प्रशासन और सांसद से गुहार लगाई है। साथ ही परिवार ने फ्रांस एंबेसी को भी मदद के लिए ईमेल किया है। हालांकि अभी एंबेसी से उनकी ईमेल का कोई रिप्लाई नहीं आया है, जबकि प्रशासन ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बताते चलें कि पूजा कॉलोनी का रहने वाला सुशील पिछले साल 8 जनवरी को फ्रांस गया था। यहां पेरिस में उसकी मौत हो गई थी। 15 फरवरी को परिवार को मकान मालिक ने सुशील के सुसाइड करने की सूचना दी थी। हालांकि परिवार को सुसाइड की बात पर यकीन नहीं है। वे टॉर्चर करके सुशील का मर्डर करने का आरोप लगा रहे हैं। सौरव ने बताया कि उसके छोटे भाई की डेड बॉडी जल्दी भारत भेजने के लिए फ्रांस एंबेसी से मदद मांगी है। उसके लिए उन्होंने एंबेसी को ईमेल भेजी है। हालांकि अभी एंबेसी से ईमेल का कोई रिप्लाई नहीं आया है। इसके अलावा उसने मंगलवार को पिहोवा के SDM कपिल शर्मा को मांगपत्र दिया है। इसमें उन्होंने प्रशासन से आर्थिक मदद पर बॉडी मंगवाने की गुहार लगाई है। कैबिनेट मंत्री से गुहार
सौरव ने बताया कि उसके भाई की बॉडी लाने के लिए सांसद नवीन जिंदल को भी मांगपत्र दिया है। वे कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी से भी मुलाकात करेंगे ताकि उनको आर्थिक मदद मिल जाए। सुशील के सहारे ही उनका घर का गुजारा चल रहा था। पिता के रिटायरमेंट पर मिले पैसे से सुशील को फ्रांस भेजा था। उनकी इतनी गुंजाइश नहीं है कि वे फ्रांस से अपने भाई की बॉडी मंगवा सके। उधर, NRI इकबाल सिंह ने परिवार काे मदद का भरोसा दिया है। इकबाल सिंह जल्द फ्रांस जाएंगे, क्योंकि वे अभी अपने घर जालंधर आए हुए थे। परिवार उनसे लगातार संपर्क कर रहा है। इकबाल सिंह ने फ्रांस में बॉडी वापस लाने के लिए कई संस्थाओं से आह्वान किया है।
सौरव ने बताया कि उसके भाई की बॉडी लाने के लिए सांसद नवीन जिंदल को भी मांगपत्र दिया है। वे कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी से भी मुलाकात करेंगे ताकि उनको आर्थिक मदद मिल जाए। सुशील के सहारे ही उनका घर का गुजारा चल रहा था। पिता के रिटायरमेंट पर मिले पैसे से सुशील को फ्रांस भेजा था। उनकी इतनी गुंजाइश नहीं है कि वे फ्रांस से अपने भाई की बॉडी मंगवा सके। उधर, NRI इकबाल सिंह ने परिवार काे मदद का भरोसा दिया है। इकबाल सिंह जल्द फ्रांस जाएंगे, क्योंकि वे अभी अपने घर जालंधर आए हुए थे। परिवार उनसे लगातार संपर्क कर रहा है। इकबाल सिंह ने फ्रांस में बॉडी वापस लाने के लिए कई संस्थाओं से आह्वान किया है।