केंद्र सरकार ने शुक्रवार देर रात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के डायरेक्टर जनरल नितिन अग्रवाल और डिप्टी स्पेशल डीजी वाईबी खुरानिया को पद से हटा दिया है। दोनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। दोनों को अपने-अपने होम कैडर (नितिन अग्रवाल को केरल और खुरानिया को ओडिशा) रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। 1989 बैच के केरल कैडर के ऑफिसर नितिन अग्रवाल कार्यकाल बीच में छोड़ने वाले BSF के पहले डीजी होंगे। इनसे पहले जिन्होंने भी डीजी की जिम्मेदारी निभाई है, उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया है। अग्रवाल ने पिछले साल जून में पदभार ग्रहण किया था। उनका कार्यकाल 2026 में पूरा होना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने 30 जुलाई को कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी को आदेश जारी करने को कहा था, जिसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग की डायरेक्टर साक्षी मित्तल ने ये आदेश जारी किए हैं। हालांकि, दोनों टॉप अधिकारियों को हटाने की वजह और होम कैडर में मिलने वाली नई जिम्मेदारी के बारे में अभी बताया नहीं गया है। दावा- जम्मू-कश्मीर में बढ़ती आतंकी घुसपैठ को लेकर फैसला
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह फैसला जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई बढ़ती घटनाओं को लेकर किया है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 21 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में 24 एनकाउंटर और 11 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 14 लोगों और 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में बांंग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठ को भी फैसले की वजह बताया गया है। वाईबी खुरानिया ओडिशा के DGP बन सकते हैं
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वाईबी खुरानिया को ओडिशा में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की जिम्मेदारी मिल सकती हैं। BSF की जिम्मेदारी मिलने से पहले भी वे ओडिशा पुलिस के बड़े पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने एडिशनल DGP के अलावा राउरकेला, मयुरभंज और गंजम में SP भी रह चुके हैं। भुवनेश्वर, बेरहमपुर और संबलपुर रेंज DIG और IG भी रह चुके हैं। जम्मू में घुसपैठ का ज्यादा खतरा
BSF भारत के पश्चिमी हिस्से में जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात से लगी करीब 2,290 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है। इनमें जम्मू क्षेत्र सीमा पार सुरंगों के लिए संवेदनशील है। जम्मू में घने जंगल और पहाड़ी इलाके है। आतंकवादी इन इलाकों में छिपकर हमला करते हैं। यहां घुसपैठ का ज्यादा खतरा होता है। BSF की स्थापना पाकिस्तान से 1965 युद्ध के बाद हुई थी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह फैसला जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई बढ़ती घटनाओं को लेकर किया है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 21 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में 24 एनकाउंटर और 11 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 14 लोगों और 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में बांंग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठ को भी फैसले की वजह बताया गया है। वाईबी खुरानिया ओडिशा के DGP बन सकते हैं
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वाईबी खुरानिया को ओडिशा में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की जिम्मेदारी मिल सकती हैं। BSF की जिम्मेदारी मिलने से पहले भी वे ओडिशा पुलिस के बड़े पदों पर रह चुके हैं। उन्होंने एडिशनल DGP के अलावा राउरकेला, मयुरभंज और गंजम में SP भी रह चुके हैं। भुवनेश्वर, बेरहमपुर और संबलपुर रेंज DIG और IG भी रह चुके हैं। जम्मू में घुसपैठ का ज्यादा खतरा
BSF भारत के पश्चिमी हिस्से में जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात से लगी करीब 2,290 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है। इनमें जम्मू क्षेत्र सीमा पार सुरंगों के लिए संवेदनशील है। जम्मू में घने जंगल और पहाड़ी इलाके है। आतंकवादी इन इलाकों में छिपकर हमला करते हैं। यहां घुसपैठ का ज्यादा खतरा होता है। BSF की स्थापना पाकिस्तान से 1965 युद्ध के बाद हुई थी