कोलकाता रेप-मर्डर केस, स्वास्थ्य भवन पर डॉक्टरों का धरना जारी:संजय रॉय समेत 7 आरोपियों से CBI की पूछताछ; BJP की रैली में पहुंचे मिथुन चक्रवर्ती

कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों के प्रदर्शन का गुरुवार को 33वां दिन हैं। वे कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल, राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी, हेल्थ एजुकेशन डायरेक्टर (DHE) और हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टर (DHS) को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। बुधवार (11 सितंबर) को डॉक्टर्स ने कुछ मांगों के साथ बैठक करने के लिए मेल भेजा था। लेकिन ममता सरकार ने इसे ठुकरा दिया। डॉक्टर्स अब भी जवाब के इंतजार में स्वास्थ्य भवन के सामने धरना दे रहे हैं। इधर, बीजेपी नेता और एक्टर मिथुन चक्रवर्ती भी BJP की तरफ से निकाली एक रैली में पहुंचे। उन्होंने कहा- यह विरोध रुकना नहीं चाहिए। बंगाल अब मौजूदा सरकार के शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ जाग उठा है। रेप-मर्डर केस के मुख्य आरोपी संजय रॉय, 4 डॉक्टर्स और 2 पुलिस कर्मियों से बुधवार को पूछताछ हुई। मामला CBI के पास है। 11 सितंबर को डॉक्टरों के प्रदर्शन की तस्वीरें… मांगे ठुकराए जाने के बाद डॉक्टर बोले- हम भी जल्दी समाधान चाहते हैं
जूनियर डॉक्टरों ने रात साढ़े नौ बजे स्वास्थ्य भवन के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि सरकार हमारी मांग मान लेगी। हमारी मुख्य मांग पीड़ित के लिए न्याय है। हम भी जल्द समाधान करके काम पर लौटना चाहते हैं। सुबह-सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल करने में कोई राजनीति नहीं थी। जो लोग राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, वे ही राजनीति कर रहे हैं। हम पहले दिन से 5 सूत्रीय मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने कहा था- लगता नहीं खुले दिमाग से बात करना चाहते हैं डॉक्टर
जूनियर डॉक्टर्स की बैठक की मांग को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है। डॉक्टर्स ने बैठक के लिए चार शर्तें रखी थीं, जिसे लेकर सरकार ने कहा कि हम कोई शर्ते मानने को तैयार नहीं हैं। राज्य स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्‌टाचार्य ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ऐसा लगता नहीं हैं कि आंदोलनकारी डॉक्टर्स खुले दिमाग से बातचीत करना चाहते हैं। हम उनकी हर बात सुनने को तैयार हैं, लेकिन वे बैठक के लिए पहले से शर्तें नहीं रख सकते हैं। एक दिन पहले ममता बनर्जी ने 80 मिनट डॉक्टर्स का इंतजार किया
CM ममता ने 10 सितंबर को डॉक्टरों को मीटिंग के लिए सचिवालय बुलाया था। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें मेल भेजा गया। हालांकि जूनियर डॉक्टरों ने मीटिंग में आने से मना कर दिया। डॉक्टरों के इनकार के बावजूद ममता ने करीब 80 मिनट उनका इंतजार किया। आखिरकार जब डॉक्टर्स नहीं आए, तो ममता लौट गईं। डॉक्टर्स ने कहा- हम जिसका (राज्य स्वास्थ्य सचिव) इस्तीफा मांग रहे हैं, वही बैठक के लिए बुला रहा है। उसमें भी सरकार ने सिर्फ 10 डॉक्टरों को बुलाया। ये आंदोलन का अपमान है।