गाजा के खान यूनिस में बुधवार को एक फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर 43 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 21 लोग खाना लेने की कोशिश में मारे गए। जबकि 15 लोगों की मौत भगदड़ में कुचल कर हुई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह हादसा गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) सेंटर पर हुआ। मंत्रालय ने इजरायली सेना और अमेरिका पर “जानबूझकर” भूखे लोगों का नरसंहार करने का आरोप लगाया। GHF ने भी अब तक 20 लोगों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। लेकिन इसके लिए हमास से जुड़े लोगों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। UN ने GHF सेंटर्स को मौत का जाल करार दे चुका है। मई के अंत से अब तक इन सेंटर्स पर या आसपास 870 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। हादसे की तस्वीरें… इजराइल पर फिलिस्तीनियों को ड्रग्स देने का भी आरोप गाजा के सरकारी मीडिया ऑफिस (GMO) ने पिछले महीने इजराइली आर्मी पर फिलिस्तीनियों को ड्रग्स देने का आरोप लगाया था। GMO का कहना था कि गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) ने फिलिस्तीनी लोगों को जो आटे की बोरियां दी हैं, उनमें ऑक्सीकोडोन नाम की नशीली गोलियां मिली हैं। GHF को इजराइली सेना चलाती है और इसे अमेरिका से सपोर्ट मिलाता है। GMO ने कहा था कि यह लोगों को नशे की लत लगाने की साजिश है। इजराइल नशीली दवाओं को हथियार के तौर में इस्तेमाल कर रहा है। गाजा में अब तक 58 हजार से ज्यादा लोगों की मौत गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर 2023 में शुरू हुए युद्ध के बाद से इजराइली हमलों में गाजा के 58,573 लोग मारे गए हैं और 1,39,607 अन्य घायल हुए हैं। पिछले 24 घंटों में 94 लोगों की मौत हुई है और 252 घायल हुए। 18 मार्च को के बाद से अब तक कम से कम 7,750 लोग मारे गए हैं और 27,566 घायल हुए हैं। गाजा में जंग के बीच 5 लाख लोगों पर भुखमरी का संकट पैदा हो गया है। गाजा के हालात पर 12 मई को संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट पेश की थी। इसके मुताबिक अगर इजराइल पाबंदियां नहीं हटाता है तो गाजा में हर 5 में से 1 व्यक्ति भुखमरी की चपेट में आ सकता है। गाजा में 70% बिल्डिंग्स तबाह गाजा के मीडिया कार्यालय ने इजराइल पर आरोप लगाया कि वह गाजा पट्टी से फिलिस्तीनी आबादी खाली करने की साजिश रच रहा है। ऑफिस ने कहा कि इजराइली सेना जबरन बेदखली, बमबारी और सहायता रोककर गाजा को तबाह कर रही है। यह नरसंहार और नस्लीय सफाई है। इजराइल की कार्रवाइयों में अब तक कम से कम 56,331 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। GMO ने दावा किया था कि गाजा का 70% से ज्यादा बिल्डिंग्स तबाह हो चुकी हैं और 19 लाख लोग (85% आबादी) अपने घरों से बेघर हो गए हैं।