गुड हैबिट्स- काम के बीच में ब्रेक लेने की आदत:प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की पोमोडोरो तकनीक, जानें क्या है 20-20-20 का नियम

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां हर कोई अपने काम और जिम्मेदारियों में व्यस्त है, खुद के लिए समय निकालना बेहद जरूरी हो गया है। क्या आपने कभी सोचा कि दिन भर कुर्सी पर बैठे-बैठे काम करने से आपका शरीर और दिमाग परेशान हो जाते हैं? फिर भी हम अक्सर ब्रेक लेना भूल जाते हैं। काम के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेना एक ऐसी आदत है, जो न केवल हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि हमारी प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को भी बूस्ट करती है। यह इतनी आसान और प्रभावी है कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से जिंदगी में बड़ा बदलाव आ सकता है। आज ‘गुड हैबिट्स’ में जानते हैं कि ब्रेक लेना क्यों जरूरी है। साथ ही जानेंगे कि- ब्रेक लेना क्यों जरूरी है? लंबे समय तक लगातार काम करने से हमारा दिमाग और शरीर दोनों थक जाते हैं। एक ही जगह बैठे रहने या एक ही काम पर ध्यान देने से तनाव बढ़ता है और एकाग्रता कम होने लगती है। रिसर्च बताती है कि हमारा दिमाग 90-120 मिनट से ज्यादा देर तक पूरी तरह केंद्रित नहीं रह सकता। ऐसे में छोटे-छोटे ब्रेक लेने से दिमाग को आराम मिलता है और यह दोबारा तरोताजा होकर काम करने के लिए तैयार होता है। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और थकान जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी कहता है कि हर 30-60 मिनट में कुछ मिनट का ब्रेक लेकर हल्की शारीरिक गतिविधि करना सेहत के लिए फायदेमंद है। यह न सिर्फ शारीरिक समस्याओं को कम करता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर करने में मदद करता है। काम के बीच ब्रेक लेने के फायदे ब्रेक लेने के फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि इतनी छोटी चीज इतना बड़ा असर डाल सकती है। ग्राफिक में देखिए- ग्राफिक में दिए पॉइंट्स विस्तार से समझिए- 1. प्रोडक्टिविटी बढ़ती है छोटे ब्रेक लेने से दिमाग को रीचार्ज होने का मौका मिलता है। एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से ब्रेक लेते हैं, उनकी प्रोडक्टिविटी बिना रुके काम करने वालों से ज्यादा होती है। ब्रेक के बाद आप ताजगी के साथ काम पर लौटते हैं और ज्यादा फोकस कर पाते हैं। 2. तनाव कम होता है लगातार काम करने से स्ट्रेस हार्मोन यानी कॉर्टिसोल बढ़ता है, जिससे सेहत को नुकसान होता है। ब्रेक लेने से दिमाग रिलैक्स होता है और तनाव कम होता है। गहरी सांस लेना, टहलना या मेडिटेशन करना इसे और बेहतर बनाता है। 3. क्रिएटिविटी में सुधार कभी किसी काम में अटक गए हों, तो ब्रेक लेकर देखें। दिमाग को नई दिशा में सोचने का मौका मिलता है और कई बार समस्याओं का हल अपने आप सूझ जाता है। क्रिएटिव काम करने वालों के लिए यह तोहफा है। 4. शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लंबे समय तक बैठे रहने से कमर दर्द, गर्दन में अकड़न और आंखों में थकान हो सकती है। ब्रेक में स्ट्रेचिंग, टहलना या आंखों को आराम देना इन समस्याओं को कम करता है। यह मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज के खतरे को भी घटाता है। 5. बेहतर मूड और एनर्जी ब्रेक लेने से मूड अच्छा होता है और नई ऊर्जा आती है। दोस्तों से बात करना, म्यूजिक सुनना या बस खिड़की से बाहर झांकना। ये छोटी चीजें काम को बोझिल होने से बचाती हैं। ब्रेक लेने का सही तरीका ब्रेक लेना जरूरी है, लेकिन इसे सही तरीके से करना और भी जरूरी है। फोन स्क्रॉल करने में समय बर्बाद करने से फायदा नहीं होगा। ग्राफिक में देखिए- पोमोडोरो तकनीक: यह एक टाइम मैनेजमेंट तकनीक है, जिसमें आप 25 मिनट तक काम करते हैं और फिर 5 मिनट का ब्रेक लेते हैं। हर चार सेशन के बाद 15-30 मिनट का लंबा ब्रेक लिया जाता है। यह तकनीक प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और थकान कम करने में बहुत कारगर है। हल्की फिजिकल एक्टिविटी: ब्रेक के दौरान कुर्सी से उठकर थोड़ा टहलें, स्ट्रेचिंग करें या सीढ़ियां चढ़ें-उतरें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में अकड़न कम होती है।। आंखों को आराम दें: अगर आप कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे आंखों की थकान कम होती है। माइंडफुलनेस और मेडिटेशन: ब्रेक के दौरान गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें या 2-3 मिनट का मेडिटेशन करें। यह दिमाग को शांत करता है और तनाव को कम करता है। स्क्रीन से दूरी बनाएं: ब्रेक के दौरान फोन या सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से बचें। यह दिमाग को और थका सकता है। इसके बजाय, खिड़की से बाहर देखें, पानी पिएं या किसी से बात करें। हेल्दी स्नैक्स लें: ब्रेक में कॉफी या चाय की जगह फल, नट्स या हल्का स्नैक लें। इससे शरीर को पोषण मिलता है और एनर्जी बनी रहती है। ब्रेक लेने की आदत कैसे बनाएं? किसी भी नई आदत को अपनाने के लिए समय और मेहनत चाहिए। कुछ टिप्स इस आदत को आपकी दिनचर्या का हिस्सा बनाने में मदद करेंगे। ग्राफिक में देखिए- ग्राफिक में दिए सभी पॉइंट्स विस्तार से समझिए- रिमाइंडर सेट करें: अपने फोन या कंप्यूटर पर हर 1-2 घंटे में ब्रेक लेने का रिमाइंडर लगाएं। इससे आपको समय पर ब्रेक लेना याद रहेगा। छोटे ब्रेक से शुरुआत करें: अगर आप ब्रेक लेने के आदी नहीं हैं, तो 2-3 मिनट के छोटे ब्रेक से शुरुआत करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। कुलीग्स को शामिल करें: अपने ऑफिस के दोस्तों के साथ ब्रेक लेने की प्लानिंग करें। इससे ब्रेक लेना मजेदार और नियमित हो जाएगा। ब्रेक का समय निर्धारित करें: हर दिन एक ही समय पर ब्रेक लेने की कोशिश करें। इससे यह आदत आसानी से बन जाएगी। खुद को रिवॉर्ड दें: ब्रेक के बाद अच्छा काम करने पर खुद को छोटा-सा इनाम दें, जैसे पसंदीदा गाना सुनना या कॉफी पीना। ब्रेक न लेने के नुकसान अगर आप काम के बीच ब्रेक नहीं लेते, तो इसके कई नुकसान हो सकते हैं। लंबे समय तक लगातार काम करने से मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन और बर्नआउट का खतरा बढ़ता है। शारीरिक रूप से, यह कमर दर्द, मोटापा और हार्ट डिजीज जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा, प्रोडक्टिविटी कम होने से काम की क्वालिटी भी प्रभावित होती है।। वेलनेस ब्रेक्स को मिल रहा बढ़ावा कई सफल लोग अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए ब्रेक लेने की आदत को अपनाते हैं। उदाहरण के लिए, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स अपने व्यस्त शेड्यूल में भी छोटे-छोटे ब्रेक लेते हैं। वे मानते हैं कि यह उनकी क्रिएटिविटी और डिसीजन-मेकिंग को बेहतर बनाता है। भारत में भी, कई कॉर्पोरेट ऑफिस अब ‘वेलनेस ब्रेक्स’ को बढ़ावा दे रहे हैं, जहां कर्मचारियों को योग, मेडिटेशन या हल्की एक्सरसाइज के लिए समय दिया जाता है। तरोताजा होकर फिर करें काम काम के बीच में ब्रेक लेना एक छोटी-सी आदत है, लेकिन इसके फायदे बड़े हैं। यह आपकी सेहत, प्रोडक्टिविटी और खुशहाली को बढ़ाता है। आज से ही इसे अपनाएं और देखें कि आपकी जिंदगी कैसे बदलती है। थोड़ा रुकें, ब्रेक लें तरोताजा होकर फिर से काम में जुट जाएं। …………………….. ये खबर भी पढ़ें
गुड–हैबिट्स- क्या आप दूसरों की बात ध्यान से सुनते हैं: एक अच्छे लिसनर में होतीं हैं 4 खासियतें, 5 स्टेप में सीखें सुनने की कला साल 2018 में स्विट्जरलैंड, जर्मनी और अमेरिका में365 शादीशुदा जोड़ों पर रिसर्च हुई। इसमें पता चला कि जब एक पार्टनर दूसरे की बात ध्यान से सुनता है तो बोलने वाले का तनाव कम होता है और रिश्ता मजबूत बनता है। पूरी खबर पढ़िए…