आज (गुरुवार, 10 जुलाई) आषाढ़ मास की पूर्णिमा है, आज गुरु पूजा का महापर्व गुरु पूर्णिमा मनाया जा रहा है। ये गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का पर्व है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं, क्योंकि इसी तिथि पर महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। गुरु का स्थान देवताओं से भी ऊपर माना जाता है। गुरु ही हमें अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं, जीवन की सही दिशा दिखाते हैं और जीवन में उन्नति की ओर बढ़ाते हैं, भगवान को पाने का मार्ग भी गुरु ही बताते हैं। आध्यात्मिक जीवन में भी गुरु के बिना सफलता नहीं मिल सकती है। जानिए गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा कैसे कर सकते हैं अगर गुरु जीवित हैं तो गुरु पूर्णिमा पर उनकी साक्षात पूजा करें। अगर हम गुरु की साक्षात पूजा नहीं कर सकते हैं तो उनके चित्र की पूजा करें। अगर गुरु जीवित नहीं हैं या किसी को गुरु नहीं बनाया है तो अपने इष्टदेव जैसे शिव जी, श्रीहरि, गणेश जी, श्रीकृष्ण, श्रीराम, हनुमान, देवी दुर्गा की पूजा कर सकते हैं। इनके साथ ही वेद व्यास की भी पूजा करनी चाहिए। गुरु पूर्णिमा पर कौन-कौन से शुभ काम करें