शुक्रवार को पुरी में रथ यात्रा के दौरान भीषण गर्मी और भीड़भाड़ में फंसने के कारण करीब 600 लोग बीमार पड़ गए। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुरी CDMO डॉ. किशोर सतपथी के मुताबिक कई लोगों ने मामूली चोटें, उल्टी और बेहोशी की शिकायत की, जिसका मुख्य कारण भीड़भाड़ था। कई लोगों को प्रारंभिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। कोई हताहत नहीं हुआ। पुरी के जिला अस्पताल में करीब 70 लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 9 की हालत गंभीर है। इधर, शनिवार सुबह मंगला आरती और खिचड़ी भोग के बाद करीब 10 बजे रथ यात्रा दोबारा शुरू होगी। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र] सुभद्रा के साथ करीब 3 किमी दूर मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाएंगे। 5 जुलाई को भगवान जगन्नाथ भाई-बहन के साथ मुख्य मंदिर लौटेंगे। पिछले साल भी ऐसी स्थिति बनी थी जब रथ यात्रा दो दिन तक चली। पुरी रथ यात्रा के पहले दिन की तस्वीरें… सूर्यास्त के बाद रथ नहीं खींचे जाते इसलिए रोकी रथ यात्रा 27 जून को जगन्नाथ रथ यात्रा शाम 4 बजे बाद शुरू हुई। पुरी के महाराज गजपति दिव्य सिंह देव ने रथों के आगे सोने के झाडू से बुहारा लगाकर छेरा पहोरा की रस्म पूरी की। इसके बाद बलभद्र का रथ खींचा गया। ये मेडिकल चौराहा तक ही पहुंच पाया। जो मंदिर से तकरीबन 200 मीटर दूर है। इसके पीछे सुभद्रा का रथ और आखिरी में भगवान जगन्नाथ का रथ था। सूर्यास्त हो जाने के कारण रथ यात्रा रोक दी। रात में भगवान की सभी पूजा विधियां रथ पर ही हुईं। यहां रथ यात्रा के दौरान एक एंबुलेंस फंस गई थी। जिसे निकालने के लिए ह्यूमन चेन बनाई गई। अहमदाबाद में हाथी के बेकाबू हाेने से मची भगदड़ कल अहमदाबाद में गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह 4 बजे मंगला आरती की। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रथ यात्रा की शुरुआत की। यात्रा में शुक्रवार सुबह 10 बजे एक हाथी बेकाबू हो गया और 100 मीटर तक भागा। इसके बाद रथ यात्रा में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागते दिखे। बेकाबू हुआ हाथी 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। मुश्किल से काबू पाया गया। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया है।