सोमवार, 26 अगस्त को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। द्वापर युग में भगवान विष्णु ने भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर श्रीकृष्ण अवतार लिया था। इस बार जन्माष्टमी पर सोमवार और रोहिणी नक्षत्र का योग होने से सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है। इस योग में किए गए पूजा-पाठ अक्षय पुण्य देते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, श्रीकृष्ण विष्णु जी के आठवें अवतार हैं। द्वापर युग में जब अधर्म बढ़ रहा था, तब विष्णु जी ने धर्म की स्थापना करने के लिए श्रीकृष्ण अवतार लिया था। श्रीकृष्ण की वजह से कंस, जरासंध, कालयवन जैसे असुरों का अंत हुआ। भगवान ने पांडवों की मदद करके अधर्मी कौरव वंश का नाश करवाया। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जप करना चाहिए। जानिए जन्माष्टमी पर पूजा-पाठ से जुड़ी कौन-कौन सी बातें ध्यान रखनी चाहिए…