जम्मू-कश्मीर के डोडा में असर के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इसमें आर्मी के एक कैप्टन शहीद हो गए हैं। सेना ने कहा- 4 आतंकियों की भी मारे जाने की खबर है। सेना ने बताया कि शहीद कैप्टन दीपक जारी एनकाउंटर में अपनी टीम को लीड कर रहे थे। बुधवार सुबह गोली लगने के बाद भी वे अपनी टीम के जवानों को निर्देश दे रहे थे। इसके बाद उन्हें घटना स्थल से हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। एनकाउंटर अभी भी जारी है। आतंकी असर क्षेत्र में एक नदी के पास छिपकर फायरिंग कर रहे हैं। बुधवार सुबह एनकाउंटर वाली जगह पर आतंकवादी हथियार छोड़कर पीछे की और भाग गए हैं। अमेरिकी एम4 राइफल भी बरामद की गई है। तीन बैग में कुछ विस्फोटक भी मिला है। इधर, आतंकी घटनाओं पर दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा मंत्री बैठक कर रहे हैं। इसमें NSA अजीत डोभाल, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर
स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जम्मू में 3000 से अधिक सेना के जवान और BSF के 2000 जवान तैनात किए गए हैं। वहीं आतंकवाद से निपटने के लिए असम राइफल्स के करीब 1500-2000 जवान भी तैनात किए जा रहे हैं। कठुआ में 8 ग्राउंड वर्कर्स गिरफ्तार, आतंकियों की मदद कर रहे थे
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पुलिस ने सोमवार (12 अगस्त) को 8 ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया है। जैश आतंकी मॉड्यूल के इन वर्कर्स ने 26 जून को डोडा में मारे गए 3 जैश के आतंकियों की मदद की थी। इन ओवर ग्राउंड वर्कर्स ने आतंकियों को बॉर्डर पार करने के बाद डोडा के जंगल और पहाड़ियों तक पहुंचाने में मदद की थी। साथ ही उन्हें खाना और रहने के लिए जगह भी मुहैया कराई थी। आतंकी मॉड्यूल के ये वर्कर्स पाकिस्तान में बैठे जैश के हैंडलर्स से भी संपर्क में थे। 26 जून के एनकाउंटर के बाद सेंट्रल एजेंसियों ने ही पुलिस को इन वर्कर्स के गंडोह में छिपे होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने बताया कि इनपुट मिलने के बाद गंडोह में 50 से ज्यादा लोगों की पूछताछ की गई थी। सबूत मिलने और पूछताछ में आतंकियों की मदद करने की बात कबूलने पर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरगना लतीफ तय करता था मॉड्यूल में किसे भर्ती किया जाएगा
पुलिस ने बताया कि इस आतंकी मॉड्यूल का सरगना मोहम्मद लतीफ था। वह कठुआ के अम्बे नाल इलाके में रहता था। जैश आतंकियों के हैडंलर्स से लतीफ ही मुख्य रूप से संपर्क करता था। लतीफ ही तय करता था कि नेटवर्क में किसे शामिल करना है और किसे नहीं। गिरफ्तार किए गए लोगों में लतीफ के अलावा अख्तर अली, सद्दाम कुशल, नूरानी, मकबूल, लियाकत और कासिम हैं। ये सभी कठुआ के ही रहने वाले थे।
स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जम्मू में 3000 से अधिक सेना के जवान और BSF के 2000 जवान तैनात किए गए हैं। वहीं आतंकवाद से निपटने के लिए असम राइफल्स के करीब 1500-2000 जवान भी तैनात किए जा रहे हैं। कठुआ में 8 ग्राउंड वर्कर्स गिरफ्तार, आतंकियों की मदद कर रहे थे
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पुलिस ने सोमवार (12 अगस्त) को 8 ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया है। जैश आतंकी मॉड्यूल के इन वर्कर्स ने 26 जून को डोडा में मारे गए 3 जैश के आतंकियों की मदद की थी। इन ओवर ग्राउंड वर्कर्स ने आतंकियों को बॉर्डर पार करने के बाद डोडा के जंगल और पहाड़ियों तक पहुंचाने में मदद की थी। साथ ही उन्हें खाना और रहने के लिए जगह भी मुहैया कराई थी। आतंकी मॉड्यूल के ये वर्कर्स पाकिस्तान में बैठे जैश के हैंडलर्स से भी संपर्क में थे। 26 जून के एनकाउंटर के बाद सेंट्रल एजेंसियों ने ही पुलिस को इन वर्कर्स के गंडोह में छिपे होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने बताया कि इनपुट मिलने के बाद गंडोह में 50 से ज्यादा लोगों की पूछताछ की गई थी। सबूत मिलने और पूछताछ में आतंकियों की मदद करने की बात कबूलने पर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरगना लतीफ तय करता था मॉड्यूल में किसे भर्ती किया जाएगा
पुलिस ने बताया कि इस आतंकी मॉड्यूल का सरगना मोहम्मद लतीफ था। वह कठुआ के अम्बे नाल इलाके में रहता था। जैश आतंकियों के हैडंलर्स से लतीफ ही मुख्य रूप से संपर्क करता था। लतीफ ही तय करता था कि नेटवर्क में किसे शामिल करना है और किसे नहीं। गिरफ्तार किए गए लोगों में लतीफ के अलावा अख्तर अली, सद्दाम कुशल, नूरानी, मकबूल, लियाकत और कासिम हैं। ये सभी कठुआ के ही रहने वाले थे।