जरूरत की खबर- इन्वर्टर बैटरी की लाइफ कैसे बढ़ाएं:7 संकेतों से पहचानें बैटरी को पानी की जरूरत, डालते हुए ध्यान रखें 8 बातें

गर्मी में बिजली कटौती आम बात है। ऐसे में इन्वर्टर हमारी सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है। हालांकि इन्वर्टर की बैटरी में अगर पानी की मात्रा कम हो जाए, तो यह उसकी परफॉर्मेंस और लाइफ दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। ज्यादातर लोगों को लगता हैं कि बस बैटरी चार्ज रखना ही काफी है, जबकि असली देखभाल डिस्टिल्ड पानी से शुरू होती है। अगर समय रहते पानी नहीं डाला गया तो बैटरी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। बैटरी जल्दी हीट हो सकती है। साथ ही चार्जिंग-बैकअप दोनों प्रभावित हो सकते हैं। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि इन्वर्टर बैटरी में पानी क्यों डालना जरूरी है? साथ ही बात करेंगे कि- एक्सपर्ट: शशिकांत उपाध्याय, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर, अहमदाबाद सवाल- इन्वर्टर बैटरी में पानी क्यों डालना जरूरी होता है? जवाब- इन्वर्टर बैटरी के अंदर सल्फ्यूरिक एसिड और पानी मिलकर एक खास केमिकल प्रक्रिया चलाते हैं, जिससे बैटरी एनर्जी बना पाती है। जब पानी की मात्रा घटती है तो एसिड गाढ़ा हो जाता है और यह प्रक्रिया कमजोर पड़ने लगती है। इससे बैटरी की चार्जिंग क्षमता और बैकअप दोनों कम हो जाते हैं। इसके अलावा पानी बैटरी को ठंडा रखने में भी मदद करता है। अगर पानी कम हो जाए तो बैटरी ज्यादा गर्म हो सकती है। सवाल- इन्वर्टर बैटरी में कौन सा पानी डालना चाहिए? जवाब- इन्वर्टर बैटरी में सिर्फ डिस्टिल्ड (Distilled) या डिमिनरलाइज्ड पानी ही डालना चाहिए। यह पानी बिल्कुल शुद्ध होता है। इसमें साल्ट, मिनरल्स या गंदगी नहीं होती है। इस पानी का इस्तेमाल इन्वर्टर बैटरियों के साथ मेडिकल, लैब्स, एक्वेरियम, कार बैटरियों और एयरप्लेन इंजन तक में किया जाता है। इसके कई फायदे हैं- सवाल- इन्वर्टर बैटरी में पानी कम है, इसकी कैसे पहचान कर सकते हैं? जवाब- अगर बैटरी में पानी कम हो जाए तो उसकी परफॉर्मेंस धीरे-धीरे गिरने लगती है और बैटरी जल्दी खराब हो सकती है। इसलिए समय रहते पहचानना जरूरी है कि पानी टॉप-अप करने का वक्त आ गया है या नहीं। नीचे कुछ आसान संकेत दिए गए हैं, जो बताते हैं कि बैटरी में पानी की कमी है। सवाल- क्या इन्वर्टर बैटरी में नल या पीने का पानी डाल सकते हैं? जवाब- नहीं, इन्वर्टर बैटरी में कभी भी नल का या पीने का पानी नहीं डालना चाहिए। इन पानी में मिनरल्स (Minerals), साल्ट (Salts), धूल और दूसरे कण मौजूद होते हैं, जो बैटरी की प्लेट्स पर जम जाते हैं। इससे बैटरी के अंदर की रासायनिक प्रक्रिया धीमी या पूरी तरह बंद हो सकती है। इससे धीरे-धीरे बैटरी की क्षमता घटती है और वह जल्दी खराब हो सकती है। सवाल- इन्वर्टर बैटरी में पानी डालते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- इन्वर्टर बैटरी में डिस्टिल्ड पानी डालते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि बैटरी की परफॉर्मेंस अच्छी बनी रहे और कोई नुकसान न हो। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- हर 3-6 महीने में बैटरी की सर्विसिंग कराना भी फायदेमंद होता है। यदि बैटरी ज्यादा गर्म हो रही है या बार-बार पानी खत्म हो रहा है तो एक्सपर्ट से जांच जरूर करवाएं। सवाल- इन्वर्टर बैटरी के लिए डिस्टिल्ड पानी कहां से खरीद सकते हैं?
जवाब- आप डिस्टिल्ड पानी घर पर बना सकते हैं, लेकिन वो थोड़ा मुश्किल और टाइम लेने वाला काम होता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप नजदीकी मार्केट से डिस्टिल्ड पानी का एक गैलन खरीद लें। यह आसानी से मिल जाता है और आपकी बैटरी के लिए बिल्कुल सही है। सवाल- इन्वर्टर बैटरी में कब और कितना पानी डालना चाहिए?
जवाब- हर इन्वर्टर बैटरी में वाटर लेवल का एक इंडिकेटर होता है। अगर इंडिकेटर ‘ग्रीन’ मार्क पर है तो बैटरी में पानी सही मात्रा में है। अगर वह ‘रेड’ मार्क पर आ जाए तो इसका मतलब पानी कम हो गया है और आपको तुरंत डिस्टिल्ड पानी डालना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी का लेवल ‘ग्रीन’ और ’रेड’ के बीच होना चाहिए। अगर पानी ’रेड’ से नीचे चला गया तो एसिड ज्यादा कंसंट्रेटेड हो जाएगा और बैटरी ठीक से काम नहीं करेगी। वहीं अगर पानी ‘ग्रीन’ से ऊपर हो गया तो एसिड पतला हो जाएगा, जिससे बैटरी की परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है। सवाल- इन्वर्टर बैटरी में पानी डालने के आसान स्टेप्स क्या हैं?
जवाब- इसे नीचे दिए इन पॉइंट्स से समझिए- …………………….. ये खबर भी पढ़ें…

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