जरूरत की खबर- गर्ल्स हॉस्टल के वॉशरूम में हिडन कैमरा:इन 5 तरीकों से ढूंढ़ें छिपा हुआ कैमरा, जानें कहां और क्या चेक करना जरूरी

आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के गुडीवाड़ा में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स वॉशरूम में हिडन कैमरा मिलने की खबर से हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि हिडन कैमरे से छात्राओं के वीडियो रिकॉर्ड करके बेचे जा रहे थे। पुलिस के अनुसार अब तक करीब 300 फोटो-वीडियो लीक हो चुके हैं। इसका खुलासा तब हुआ, जब एक छात्रा वॉशरूम में गई और उसे वहां कुछ संदिग्ध लगा। जांच करने पर पता चला कि वीडियो कैप्चर करने के लिए वहां एक कैमरा लगाया गया था। इसके बाद छात्रा ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत की। बीते 10 अगस्त को ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के बेंगलुरु से सामने आया था, जहां एक कॉफी शॉप के वॉशरूम में हिडन कैमरा मिला था। इसे टॉयलेट सीट के सामने डस्टबिन में छिपाकर रखा गया था। यह डिजिटल और हाई टेक कैमरों का जमाना है, जिनका इस्तेमाल करके इस तरह की आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे में होटल, कैफे, मॉल के चेंजिंग रूम या किसी भी पब्लिक प्लेस के वॉशरूम में बेहद सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि हिडन कैमरा कैसे चेक कर सकते हैं? साथ ही जानेंगे कि- सवाल- हिडन कैमरा क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- इस कैमरे को ऐसी जगह लगाया जाता है, जहां इस पर लोगों की नजर न जाए। इन्हें स्पाई कैमरा भी कहा जाता है। इनमें अक्सर इंफ्रारेड (IR) ब्लास्टर्स लगे होते हैं, जिनकी मदद से वह कैमरा अंधेरे में भी कुछ भी रिकॉर्ड कर सकता है। ये कैमरे लगाए भी ऐसी जगहों पर जाते हैं, जहां आमतौर पर हम सोच भी नहीं सकते कि कैमरा हो सकता है। जैसेकि बेंगलुरु के कॉफी शॉप के वॉशरूम में कैमरा डस्टबिन में लगा हुआ था। आमतौर पर हिडन कैमरे बहुत छोटे आकार के होते हैं। इस वजह से इन्हें किताब, खिलौने, खिड़की-दरवाजे, घड़ी, लैंप, पर्दे जैसी चीजों के आसपास आसानी से छिपाया जा सकता है। यह रिमोट कंट्रोल की तरह काम करता है। इन्हें ब्लूटूथ या वाई-फाई की मदद से भी ऑपरेट कर सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि हिडन कैमरे को कमरे में किन संभावित जगहों पर छिपाया जा सकता है। सवाल- यह कैसे पता कर सकते हैं कि होटल के कमरे या चेंजिंग रूम में कैमरा तो नहीं लगा हुआ है? जवाब- हिडन या स्पाई कैमरा में ग्रीन या रेड LED लाइट्स होती हैं, जो हमेशा चमकती रहती हैं। इसलिए किसी होटल के कमरे या चेंजिंग रूम में कैमरे को खोजने के लिए सबसे पहले सारी लाइट्स ऑफ कर दें ताकि कमरे में पूरी तरह अंधेरा हो जाए। बाहर से रौशनी आ रही है तो खिड़की के पर्दे खींच दें। अब घुप्प अंधेरे में हरेक कोने को ध्यान से चेक करें कि कहीं कोई लाइट तो ब्लिंक नहीं कर रही है। नीचे ग्राफिक में दिए ये तरीके भी अपना सकते हैं। सवाल- कौन से मोबाइल ऐप्स हिडन कैमरा ढूंढ़ने में मददगार हैं? जवाब- आजकल प्ले स्टोर में कई ऐसे ऐप्स मौजूद हैं, जो होटल या चेंजिंग रूप में छिपे कैमरों का आसानी से पता लगा सकते हैं। इन सभी ऐप्स में स्कैनर होता है, जिससे संदिग्ध जगह को स्कैन किया जाता है। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि कौन-कौन से मोबाइल ऐप्स हिडन कैमरे को ढूंढ़ सकते हैं। सवाल- इन मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कैसे किया जाता है? जवाब- इन मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। सबसे पहले अपने फोन में ऐप को ओपेन करें। इसके बाद फोन को उस डिवाइस के नजदीक लें जाएं, जो आपको संदिग्ध लग रही है। जैसे शॉवर, मिरर या कोई अन्य सामान। उस डिवाइस के आसपास पहुंचते ही ऐप मैग्नेटिक एक्टिविटी की एनालिसिस करेगा। किसी भी तरह की एक्टिविटी के मैच होने पर मोबाइल फोन से बीप की आवाज आने लगेगी। इसके बाद आप उस जगह की बारीकी से जांच पड़ताल कर सकते हैं। सवाल- होटल या चेंजिंग रूम में किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- झांसी के एरच जनपद की थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी कहती हैं कि इस तरह की घटनाओं को कम करने के लिए सबसे जरूरी चीज है जागरूकता। हमें पब्लिक प्लेस पर हमेशा अपने सिक्स्थ सेंस का इस्तेमाल करने की जरूरत है।