जरूरत की खबर- मानसून में कैसे रखें परिवार का ध्यान:इम्यूनिटी बढ़ाएं, सिर्फ उबला पानी पिएं, बारिश में स्वस्थ-सुरक्षित रहने के 9 टिप्स

बदलता मौसम यानी बीमारियों का अटैक। खासकर मानसून में यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। बारिश जब भी आती है, अपने साथ ढेर सारी बीमारियां लेकर आती है। इस मौसम में डेंगू, मलेरिया, बुखार, आंख और गले का इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में हर साल बारिश के मौसम में 10 से 40 करोड़ लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं। डेंगू से संक्रमित लोगों में हल्के या कोई लक्षण नहीं दिखते और वे 1-2 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। लेकिन कभी-कभी स्थिति गंभीर भी हो सकती है। सिर्फ डेंगू ही क्यों, बारिश के मौसम में सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी, वायरल, मलेरिया से लेकर डायरिया, डिसेंट्री और हर तरह के इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। परिवार में अगर एक भी व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो बाकी लोगों पर भी असर पड़ता है। एक व्यक्ति से अन्य लोगों के संक्रमित होने का खतरा होता है। ऐसे में मानसून में खुद को सेहतमंद रखने की चुनौती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि हम कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें और बारिश में होने वाली बीमारियों से बचकर रहें। तो आज ‘जरूरत की खबर’ में बात करेंगे मानसून में कैसे अपने परिवार को पूरी तरह से सुरक्षित रखें। साथ ही जानेंगे 9 टिप्स, जिनसे आप इस मौसम में स्वस्थ और सुरक्षित रह सकते हैं। मानसून में गंदे पानी से फैलता सबसे ज्यादा इन्फेक्शन मानसून भीषण गर्मी से तो राहत दे देता है, लेकिन कई इन्फेक्शंस का खतरा भी बढ़ा देता है। इनमें वायरल इन्फेक्शन सबसे आम है। वायरल फीवर कई वजहों से हो सकता है जैसे मौसम में बदलाव, गंदा पानी, संक्रमित भोजन। बड़ों के मुकाबले वायरल संक्रमण बच्चों में जल्दी फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, भारत में हर साल 0.34 करोड़ से ज्यादा लोग मानसून के दौरान संक्रमित पानी से होने वाली बीमारियों से प्रभावित होते हैं और इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। बीमारियों से लड़ने के लिए जरूरी इम्यूनिटी, ऐसे रखें मजबूत बारिश में हमारे शरीर को कीटाणुओं से लड़ने के लिए स्ट्रॉन्ग इम्यूनिटी की जरूरत होती है। इम्यूनिटी हमारे शरीर का रक्षा कवच है, यानी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता। ये हमें किसी भी प्रकार के वायरस या बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है। शरीर का इम्यून सिस्टम तब मजबूत होता है, जब हम अपने खाने-पीने, स्लीप साइकल और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें। अच्छी इम्यूनिटी के लिए कम-से-कम 8 घंटे की नींद, विटामिट A और C, न्यूट्रिएंट्स युक्त भोजन लेना चाहिए। साथ ही बॉडी को हाइड्रेटेड और एक्टिव रखना चाहिए। घर में और आस-पास मच्छरों को न पनपने दें मच्छरों को दूर रखना मानसून सुरक्षा सावधानियों का एक सबसे जरूरी पहलू है। मच्छर सबसे ज्यादा पानी में मौजूद होते हैं। ये डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैलाते हैं। इसलिए घर के आस-पास सफाई रखें। मच्छर भगाने वाली कॉइल या क्रीम का उपयोग करें, खिड़कियों पर जाली लगाएं, सोते समय भी मच्छरदानी का उपयोग करें। स्ट्रीट फूड को कहें ‘No’ बारिश में खुले में मिल रहे स्ट्रीट फूड और गंदे पानी की वजह से कई बीमारियों और पेट से संबंधित समस्याओं का खतरा रहता है। संक्रमित जगह पर लगे हुए हाथों से भी इन्फेक्शन जल्दी फैलता है। इसलिए इसे अवॉइड करें। सिर्फ ताजा घर पर बना भोजन, फलों, सब्जियों और प्रोबायोटिक्स जैसा प्रतिरक्षा बढ़ाने वाला भोजन ही खाएं। इस मौसम में हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। ऐसे में आप बाहर भी जाएं तो घर से उबला या फिल्टर्ड पानी साथ लेकर चलें। सड़क पर धीमे और सावधानी से गाड़ी चलाएं बारिश में सड़क पर फिसलन हो जाती है। ऐसे में धीरे-धीरे और सावधानी से गाड़ी चलाना चाहिए। बारिश के मौसम में इस सुरक्षा एहतियात का पालन करके आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका परिवार यात्रा करते समय सुरक्षित रहे। बिजली के तारों को न छुएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें बारिश के मौसम में खुले या गिरे हुए तार बेहद खतरनाक हो सकते हैं। अपने परिवार, खासकर छोटे बच्चों को खतरों के बारे में जानकारी देना और उन्हें सावधान करना बहुत जरूरी है। यह सुनिश्चित करना कि वे बिजली के तारों से दूर रहें। साथ ही इस मौसम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करना न भूलें। उपयोग में न होने पर अनप्लग करके, आप उन्हें वोल्टेज स्पाइक्स से होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं और आग के खतरे को कम कर सकते हैं। बारिश में इमरजेंसी किट तैयार रखें बारिश के मौसम में घर से बाहर निकलना भी एक चुनौती है। ऐसे में हमें घर पर ही इमरजेंसी किट तैयार रखनी चाहिए। ये हमारे परिवार की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। इस किट में सर्दी, जुखाम, बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द की कुछ जरूरी दवाइयां, एंटीबायोटिक्स, जरूरी ऑइंटमेंट, फ्लैशलाइट, बैटरी शामिल होनी चाहिए। इसके अलावा, वाटरप्रूफ बैग, पोर्टेबल फोन चार्जर और पॉवर बैंक भी हमें रखने चाहिए। घर में सीलन-लीकेज से बचाव के करें इंतजाम मानसून में कई लोगों के घरों में सीलन आना आम समस्या है। कभी घर की छत पर, कभी कमरों के कोनों में तो कभी बाथरूम में सीलन आ ही जाती है। ऐसे में इसका समाधान निकालना जरूरी होता है। इसलिए बारिश में घर की वाटरप्रूफिंग जरूर करवाएं। बारिश के कीड़ों से बचाव बारिश में पनपने वाले कीड़े-मकोड़े न सिर्फ सामान को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि यह कई संक्रामक बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए बरसाती कीड़ों को घर में घुसने या पनपने से रोकें। इसके लिए घर के आस-पास गीला-सूखा कचरा जमा न होने दें। कुछ पौधे जो पानी में रखे जाते हैं, उनका पानी रोज बदलें। पेपरमिंट और लैवेंडर ऐसेंशियल ऑयल खिड़कियों पर छिड़कें। घर में छिपे कीड़े-मकोड़ों को भगाने में कपूर बेहद मददगार है। बारिश में पेट्स का भी रखें ख्याल मानसून आते ही पालतू जानवरों में स्किन इन्फेक्शन, एलर्जी या पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। मौसम में नमी की वजह से जानवरों में टिक्स और पिस्सू हो जाते हैं, जिससे पेट्स को कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में उन्हें भीगने से बचाएं, उनके खाने का बर्तन रोज साफ करें। अगर आपका पालतू जानवर फर वाला है तो रोज उसकी कंघी करें। मानसून के मौसम का आनंद तो लें, लेकिन सुरक्षित रहें। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग संक्रामक रोगों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इसलिए इनको सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत है। यदि आप या आपके परिवार के किसी सदस्य में बीमारी के कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।