जरूरत की खबर- मानसून में पेट्स में बढ़ता इन्फेक्शन:ये 5 हेल्थ प्रॉब्लम्स खतरनाक, बारिश में हाइजीन और केयर के 10 जरूरी टिप्स

चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बाद बारिश का मौसम हर किसी को भाता है, लेकिन इस मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। यह बीमारियां न सिर्फ इंसानों को, बल्कि हमारे पालतू जानवरों को भी प्रभावित करती हैं। बरसात का मौसम आते ही पालतू जानवरों में स्किन इन्फेक्शन, एलर्जी या पेट से जुड़ी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। यहां तक ​​कि आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट की आवाज भी पेट्स को चिड़चिड़ा बना देती है। पिछले कुछ सालों में भारत में घरेलू पेट्स की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। स्टेटिस्टा के मुताबिक भारत में कुल 3.1 करोड़ पेट डॉग्स हैं, जबकि पालतू बिल्लियों की संख्या तकरीबन 25 लाख है। एक अनुमान के मुताबिक 2026 तक पालतू बिल्लियों की संख्या बढ़कर 50 लाख के आसपास हो जाएगी। बारिश के मौसम में पालतू जानवरों को लेकर कुछ एहतियात बरतने की जरूरत है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना न पड़े। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि बारिश के मौसम में पालतू जानवरों की कैसे देखभाल करें। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. आदेश कुमार वर्मा, वेटेरिनरी कंसल्टेंट और असिस्टेंट प्रोफेसर केएपीजी कॉलेज, प्रयागराज सवाल- बारिश के मौसम में पेट्स को किस तरह की समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- बारिश के मौसम में नमी की वजह से टिक्स और पिस्सू तेजी से ग्रो करते हैं, जिससे पेट्स को कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। आमतौर पर पालतू जानवरों को टिक की वजह से बुखार जबकि पिस्सू के काटने से स्किन एलर्जी की समस्या होती है। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि बारिश के मौसम में पेट्स को किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सवाल- बरसात के मौसम में पेट्स में फंगल इन्फेक्शन की समस्या क्यों बढ़ जाती है? जवाब- आमतौर पर पेट्स के शरीर के उन हिस्सों में फंगल इन्फेक्शन होता है, जहां मॉइस्चर बना रहता है। जैसे पंजे की उंगलियों के बीच का हिस्सा। बारिश के मौसम में नमी की वजह से यह समस्या अधिक हो जाती है। फंगल इन्फेक्शन की वजह से स्किन के रंग में बदलाव आ सकता है या स्मेल आ सकती है। इसलिए ऐसे मौसम में अपने पेट्स को सूखी जगह पर रखें। बारिश में भीगने के बाद उन्हें तुरंत अच्छे से सुखाएं। पंजों के आसपास नमी न रहने दें क्योंकि पंजा जमीन के सीधे संपर्क में आता है। जो वायरस, बैक्टीरिया और फंगस का कारण बनता है। मार्केट में पेट्स के लिए कुछ एंटी-मॉइस्चर पाउडर भी आते हैं। पंजे के बीच या नमी वाली जगहों पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। सवाल- बारिश के मौसम में जानवरों को कान में इन्फेक्शन क्यों होता है? जवाब- मानसून के दौरान पेट्स के कान में उमस व गीलेपन की वजह से इन्फेक्शन बहुत आम है। ऐसे में पेट्स में ये लक्षण दिख सकते हैं। अगर आपके पेट्स में इस तरह के कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत उनके कान की सफाई कराएं। मानसून से पहले पेट्स को इयर इन्फेक्शन से बचाने के लिए वैक्सीनेशन भी कराना चाहिए। सवाल- बरसात के दिनों में पेट्स में पाचन संबंधी समस्याएं क्यों बढ़ जाती है? जवाब- डॉ. आदेश वर्मा कहते हैं कि बारिश के मौसम की वजह से पेट्स को गैस्ट्रो प्रॉब्लम्स हो, ऐसा कोई सीधा संबंध तो नहीं है। लेकिन बारिश के मौसम में बैक्टीरिया या वायरस उनके खाने को इन्फेक्टेड कर सकते हैं और इस तरह वे आसानी से पेट्स के पेट में पहुंच जाते हैं। इससे उल्टी-दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपका पेट बाहर टहलकर आया है तो उसके पंजे जरूर साफ करें क्योंकि पेट्स को पंजे चाटने की आदत होती है। पंजे के चाटने से बैक्टीरिया उनके पेट के अंदर जा सकते हैं, जो बीमारी का कारण बनते हैं। सवाल- मानसून में पेट्स की हेल्थ का कैसे ध्यान रखें? जवाब- पेट्स को बारिश के मौसम में हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाने के लिए हाइजीन का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि बरसात के मौसम में पेट्स को मानसून संबंधी बीमारियों से बचाने के लिए क्या करें। आइए ग्राफिक में दिए इन पॉइट्स को विस्तार से समझते हैं। नियमित देखभाल जरूरी मानसून के मौसम में अपने पेट्स को नहलाने के बाद उन्हें अच्छे से सुखाएं और कंघी से साफ करें। कंघी से साफ करने से पिस्सू और टिक्स का पता लगाने में मदद मिलती है। जिन पेट्स के बड़े बाल हैं, उनकी ग्रूमिंग जरूर कराएं। टिक और पिस्सू को रोंके मानसून का मौसम किलनी और पिस्सू जैसे पैरासाइट्स की प्रजनन क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। इससे पेट्स की स्किन में इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। टिक और पिस्सू की रोकथाम के लिए पशु चिकित्सक की सलाह के बाद स्प्रे और शैम्पू का इस्तेमाल करें। फाइबर युक्त पौष्टिक खाना दें बारिश के कारण पेट्स को बाहर खेलने का मौका कम मिल पाता है। इसलिए इस मौसम में पेट्स की डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उनकी डाइट में फाइबर युक्त रिच फूड शामिल करने चाहिए। पंजों की साफ-सफाई रखें बारिश के मौसम में अक्सर पेट्स के पंजों में मिट्टी जमा हो जाती है। इससे गंदगी और बैक्टीरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पेट्स को टहलाने के बाद उसके पंजों को अच्छे से साफ करें, जिससे पंजों में गंदगी न जमा हो। सवाल- क्या कुत्तों को आकाशीय बिजली की आवाज से ज्यादा परेशानी होती है? जवाब- डॉ. आदेश वर्मा बताते हैं कि कुत्तों के कान उनकी इंद्रियों की तरह सेंसिटिव होते हैं। यही वजह है कि तूफान, आकाशीय बिजली की आवाज से वह डरा हुआ और चिड़चिड़ा महसूस करते हैं।