बारिश का मौसम गर्मी से राहत के साथ-साथ ठंडक और सुकून भी देता है। लेकिन यह बालों के लिए नई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी हुई नमी स्कैल्प की जड़ों को कमजोर कर देती है, जिससे इस मौसम में हेयरफॉल की समस्या आम हो जाती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के मुताबिक, रोजाना 50-100 बाल झड़ना सामान्य है। लेकिन मानसून के दौरान यह संख्या बढ़कर 250 तक पहुंच सकती है, जिसे सीजनल हेयरफॉल कहा जाता है। वर्ल्ड ट्राइकोलॉजी सोसाइटी की एक स्टडी बताती है कि नमी भरे मौसम में बाल झड़ने के मामले 30% तक बढ़ जाते हैं। ऐसे में अगर मानसून में सामान्य से ज्यादा बाल झड़ने लगें तो घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी सी जागरूकता और सही हेयर केयर रूटीन अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में बात मानसून हेयर केयर टिप्स की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. एस. सी. भारिजा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली सवाल- मानसून में हेयरफॉल की समस्या क्यों बढ़ जाती है? जवाब- इस दौरान हवा में मौजूद नमी बालों में समाकर उन्हें फुला देती है, जिससे वे आसानी से टूटने और दोमुंहे होने लगते हैं। साथ ही यह नमी स्कैल्प की जड़ों को कमजोर कर देती है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। इसके अलावा बारिश का पानी भले ही साफ दिखता है। लेकिन उसमें मौजूद प्रदूषण और गंदगी बालों पर जमकर इन्फेक्शन और खुजली का कारण बन सकते हैं। नमी और उमस के कारण सिर पर फंगल इन्फेक्शन की आशंका भी बढ़ जाती है, जो हेयरफॉल की एक बड़ी वजह है। नीचे दिए ग्राफिक से मानसून में हेयरफॉल के मुख्य कारणों को समझिए- सवाल- मानसून में हेयरफॉल कम करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? जवाब- डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. एस. सी. भारिजा बताते हैं कि मानसून में हेयरफॉल कम करने के लिए स्कैल्प को साफ और सूखा रखना सबसे जरूरी है। साथ ही हफ्ते में 2-3 बार सल्फेट-फ्री शैम्पू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें ताकि गंदगी और इन्फेक्शन से बचा जा सके। गीले बालों में कंघी न करें और टाइट हेयरस्टाइल से बचें, जिससे बालों की जड़ों पर खिंचाव न पड़े। हीट स्टाइलिंग से दूर रहें और हफ्ते में एक बार ऑयल या डीप कंडीशनिंग करें। अच्छी नींद, संतुलित डाइट और तनाव कम रखना भी जरूरी है। नीचे ग्राफिक में मानसून में हेयरफॉल कम करने के 8 आसान टिप्स दिए गए हैं। सवाल- क्या डाइट का भी हेयरफॉल पर असर पड़ता है? अगर हां, तो इसमें क्या बदलाव करना चाहिए? जवाब- हां, डाइट का बालों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है। बालों की जड़ें तभी मजबूत होती हैं, जब उन्हें अंदर से पूरा पोषण मिलता है। जब शरीर को जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स नहीं मिलते तो इसका असर सबसे पहले बालों पर दिखता है। वे पतले, बेजान और झड़ने लगते हैं। अगर आप मानसून में हेयरफॉल से परेशान हैं तो अपनी डाइट में कुछ जरूरी बदलाव करके बालों को फिर से मजबूत और हेल्दी बना सकते हैं। नीचे दिए गए ग्राफिक से इसे समझिए- सवाल- मानसून में बालों के साथ किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- मानसून में बालों की खास देखभाल जरूरी है। लेकिन कई बार हम अनजाने में बालों को नुकसान पहुंचा बैठते हैं। जैसेकि- सवाल- क्या मानसून में बालों में तेल मालिश करना फायदेमंद है? जवाब- डॉ. एस. सी. भारिजा बताते हैं कि हां, नारियल, बादाम या ऑलिव ऑयल जैसे हल्के तेलों से स्कैल्प की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जड़ें मजबूत होती हैं और बालों को जरूरी पोषण मिलता है। साथ ही यह फंगल इन्फेक्शन से बचाने और स्कैल्प की सूखापन कम करने में मदद करता है। लेकिन ध्यान रखें कि मानसून में बहुत हैवी ऑयल बहुत लंबे समय तक न लगा रहने दें। सवाल- बारिश में भीगने के बाद बालों की देखभाल कैसे करें? जवाब- बारिश में भीगने के बाद बालों की सही देखभाल बहुत जरूरी है क्योंकि बारिश का पानी अक्सर गंदा और एसिडिक होता है। इससे स्कैल्प पर इन्फेक्शन और हेयरफॉल हो सकता है। इसलिए भीगने के तुरंत बाद गुनगुने पानी और माइल्ड शैम्पू से बाल जरूर धोएं ताकि बारिश का गंदा पानी और धूल-मिट्टी हट जाए। इसके बाद हल्का कंडीशनर जरूर लगाएं। बारिश में भीगने के तुरंत बाद बालों में तेल न लगाएं, इससे स्कैल्प ब्लॉक हो सकता है। ………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- हेयर डाई के फायदे और नुकसान:डाई करते हुए बरतें 10 जरूरी सावधानियां, डाई के बाद बालों का ख्याल रखने के 5 तरीके इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इनोवेटिव रिसर्च इन मेडिकल साइंस (IJIRMS) में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, बार-बार हेयर डाई का इस्तेमाल करने से बाल कमजोर हो सकते हैं और स्कैल्प पर खुजली, जलन या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़िए…