19 अगस्त को भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन देश भर में मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना के साथ उन्हें राखी बांधती हैं। जो भाई-बहन एक शहर या गांव में नहीं हैं, वो डाक से एक-दूसरे को राखी और उपहार भेजते हैं। राखी के मौके पर लाखों की संख्या में राखियां और उपहार डाक विभाग की मेहरबानी से अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं। लेकिन साइबर ठगों के लिए ऐसा हर मौका ठगी का कोई नया तरीका ईजाद करने का सुनहरा अवसर होता है। इसलिए रक्षाबंधन से पहले साइबर क्रिमिनल्स भी एक्टिव हो जाते हैं और लोगों को ठगने के लिए फर्जी राखी या गिफ्ट के पार्सल आने का मैसेज भेजते हैं। इस तरह के मैसेज में एक लिंक होता है, जिस पर क्लिक करते ही आपका फोन हैक हो सकता है या आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। इसके अलावा ठग आपके फोन को हैक कर उससे पर्सनल इंफॉर्मेशन लेकर आपको ब्लैकमेल भी कर सकते हैं। इसलिए रक्षा बंधन गिफ्ट या राखी पार्सल के नाम से आने वाले फर्जी मैसेज से सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि राखी या गिफ्ट के नाम पर किस तरह स्कैम होता है? साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर एडवाइजर (उत्तर प्रदेश पुलिस) सवाल- रक्षाबंधन पर साइबर क्रिमिनल लोगों को ठगने के लिए किस तरह के मैसेज भेजते हैं? जवाब- साइबर क्रिमिनल लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए हर रोज नए तरीके इजाद कर रहे हैं। राखी के त्योहार से पहले वे लोगों के मोबाइल फोन पर इंडिया पोस्ट से मिलते-जुलते मैसेज भेजते हैं। इस तरह के मैसेज में दावा किया जाता है कि आपके नाम राखी का पार्सल है, लेकिन पार्सल पर लिखा हुआ पता अधूरा है। साथ ही कहा जाता है कि अधूरा पता होने के कारण गिफ्ट का पार्सल आप तक नहीं पहुंच पा रहा है। कृपया मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक करके अपना पता अपडेट करें। उस लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता है, जिससे आपकी पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी लीक हो सकती है। इसके अलावा साइबर क्रिमिनल रिडिलीवरी के नाम पर 20 से 50 रुपए की धनराशि कार्ड के जरिए भुगतान करने के लिए कहते हैं। लोग इसे छोटी रकम समझकर डेबिड कार्ड या क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। इससे स्कैमर्स के पास आपकी कार्ड डिटेल पहुंच जाती है और वे आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं। सवाल- इस तरह के स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- साइबर एडवाइजर राहुल मिश्रा बताते हैं कि त्योहार के समय इस तरह के मैसेज को लेकर सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति साइबर स्कैम का तब तक शिकार नहीं हो सकता, जब तक वह खुद कोई गलती न करे। साइबर स्कैमर्स लोगों को झांसे में लेने के लिए मैसेज और लिंक के साथ एक मोबाइल नंबर भी लिखते हैं। मैसेज को इस तरह ड्राफ्ट किया जाता है कि वह सचमुच इंडिया पोस्ट की तरफ से भेजा गया ऑथेंटिक मैसेज लगता है। लोग इस मैसेज के झांसे में इसलिए आ जाते हैं क्योंकि उन्हें पता नहीं होता कि इंडिया पोस्ट इस तरह का मैसेज कभी नहीं करता। अगर किसी पार्सल पर पता गलत या अधूरा लिखा है तो वह पैकेट सेंडर यानी भेजने वाले के पास वापस लौट जाता है। या जिसके नाम पैकेट है, उसके नंबर पर फोन करके उससे सरकारी डाकघर में आकर खुद पैकेट रिसीव करने के लिए कहा जा सकता है। लेकिन वह आपको कभी कोई लिंक भेजकर उसमें अपना पता अपडेट करने के लिए नहीं कहते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि इस राखी पार्सल स्कैम से कैसे बच सकते हैं। हमेशा ध्यान रखें कि पता अपडेट करने के अलावा इंडिया पोस्ट आपको कभी भी पार्सल डिलीवरी का पेमेंट करने के लिए कोई मैसेज या कॉल नहीं करता है। न ही कोई लिंक भेजकर आपको UPI पेमेंट करने के लिए कहता है। इस तरह के मैसेज भ्रामक और ठगी का शिकार बनाने के लिए होते हैं। इसलिए ऐसे किसी फोन, मैसेज या लिंक पर कभी कोई पेमेंट न करें। सवाल- पार्सल स्कैम का शिकार होने पर कहां शिकायत कर सकते हैं? जवाब- अगर किसी व्यक्ति ने साइबर क्रिमिनल्स के झांसे में आकर अपनी फाइनेंशियल जानकारी शेयर की है या पैसे ट्रांसफर किए हैं तो तुरंत अपने बैंक को इसकी सूचना देनी चाहिए। सवाल- स्कैम का शिकार होने पर चक्षु पोर्टल पर शिकायत करने की प्रक्रिया क्या है? जवाब- साइबर स्कैम का शिकार होने पर दूरसंचार विभाग की वेबसाइट संचार साथी के जरिए ही चक्षु पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं।