हाल ही में केरल सरकार ने 295 पेज की जस्टिस के. हेमा कमीशन की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे कास्टिंग काउच और सेक्शुअल हैरेसमेंट जैसे गंभीर मुद्दों का जिक्र है। इसी बीच साउथ की एक्ट्रेस और एक्स बिग बॉस तमिल कंटेस्टेंट सनम शेट्टी ने बयान दिया है कि कास्टिंग काउच तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी होता है। मंगलवार को एक्ट्रेस चेन्नई पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट पर अपना रिएक्शन दे रही थीं। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ महिलाओं का ही नहीं, पुरुषों का भी यौन शोषण किया जाता है। रैली करने की परमीशन मांगने पहुंची थीं
सनम कोलकाता रेप और मर्डर केस के खिलाफ एक रैली ऑर्गनाइज करने की परमीशन मांगने कमिश्नर ऑफिस पहुंची थीं। वहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे हेमा कमेटी की रिपोर्ट की डिटेल नहीं पता लेकिन मैं इस कदम का स्वागत करती हूं। मैं जस्टिस और केरल सरकार को इस तरह की रिपोर्ट सामने लाने और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के शोषण के सभी मुद्दों को लिस्ट करने के लिए थैंक्स कहना चाहती हूं।’ कॉम्प्रोमाइज करना काम पाने का एकमात्र रास्ता नहीं
सनम ने आगे कहा, ‘हालांकि, ऐसी घटनाएं सिर्फ मलयालम ही नहीं तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी होती हैं। मैं अपने अनुभव से बोल रही हूं कि काम पाने के लिए एडस्ट करना या कॉम्प्रोमाइज करना ही एकमात्र तरीका नहीं है। इंतजार करिए, अगर आपको खुद पर भरोसा है, तो आपको बिना कॉम्प्रोमाइज के काम मिल जाएगा।’ पुरुषों का भी यौन शोषण होता है
एक्ट्रेस ने कहा कि इंडिस्ट्री में सिर्फ महिलाओं का ही नहीं पुरुषों का भी यौन शोषण होता है। वो चाहती हैं कि जिसके साथ भी ऐसा हुआ हो वह अपनी आवाज उठाए। अंत में सनम ने कहा कि इंडस्ट्री में हर कोई बुरा नहीं है। कुछ अच्छे लोग भी हैं। क्या है हेमा कमीशन रिपोर्ट
हेमा कमीशन का गठन 2017 में एक मलयालम एक्ट्रेस के अपहरण और चलती कार में हुए सेक्शुअल हैरेसमेंट के बाद किया गया था। कमेटी का उद्देश्य मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के उत्पीड़न के आरोपों की जांच करना था। पूर्व हाईकोर्ट जज जस्टिस हेमा, वेटरन एक्टर शारदा और रिटायर्ड IAS ऑफिसी केबी वलसाला कुमारी इसका हिस्सा हैं। इस खबर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मलयालम एक्ट्रेसेस यौन शोषण की शिकार:पूर्व जज हेमा की रिपोर्ट में दावा- हीरो करते हैं मनमानी, रोल के बदले फेवर मांगते हैं मेकर्स देश को मोहनलाल, ममूटी, फहाद फाजिल जैसे कई टैलेंटेड और फेमस एक्टर्स देने वाली मलयालम फिल्म इंडस्ट्री विवादों में है। वजह है सोमवार को जारी पूरी खबर यहां पढ़ें…
सनम कोलकाता रेप और मर्डर केस के खिलाफ एक रैली ऑर्गनाइज करने की परमीशन मांगने कमिश्नर ऑफिस पहुंची थीं। वहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे हेमा कमेटी की रिपोर्ट की डिटेल नहीं पता लेकिन मैं इस कदम का स्वागत करती हूं। मैं जस्टिस और केरल सरकार को इस तरह की रिपोर्ट सामने लाने और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के शोषण के सभी मुद्दों को लिस्ट करने के लिए थैंक्स कहना चाहती हूं।’ कॉम्प्रोमाइज करना काम पाने का एकमात्र रास्ता नहीं
सनम ने आगे कहा, ‘हालांकि, ऐसी घटनाएं सिर्फ मलयालम ही नहीं तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी होती हैं। मैं अपने अनुभव से बोल रही हूं कि काम पाने के लिए एडस्ट करना या कॉम्प्रोमाइज करना ही एकमात्र तरीका नहीं है। इंतजार करिए, अगर आपको खुद पर भरोसा है, तो आपको बिना कॉम्प्रोमाइज के काम मिल जाएगा।’ पुरुषों का भी यौन शोषण होता है
एक्ट्रेस ने कहा कि इंडिस्ट्री में सिर्फ महिलाओं का ही नहीं पुरुषों का भी यौन शोषण होता है। वो चाहती हैं कि जिसके साथ भी ऐसा हुआ हो वह अपनी आवाज उठाए। अंत में सनम ने कहा कि इंडस्ट्री में हर कोई बुरा नहीं है। कुछ अच्छे लोग भी हैं। क्या है हेमा कमीशन रिपोर्ट
हेमा कमीशन का गठन 2017 में एक मलयालम एक्ट्रेस के अपहरण और चलती कार में हुए सेक्शुअल हैरेसमेंट के बाद किया गया था। कमेटी का उद्देश्य मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के उत्पीड़न के आरोपों की जांच करना था। पूर्व हाईकोर्ट जज जस्टिस हेमा, वेटरन एक्टर शारदा और रिटायर्ड IAS ऑफिसी केबी वलसाला कुमारी इसका हिस्सा हैं। इस खबर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मलयालम एक्ट्रेसेस यौन शोषण की शिकार:पूर्व जज हेमा की रिपोर्ट में दावा- हीरो करते हैं मनमानी, रोल के बदले फेवर मांगते हैं मेकर्स देश को मोहनलाल, ममूटी, फहाद फाजिल जैसे कई टैलेंटेड और फेमस एक्टर्स देने वाली मलयालम फिल्म इंडस्ट्री विवादों में है। वजह है सोमवार को जारी पूरी खबर यहां पढ़ें…