तमिलनाडु केइरूलपट्टी में रहने वाली एक आदिवासी लड़की ने 12वीं कक्षा पास कर अपने गांव का नाम रोशन किया है।
वे इस गांव की पहली ऐसी लड़की हैं जिसने 12वीं की बोर्ड एग्जामपास की है। इस लड़की का नाम एम कृष्णवेनी है।
एडमिशन का प्रस्ताव दिया
उसने कॉमर्स और अकाउंट्स विषय में 12वीं कक्षा पास की। कृष्णवेनी को 600 में से 295 अंक मिले। धर्मपुरी के एक प्रायवेट आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज ने कृष्णवेनी को एडमिशन का प्रस्ताव दिया है।
कृष्णवेनी कहती हैं मैंने धर्मपुरी के पास कोट्टूर गांव में पालाकोड के गर्वमेंट हायर सेकंडरी स्कूल से अपनी पढ़ाई की।
होस्टल में पढ़ाई करना उचित समझा
उनके गांव के पास बने अधिकांश स्कूलों में तेलुगू या कन्नड़ मीडियम में पढ़ाई होती है। इसलिए कृष्णवेनीने छठी कक्षा के बाद स्कूल के होस्टल में रहकर पढ़ाई करना उचित समझा।
कृष्णवेनी के पिता किसान हैं। वे अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करके बैंक या सिविल सर्विसेस एग्जाम देना चाहती हैं। उनके दो बहन-भाई और हैं जिन्होंने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई करके स्कूल छोड़ दिया।
कृष्णवेनी की उपलब्धि का पता चला
डेनकनिकोट्टाई की डीएसपी संगीता जब इस गांव में अपनी टीम के साथ दाल, चावल और तेल बांटने आई तो उन्हें कृष्णवेनी की उपलब्धि का पता चला।
उन्होंने कृष्णवेनी को आर्थिक सहायता देने कावादा किया। वे चाहती हैं कि कृष्णवेनी को अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने में किसी तरह की रूकावट न आए।
कृष्णवेनी की तरह संगीथा भी एक ऐसे गांव से संबंध रखती हैं जहां रहते हुए वह पहली ऐसी लड़की थीं जिसने ग्रेजुएशन किया। वे लड़कियों को पढ़ाई के लिए हर तरह से प्रोत्साहित करती हैं।