ईरान में हमास चीफ इस्माइल हानियेह की मौत के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन में तीखी बहस हुई। दोनों के बीच हानियेह की हत्या के बाद गुरूवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक इस दौरान बाइडेन ने नेतन्याहू से कहा, “मेरे साथ बकवास मत करो।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से हानियेह की हत्या की टाइमिंग पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि इससे सीजफायर की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। बाइडेन के सभी आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज कर दिया। बाइडेन ने नेतन्याहू से कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति की अहमियत को कम न आंके। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल ने हानियेह को ईरान में मारने की प्लानिंग की जानकारी अमेरिका को नहीं दी थी। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार शाम को बताया कि हमास चीफ हानियेह को शॉर्ट रेंज मिसाइल फायर करके मार गिराया गया था। इस मिसाइल में 7 किलो विस्फोटक लदा हुआ था। ईरान ने हानियेह की मौत को एक आतंकी घटना बताया है। ईरान का आरोप- अमेरिका ने इजराइल का साथ दिया
IRGC के बयान में कहा गया है कि यह मिसाइल हमला इजराइल ने कराया है। अपराधी अमेरिकी सरकार ने भी इसका सपोर्ट किया है। हानियेह जिस गेस्ट हाउस में रुका था, उसके बाहर से ही यह आतंकी ऑपरेशन चलाया गया। जबकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हानियेह को बम धमाका कर मारा गया। बम को ईरानी गेस्ट हाउस से 2 से 3 महीने पहले ही फिट कर दिया गया था। इसमें ईरानी इंटेलिजेंस अफसरों की भी मिलीभगत थी। ईरान ने इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान बोला- सही वक्त और सही जगह हमला करेंगे
ईरान ने हमले का बदला लेने की बात को दोहराते हुए कहा कि शहीद हनियेह के कत्ल का बदला लिया जाएगा। दुस्साहसी और आतंकवादी यहूदी शासन को सख्त सजा मिलेगी। सही वक्त और जगह पर हम बदला लेंगे। अलजजीरा के मुताबिक, इजराइल ने इस मामले पर अब भी चुप्पी साध रखी है। IRGC के इस बयान के बाद भी अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, अमेरिका ने इस पर जवाब दिया है। अमेरिका ने कहा है कि हम न तो इसमें शामिल थे न ही हमें कुछ पता था। दावा- रईसी के अंतिम संस्कार में ही हानियेह को मारना चाहता था इजराइल
ब्रिटिश मीडिया हाउस द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि हानियेह को मारने के पीछे इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ है। मोसाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के अंतिम विदाई के कार्यक्रम में ही हानियेह को मारना चाहता था। हालांकि तब बहुत ज्यादा भीड़ होने की वजह से प्लान नाकामयाब हो सकता था, इसलिए इसे टाल दिया गया। हमास ने भी कहा था- हानियेह के कमरे को रॉकेट से निशाना बनाया
हमास के प्रवक्ता और उप-प्रमुख खलील अल हाय्या ने हानियेह की मौत बाद ही आधिकारिक बयान दिया था। खलील ने कहा था कि तेहरान में जिस घर में हानियेह ठहरे हुए थे, उसे सीधे रॉकेट से निशाना बनाया गया है। खलील ने कहा कि मिलिट्री विंग अल कासिम ब्रिगेड हमास चीफ की मौत को जाया नहीं होने देगा। हिजबुल्लाह ने भी इजराइल से बदला लेने का वादा किया
हानियेह की मौत के बाद से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इस बीच हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह ने इजराइल से बदला लेने का वादा किया था। उसने कहा कि फिलहाल इजराइली बहुत खुश लग रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में वे खूब रोएंगे। नसरल्लाह ने इजराइल से सभी मोर्चे पर खुली लड़ाई का ऐलान किया। उसने कहा कि इजराइल ने रेड लाइन क्रॉस कर ली है। इजराइलियों को पता ही नहीं है कि इन मौतों पर हम कैसा जवाब देंगे। इससे पहले तेहरान में कल यानी गुरुवार को हानियेह को अंतिम विदाई दी गई। इसमें हजारों लोग शामिल हुए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई ने अंतिम यात्रा का नेतृत्व किया। इसके बाद हानियेह के शव को कतर लाया गया। नसरल्लाह की धमकी के कुछ ही घंटे बाद हिजबुल्लाह ने इजराइल पर एयर स्ट्राइक कर दी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने लेबनान से उत्तरी इजराइल पर दर्जनों रॉकेट दागे। इजराइली सेना के मुताबिक इसमें से सिर्फ 5 रॉकेट इजराइली सीमा में दाखिल हो पाए। हमले में किसी नुकसान की खबर नहीं है। यह खबर भी पढ़ें… हमास चीफ हानियेह कतर में हुआ सुपुर्द-ए-खाक, शाही कब्रिस्तान में दफनाया गया हमास चीफ इस्माइल हानियेह को आज कतर की राजधानी दोहा में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उसे कतर के शाही कब्रिस्तान लुसैल में दफनाया गया। इस दौरान कतर और फिलिस्तीनी गुटों के हजारों नेता मौजूद रहे। ब्रिटिश मीडिया मिडिल ईस्ट आई के मुताबिक शुक्रवार को कतर की राजधानी दोहा की सबसे बड़ी मस्जिद में नमाज पढ़ी गई। पूरी खबर पढ़ें…
IRGC के बयान में कहा गया है कि यह मिसाइल हमला इजराइल ने कराया है। अपराधी अमेरिकी सरकार ने भी इसका सपोर्ट किया है। हानियेह जिस गेस्ट हाउस में रुका था, उसके बाहर से ही यह आतंकी ऑपरेशन चलाया गया। जबकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हानियेह को बम धमाका कर मारा गया। बम को ईरानी गेस्ट हाउस से 2 से 3 महीने पहले ही फिट कर दिया गया था। इसमें ईरानी इंटेलिजेंस अफसरों की भी मिलीभगत थी। ईरान ने इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईरान बोला- सही वक्त और सही जगह हमला करेंगे
ईरान ने हमले का बदला लेने की बात को दोहराते हुए कहा कि शहीद हनियेह के कत्ल का बदला लिया जाएगा। दुस्साहसी और आतंकवादी यहूदी शासन को सख्त सजा मिलेगी। सही वक्त और जगह पर हम बदला लेंगे। अलजजीरा के मुताबिक, इजराइल ने इस मामले पर अब भी चुप्पी साध रखी है। IRGC के इस बयान के बाद भी अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, अमेरिका ने इस पर जवाब दिया है। अमेरिका ने कहा है कि हम न तो इसमें शामिल थे न ही हमें कुछ पता था। दावा- रईसी के अंतिम संस्कार में ही हानियेह को मारना चाहता था इजराइल
ब्रिटिश मीडिया हाउस द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि हानियेह को मारने के पीछे इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ है। मोसाद ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के अंतिम विदाई के कार्यक्रम में ही हानियेह को मारना चाहता था। हालांकि तब बहुत ज्यादा भीड़ होने की वजह से प्लान नाकामयाब हो सकता था, इसलिए इसे टाल दिया गया। हमास ने भी कहा था- हानियेह के कमरे को रॉकेट से निशाना बनाया
हमास के प्रवक्ता और उप-प्रमुख खलील अल हाय्या ने हानियेह की मौत बाद ही आधिकारिक बयान दिया था। खलील ने कहा था कि तेहरान में जिस घर में हानियेह ठहरे हुए थे, उसे सीधे रॉकेट से निशाना बनाया गया है। खलील ने कहा कि मिलिट्री विंग अल कासिम ब्रिगेड हमास चीफ की मौत को जाया नहीं होने देगा। हिजबुल्लाह ने भी इजराइल से बदला लेने का वादा किया
हानियेह की मौत के बाद से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इस बीच हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह ने इजराइल से बदला लेने का वादा किया था। उसने कहा कि फिलहाल इजराइली बहुत खुश लग रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में वे खूब रोएंगे। नसरल्लाह ने इजराइल से सभी मोर्चे पर खुली लड़ाई का ऐलान किया। उसने कहा कि इजराइल ने रेड लाइन क्रॉस कर ली है। इजराइलियों को पता ही नहीं है कि इन मौतों पर हम कैसा जवाब देंगे। इससे पहले तेहरान में कल यानी गुरुवार को हानियेह को अंतिम विदाई दी गई। इसमें हजारों लोग शामिल हुए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई ने अंतिम यात्रा का नेतृत्व किया। इसके बाद हानियेह के शव को कतर लाया गया। नसरल्लाह की धमकी के कुछ ही घंटे बाद हिजबुल्लाह ने इजराइल पर एयर स्ट्राइक कर दी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने लेबनान से उत्तरी इजराइल पर दर्जनों रॉकेट दागे। इजराइली सेना के मुताबिक इसमें से सिर्फ 5 रॉकेट इजराइली सीमा में दाखिल हो पाए। हमले में किसी नुकसान की खबर नहीं है। यह खबर भी पढ़ें… हमास चीफ हानियेह कतर में हुआ सुपुर्द-ए-खाक, शाही कब्रिस्तान में दफनाया गया हमास चीफ इस्माइल हानियेह को आज कतर की राजधानी दोहा में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उसे कतर के शाही कब्रिस्तान लुसैल में दफनाया गया। इस दौरान कतर और फिलिस्तीनी गुटों के हजारों नेता मौजूद रहे। ब्रिटिश मीडिया मिडिल ईस्ट आई के मुताबिक शुक्रवार को कतर की राजधानी दोहा की सबसे बड़ी मस्जिद में नमाज पढ़ी गई। पूरी खबर पढ़ें…