मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक भ्रष्टाचार समेत 7 मामलों में दोषी पाए गए। इनमें मलेशिया डेवलपमेंट बरहाद (1एमडीबी) स्टेट फंड फ्रॉड सबसे बड़ा मामला है। इसमें अरबों डॉलर इन्वेस्टमेंट के नाम पर वसूले गए। बाकी पांच मामले भी कहीं न कहीं भ्रष्टाचार से जुड़े हैं।
मलेशिया के अखबार, न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक- हाईकोर्ट के जज मोहम्मद गजाली ने दो घंटे तक फैसला पढ़ा। कहा- मैं आरोपी को दोषी पाता हूं। नजीब ने सत्ता का गलत इस्तेमाल किया। उन्हें सभी मामलों में दोषी पाया गया है।
94 दिन ट्रायल चला
कुल 94 दिन सुनवाई हुई। जज हर मामले में अलग-अलग सजा सुना सकते हैं। 67 वर्षीय नजीब फैसला सुनने के बाद शांत थे। सोमवार रात उन्होंने फेसबुक पर लिखा था- आखिर तक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। यह सियासी साजिश है।
जेल से बाहर आना मुश्किल होगा
66 साल को हर मामले में अलग सजा सुनाई जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो फिर उनका जेल से बाहर आना बेहद मुश्किल होगा। तीन मामलों में 20-20 और एक मामले में 15 साल की सजा तो तय मानी जा रही है। हालांकि, नजीब सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। लेकिन, हाईकोर्ट के फैसले के बाद बेल मिलना आसान नहीं होगा। जुर्माना होना भी तय है।
2018 में सत्ता से बाहर होना पड़ा
मई 2018 में नजीब के सत्ता से बाहर होने के बाद भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, सत्ता के दुरुपयोग और आपराधिक साजिश के कई आरोप लगे। अरबों डॉलर के भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उन्हें जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा था। सजा के डर से उन्होंने महातिर मोहम्मद की पार्टी से समझौता भी किया। लेकिन, महातिर खुद कुर्सी नहीं बचा पाए। अब मुईनउद्दीन प्रधानमंत्री हैं। उनकी सरकार ने केस जल्द निपटाने के लिए याचिका दायर की थी।
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