नेतन्याहू बोले-हमास ने महिलाओं का रेप किया, बच्चों को जलाया:अमेरिकी संसद में कहा- ईरान हत्यारा है, हम अमेरिकियों की रक्षा के लिए लड़ रहे

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार रात 11:30 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिकी संसद के जॉइंट सेशन को संबोधित किया। PM नेतन्याहू जब अमेरिकी संसद पहुंचे तो उन्हें 2 मिनट 16 सेकेंड की स्टैंडिंग ओवेशन दिया गया। इस दौरान कुछ सांसदों ने हूटिंग भी की। वहीं टेस्ला के मालिक एलन मस्क भी बतौर गेस्ट संसद में मौजूद रहे। नेतन्याहू ने करीब 52 मिनट का भाषण दिया। स्पीच की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, “7 अक्तूबर को इजराइल पर हुआ हमला अमेरिका पर 9/11 के हमले के बराबर था। उन राक्षसों ने महिलाओं का रेप किया, पुरुषों के सिर काट दिए और बच्चों को जिंदा जला दिया। परिजनों की आंखों के सामने उनके अपनों को मार दिया गया। हमास 255 लोगों को घसीटकर गाजा के अंधेरे कैदखानों में ले गया।” अपने भाषण में उन्होंने सबसे ज्यादा ईरान पर बात की। नेतन्याहू ने कहा, “जब हम ईरान से लड़ते हैं तो हम एक हत्यारे देश के खिलाफ होते हैं। वह अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन है। हम सिर्फ अपनी नहीं बल्कि आपकी रक्षा कर रहे हैं। ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और अरब देशों के लिए खतरा है।” ‘इजराइल की जीत अमेरिका की जीत होगी’
नेतन्याहू ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि उन्हें इस भाषण से एक बात याद रखनी चाहिए कि इजराइल का दुश्मन अमेरिका का दुश्मन है। इजराइल की लड़ाई अमेरिका की लड़ाई है और इजराइल की जीत अमेरिका की जीत होगी। नेतन्याहू ने कहा, “ईरान का मानना है कि अगर उसे अमेरिका को कमजोर करना है तो उसे मिडिल ईस्ट पर जीत हासिल करनी होगी। लेकिन मिडिल ईस्ट के दिल में इजराइल बसा हुआ है जो बार-बार ईरान के मंसूबे पर पानी फेर देता है। जब इजराइल और अमेरिका साथ खड़े होते हैं तो हम जीतते हैं और दुश्मन हारता है।” नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल की जंग बर्बरता और सभ्यता के बीच की लड़ाई है। यहां एक तरफ ऐसे लोग हैं जो मृत्यु को पूजते हैं और दूसरी तरफ जो जीवन को पवित्र मानते हैं। सभ्यता की इस लड़ाई में अमेरिका और इजराइल को साथ खड़े रहने की जरूरत है। ‘हम हमास और हिजबुल्लाह को कुचल देंगे’
इजराइली PM ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि अब जीत बेहद करीब है। हमास के हारने से ईरान को झटका लगेगा। उन्होंने हिजबुल्लाह को कुचलने की भी धमकी दी और कहा, “अपने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए इजराइल हर जरूरी कदम उठाएगा।” हमास की कैद में मौजूद इजराइलयों के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “इन परिवारों ने जो दर्द झेला है उसे बयां नहीं किया जा सकता। मैंने कल भी उनसे मुलाकात की थी। मैंने उन्हें वादा किया है कि जब तक उनके परिजन घर नहीं लौटते, मैं सुकून से नहीं बैठूंगा।” नेतन्याहू ने कहा कि उनके भाषण के दौरान भी इजराइली सैनिक गाजा में लड़ाई लड़ रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा की वे कामयाब होंगे। उन्होंने बंधकों को छुड़ाने के लिए बाइडेन की कोशिशों और मदद की भी तारीफ की। ‘नाजी नरसंहार के बाद हुआ इजराइल का जन्म, हम कमजोर नहीं’
इजराइली PM ने संसद में एक इजराइली सैनिक (IDF) से भी परिचय कराया। उन्होंने कहा कि जब इजराइल पर हमला हुआ तो ये शख्स देश की रक्षा के लिए 8 मील दौड़कर मोर्चे पर पहुंच गया। इसके अलावा नेतन्याहू ने एक और मुस्लिम सैनिक की भी तारीफ की। नेतन्याहू ने इन्हें बहादुर बताया। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल का जन्म नाजी नरसंहार के बाद हुआ। तब 60 लाख यहूदी मारे गए थे लेकिन अब हम दुश्मनों के सामने कमजोर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को जो हुआ अब आगे कभी देखने को नहीं मिलेगा। गाजा में युद्ध का विरोध करने वालों का उड़ाया मजाक
नेतन्याहू ने गाजा में युद्ध का विरोध करने वालों का भी मजाक उड़ाया। उन्होंने संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को दुश्मन देशों का मददगार और बेवकूफ बताया। नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका में अधिकांश लोग इजराइल का समर्थन करते हैं। ये वे लोग हैं जो हमास के झूठ में नहीं फंसे हैं। इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका गाजा में खाने की चीजें भेजता है ताकि युद्ध से प्रभावित लोगों का पेट भर सके। गाजा के लोग फिर भी भूखे रह रहे हैं क्योंकि हमास उनका खाना चुरा ले रहा है। नेतन्याहू बोले- गाजा पर कंट्रोल करने का इरादा नहीं
इजराइली PM ने कहा कि हम जिस दिन हमास को हरा देंगे उस दिन गाजा में एक नई शुरुआत होगी। जीत के बाद भी हम कुछ समय तक गाजा पर कंट्रोल रखेंगे ताकि ये जमीन फिर इजराइल के लिए खतरा न बने। नेतन्याहू ने कहा, “हमारी बस इतनी मांग है कि जंग खत्म होने के बाद गाजा में जो भी सरकार होगी वो फिर कभी इजराइल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करेगी। हमारा गाजा को हासिल करने का कोई इरादा नहीं है।” अमेरिका को नया एलायंस बनाने की दी सलाह
नेतन्याहू ने इजराइल और अमेरिका को नया गठबंधन बनाने की सलाह दी। उन्होंने इसे अब्राहम एलायंस नाम दिया। उन्होंने दूसरे देशों को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने अब्राहम अकॉर्ड के लिए डोनाल्ड ट्रम्प की प्रशंसा भी की। नेतन्याहू ने अमेरिका से और हथियार मांगे
नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका सैन्य मदद को और बढ़ाता है तो उन्हें युद्ध जल्दी खत्म करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान चर्चिल का कथन दोहराया, ‘हमें औजार दो हम काम पूरा कर देंगे।’ नेतन्याहू ने कहा, “मैं अमेरिका से आज अपील करता हूं कि हमें औजार दिए जाएं और हम जल्द काम खत्म करेंगे।” नेतन्याहू को गिरफ्तार करना चाहिए, उन्हें संसद में बुलाना शर्मनाक
नेतन्याहू के संबोधन से पहले बुधवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनकारियों ने यूनियन स्टेशन पर अमेरिका का झंडा हटाकर कई छोटे फिलिस्तीन झंडे लगा दिए। प्रदर्शन के चलते कैपिटल हिल और यूनियन स्क्वायर के आसपास की सड़कें बंद कर दी गईं थीं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका का झंडा और नेतन्याहू का पुतला जलाया। उन्होंने अमेरिका की तरफ से इजराइल को दी जा रही सैन्य मदद बंद करने की मांग की। नेतन्याहू की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहां वे ठहरे हैं, उस होटल के आसपास बाड़ लगाई गई है। इस दौरान पुलिस और सीक्रेट सर्विस एजेंट्स भी बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं। फिलिस्तीनी-अमेरिकी सांसद रशीदा तलीब ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर PM नेतन्याहू की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू एक वॉर क्रिमिनल है जो फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ नरसंहार कर रहे हैं। यह बेहद शर्म की बात है कि दोनों पार्टियों के नेताओं ने उन्हें संसद को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्हें गिरफ्तार कर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट भेजा जाना चाहिए। पहले भी डेमोक्रेटिक नेताओं ने बहिष्कार किया था, बाइडेन भी नहीं हुए थे शामिल
पिछली बार 2015 में जब नेतन्याहू ने तीसरी बार अमेरिकी संसद में संबोधन दिया था तो 58 सांसदों ने नेतन्याहू का बहिष्कार किया था। इसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल थे। दरअसल नेतन्याहू ईरान के साथ न्यूक्लियर डील की आलोचना कर रहे थे। इससे अमेरिकी सांसद नाराज हो गए। उनका कहना था कि नेतन्याहू अमेरिका की विदेश नीति में दखल दे रहे हैं। इस बार भी कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया। युद्धविराम समझौते पर हो सकती है बातचीत
नेतन्याहू 25 जुलाई (गुरुवार) को राष्ट्रपति बाइडेन से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच गाजा में युद्धविराम समझौते पर बातचीत हो सकती है। यूएसए टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति जो बाइडेन और उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस दोनों ही मुलाकात के दौरान नेतन्याहू पर जंग रोकने का दबाव बना सकते हैं। बाइडेन और कमला हैरिस के अलावा नेतन्याहू पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी से उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प से भी मुलाकात करेंगे।