पेन्ना सीमेंट की 100% हिस्सेदारी खरीदेगी अंबुजा सीमेंट:अडाणी ग्रुप की फर्म ₹10,422 करोड़ में कंपनी का अधिग्रहण करेगी, इसमें 3 से 4 महीने का समय लगेगा

अडाणी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट पेन्ना सीमेंट इंडस्ट्रीज लिमिटेड (PCIL) की 100% हिस्सेदारी खरीदेगी। अंबुजा सीमेंट ने 13 जून (गुरुवार) को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस बात की जानकारी दी। PCIL की पूरी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अंबुजा सीमेंट 10,422 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अंबुजा सीमेंट ने बताया कि कंपनी को PCIL का अधिग्रहण पूरा करने में 3 से 4 महीने का समय लगेगा। PCIL के मौजूदा प्रमोटर ग्रुप पी प्रताप रेड्डी एंड फैमिली से अंबुजा सीमेंट ये 100% हिस्सेदारी खरीदेगी। कंपनी ने कहा कि अधिग्रहण पूरी तरह से इंटरनल सोर्सेज से फंडेड किया जाएगा। यह ऐतिहासिक अधिग्रहण अंबुजा सीमेंट की तेज ग्रोथ जर्नी में एक जरूरी कदम
अंबुजा सीमेंट के CEO और होल टाइम डायरेक्टर अजय कपूर ने कहा, ‘यह ऐतिहासिक अधिग्रहण अंबुजा सीमेंट की तेज ग्रोथ जर्नी में एक जरूरी कदम है। PCIL का अधिग्रहण करके अंबुजा सीमेंट साउथ इंडिया में अपने मार्केट की प्रेजेंस बढ़ाना चाहती है। इसके साथ ही कंपनी सीमेंट इंडस्ट्री में पैन-इंडिया लीडर के रूप में अपनी पोजिशन को मजबूत करने के लिए तैयार है।’ अंबुजा सीमेंट ने कहा कि PCIL के मौजूदा डीलर्स जबरदस्त तालमेल लाने के लिए अडाणी सीमेंट के मार्केट नेटवर्क में शामिल हो जाएंगे। PCIL के पास 14 MTPA सीमेंट कैपेसिटी है, जिसमें से 10 MTPA ऑपरेशनल
PCIL के पास 14 MTPA सीमेंट कैपेसिटी है, जिसमें से 10 MTPA ऑपरेशनल है और बची हुई कृष्णापट्टनम (2 MTPA) और जोधपुर (2 MTPA) अंडर कंस्ट्रक्शन है। दोनों कैपेसिटी का कंस्ट्रक्शन 6 से 12 महीनों के भीतर पूरा हो जाएगा। लगभग 90% सीमेंट कैपेसिटी रेलवे साइडिंग से आती है और कुछ कैप्टिव पावर प्लांट और वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम्स द्वारा सपोर्टेड है। इसके अलावा जोधपुर प्लांट में सरप्लस क्लिंकर 14 MTPA के अलावा एडिशनल 3 MTPA सीमेंट पीसने की कैपेसिटी को सपोर्ट करेगा। PCIL की स्थापना 24 अक्टूबर 1991 को हैदराबाद के तेलंगाना में हुई थी
PCIL की स्थापना 24 अक्टूबर 1991 को हैदराबाद के तेलंगाना में हुई थी और यह सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस में है। कंपनी भारत और श्रीलंका में सीधे और अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से काम करती है। PCIL का कंसोलिडेटेड टर्नओवर वित्त वर्ष 24 में ₹1,241 करोड़, वित्त वर्ष 23 में ₹2,002 करोड़ और वित्त वर्ष 22 में 3,204 करोड़ रुपए रहा था।