भारत का ओलिंपिक अभियान शुरू:आर्चरी के क्वालिफिकेशन मैच जारी, 36 शॉट के बाद अंकिता 12वें नंबर पर हैं

पेरिस ओलिंपिक में भारत का अभियान शुरू हो चुका है। लेस इनवैलिड्स गार्डन में विमेंस आर्चरी का ्क्वालिफिकेशन राउंड जारी है। इसमें 3 भारतीय तीरंदाज हिस्सा ले रही हैं। इस राउंड में हर खिलाड़ी को 72 तीर चलने हैं। 36 शॉट के बाद भारत की अंकिता भगत 12वें स्थान पर हैं। उनके 360 में से 335 अंक हैं। वहीं भजन कौर 330 अंक के साथ 23वें, तीन ओलिंपिक खेल चुकीं दीपिका कुमारी 327 के साथ 37वें नंबर पर हैं। दीपिक चौथा ओलिंपिक खेल रही हैं। भारतीय टीम छठे नंबर पर है। टीम इंडिया के 992 अंक हैं। इस इवेंट की फाइनल रैंकिंग में ड्रॉ तैयार किया जाएगा। तीरंदाजी को ओलिंपिक में 1988 में शामिल किया गया था। तब से भारतीय तीरंदाज लगभग हर ओलिंपिक खेल में हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन अभी तक पोडियम तक पहुंचने में नाकाम रहे हैं। देखिए आर्चरी के रैंकिंग राउंड के फोटो… प्री-मैच ट्रेनिंग के फोटो क्वालिफिकेशन में टॉप-10 में बनानी होगी जगह
अनुभवी तरुणदीप राय और दीपिका कुमारी अपने चौथे ओलिंपिक में भाग ले रहे हैं। उनकी अगुआई में टीम को पसंदीदा ड्रॉ हासिल करने के लिए क्वालिफिकेशन में कम से कम शीर्ष 10 में जगह बनानी होगी। प्रत्येक तीरंदाज 72 तीर चलाएगा और क्वालिफिकेशन दौर में भाग ले रहे 53 देश के 128 खिलाड़ियों के स्कोर के आधार पर रविवार से शुरू होने वाली मेन नॉकआउट प्रतियोगिता के लिए वरीयता तय की जाएगी। भारतीय टीम के लिए ये क्वालिफिकेशन दौर महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि भारतीय टीम अक्सर निचली वरीयता हासिल करती रही है, जिससे नॉकआउट चरण में उन्हें दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम का सामना करना पड़ता है। भारत को पुरुष टीम से काफी उम्मीद
भारत को आर्चरी में पुरुष टीम से काफी उम्मीद है जिसने इस साल शंघाई में विश्व कप के फाइनल में कोरिया को हराकर इतिहास रचा था। भारतीय टीम में तरुणदीप राय और पिछले ओलिंपिक में भाग लेने वाले प्रवीण जाधव के रूप में अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं जबकि युवा खिलाड़ी धीरज बोम्मादेवरा ने एक महीने पहले ही अंताल्या वर्ल्ड कप में टोक्यो ओलिंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट इटली के मौरो नेस्पोली को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता है। महिला वर्ग में सभी की निगाहें दीपिका पर
महिला वर्ग में सभी की निगाहें दीपिका पर टिकी रहेंगी। उन्होंने मां बनने के 16 महीने के अंदर शंघाई में वर्ल्ड कप के पहले स्टेज में सिल्वर मेडल जीत कर शानदार वापसी की थी। महिला टीम में उनका साथ देने के लिए अंकिता भगत और भजन कौर हैं। इन दोनों का यह पहला ओलिंपिक होगा। पेरिस ओलिंपिक में मेंस टीम का फाइनल सोमवार को जबकि इंडिविजुअल एलिमिनेशन मंगलवार को शुरू होगा। मिक्स्ड टीम का फाइनल अगले शुक्रवार को और उसी सप्ताह के अंत में महिला और इंडिविजुअल फाइनल होंगे। टोक्यो में शीर्ष 30 में जगह नहीं बना पाए थे
टोक्यो ओलिंपिक में भारत के सभी मेंस तीरंदाज टॉप-30 में जगह नहीं बना पाए थे, जिससे भारतीय टीम को 9वीं वरीयता मिली थी। भारत की एकमात्र महिला तीरंदाज दीपिका ने 9वां स्थान हासिल किया था। भारत को तब अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में शीर्ष वरीयता प्राप्त कोरिया से हार का सामना करना पड़ा था। क्वार्टर फाइनल तक पहुंच सका है भारत
भारतीय तीरंदाज ओलिंपिक में अभी तक क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। भारत तीरंदाजी में केवल सिडनी ओलिंपिक 2000 में क्वालिफाई नहीं कर पाया था। इसके अलावा उसने सभी ओलिंपिक खेलों में भाग लिया, लेकिन अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं कर पाया। लंदन ओलिंपिक 2012 के बाद यह पहला अवसर है जबकि भारतीय टीम में सभी छह खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने रैंकिंग के आधार पर ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई किया जिसका मतलब है कि इस बार भारतीय तीरंदाज पांच आर्चरी इवेंट्स में भाग लेंगे। अब जानते हैं क्या होता हैं आर्चरी
तीरंदाजी भारत का प्राचीन खेल है। सदियों से तीरंदाजी की परंपरा भारत में चलती आई है, लेकिन ओलिंपिक में इसके नियम-कायदे काफी अलग होते हैं। ओलिंपिक में आर्चरी को तीन विभागों टारगेट, इनडोर और फील्ड में बांटा गया है। वर्ल्ड आर्चरी ने यह डिसिप्लिन बनाए हैं। कैसे खेलते हैं आर्चरी, 50 और 70 मीटर के इवेंट
इस डिसिप्लिन में तीरंदाज के सामने एक टारगेट होता है, जिसके ऊपर वह निशाना साधता है। रिकर्व के लिए यह लक्ष्य 70 मीटर की दूरी और कंपाउंड के लिए 50 मीटर की दूरी पर होता है। लक्ष्य पर पांच कलर सुनहरा, लाल, नीला, काला और सफेद रंग बने होते हैं। अगर किसी खिलाड़ी ने सुनहरे रंग पर एकदम बीच में निशाना लगाया तो उसे पूरे के पूरे 10 अंक मिलते हैं। लाल रंग पर निशाना लगा तो 8 और 7 रंग मिलते हैं और साथ ही नीला रंग 6 और 5 अंक देते हैं। वहीं अगर निशाना काले रंग पर लगता है तो खिलाड़ी को 4 और 3 अंक मिलते हैं और साथ ही सबसे बाहरी रिंग यानी सफेद रंग पर निशाना लगे तो एक खिलाड़ी 2 और 1 अंक हासिल कर सकता है। सभी सेट को लेकर जिस तीरंदाज को ज्यादा अंक मिलते हैं, उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है। इनडोर और फील्ड आर्चरी
इनडोर आर्चरी में तीरंदाज 18 मीटर की दूरी पर लक्ष्य को भेदता है। 2018 के बाद इनडोर आर्चरी वर्ल्ड सीरीज का आगाज हुआ था। वहीं फील्ड आर्चरी की अगर बात करें तो इसमें एक तीरंदाज को अलग-अलग साइज के लक्ष्य पर अलग-अलग दूरी से निशाना लगाना पड़ता है। इस दौरान एंगल, लंबाई और दूरी का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। रिकर्व और कंपाउंड में अंतर
रिकर्व इवेंट में आर्चर 70 मीटर की दूरी से निशाना लगाता है, जिसका व्यास 122 सेंटीमीटर होता है, जिसका सबसे बेहतरीन स्कोर 10 अंक होता है। जबकि कंपाउंड इवेंट में 50 मीटर की दूरी पर टारगेट होता है और एक आर्चर लेंस के जरिए इसे देखता है। पॉइंट्स के नियम
कुल मिलाकर एक तीरंदाज 72 निशाने लगाता है, जिसमें 12 सेट होते हैं और हर सेट में 6 तीर मारने होते हैं। हर सेट में मिलने वाले पॉइंट्स को जोड़कर आखिर में विजेता का फैसला किया जाता है।