ओडिशा के पुरी में हुई भगदड़ के विरोध में भुवनेश्वर में कांग्रेस के प्रदर्शन से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एडिश्नल कमिश्नर नरसिंह भोल बैरिकेडिंग के पास तैनात पुलिसवालों को निर्देश देते नजर आ रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के पैर तोड़ने हैं, उन्हें पकड़ना नहीं है। साथ ही ये कहते भी दिख रहे हैं कि जो भी पैर तोड़ेगा वो मुझ से इनाम लेकर जाना। दरअसल, कांग्रेस और कई विपक्षी पार्टियां भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री के घर के सामने प्रदर्शन करने वाली थीं। इसे देखते हुए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने बैरीकेड लगा कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की तैयारी की थी। इसी दौरान एडिश्नल कमिश्नर की बातें वीडियो में रिकॉर्ड हो गईं। वहीं, ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि भगदड़ की घटना की प्रशासनिक जांच की जिम्मेदारी डेवलपमेंट कमिश्नर अनु गर्ग को सौंपी गई है, जो मुख्यमंत्री को 30 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपेंगी। रविवार सुबह 4 बजे रथयात्रा में मची थी भगदड़ ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा के बाद रविवार तड़के करीब 4 बजे भगदड़ मच गई। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 घायल हो गए। घायलों में 6 की हालत गंभीर है। हादसा जगन्नाथ मंदिर से करीब 3 किमी दूर गुंडिचा मंदिर के सामने हुआ। यहां भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ के दर्शन करने के लिए भारी भीड़ जुटी थी, इसी दौरान भगदड़ मची। CM मोहन चरण माझी ने घटना पर माफी मांगी है। उन्होंने X पर लिखा, ‘मैं और मेरी सरकार भगवान जगन्नाथ के सभी भक्तों से व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगते हैं। यह लापरवाही माफ करने लायक नहीं है।’ इसके बाद राज्य सरकार ने पुरी के कलेक्टर और SP का तबादला कर दिया। चंचल राणा को नया कलेक्टर और पिनाक मिश्रा को नया SP बनाया गया है। साथ ही DCP और कमांडेंट को निलंबित कर दिया गया है। पुरी में रविवार सुबह मची भगदड़ की 3 तस्वीरें… जगन्नाथ रथ बाद में पहुंचा, लोगों में दर्शन की होड़ लग गई पुरी की रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को उनकी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर के सामने 9 दिन के लिए खड़ा कर दिया जाता है। यहां बलभद्र और सुभद्रा के रथ पहले पहुंच चुके थे। जगन्नाथ रथ बाद में पहुंचा, जिससे लोगों में उसके दर्शन करने की होड़ लग गई। इसी दौरान भगदड़ मची, जिसमें गिरने से कई लोग कुचल गए। बताया जा रहा है कि घटना के समय वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। हादसे में मारे गए लोगों के नाम बसंती साहू (36), प्रेमकांति महांति (78) और प्रभाती दास हैं। इनके शव पुरी मेडिकल कॉलेज में रखे गए हैं। शुक्रवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले शुक्रवार (27 जून) को देवी सुभद्रा के रथ के आसपास भीड़ का दबाव बढ़ने से 625 से ज्यादा श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रशासन के मुताबिक 70 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 9 की हालत गंभीर बताई जा रही है। रथयात्रा शुक्रवार को शुरू, रविवार को पूरी हुई पुरी में शुक्रवार (27 जून) को शाम 4 बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हुई थी। सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ खींचा गया। इसके बाद सुभद्रा और जगन्नाथ के रथ खींचे गए। पहले दिन बलभद्र का रथ 200 मीटर तक खींचा गया, सुभद्रा-भगवान जगन्नाथ के रथ भी कुछ दूरी तक खींचे गए। शनिवार को 10 बजे फिर रथयात्रा शुरू हुई। भक्तों ने तीनों रथों को खींचना शुरू किया। सुबह 11.20 बजे भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज और दोपहर 12.20 बजे देवी सुभद्रा का दर्पदलन रथ और इनके बाद भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ 1.11 बजे गुंडिचा मंदिर पहुंचा। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की 4 तस्वीरें… जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान पिछले 2 हादसे.. 2024- भगदड़ में 2 की मौत, कई घायल 2024 में जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन 7-8 जुलाई को किया गया था। रथयात्रा के पहले दिन 7 जुलाई को 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंहुचे थे, इस वजह से भगदड़ की स्थिति बन गई। भगदड़ के दौरान घबराहट की वजह से 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल भी हुए। 2008- भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत 2008 में जगन्नाथ यात्रा का आयोजन 4-5 जुलाई को किया गया था। यात्रा के पहले दिन 4 जुलाई को भगवान जगन्नाथ मंदिर के बाहर सिंहद्वार के सामने भगदड़ मच गई, जिसमें 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में 3 महिलाएं भी शामिल थीं। यह हादसा उस समय हुआ जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथयात्रा के लिए मंदिर से बाहर लाया जा रहा था। ————————– भगदड़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गोवा के शिरगांव में भगदड़, 7 की मौत, 50 घायल:बिजली तार गिरने से हादसा, एक-दूसरे पर गिरे लोग; 20 की हालत गंभीर, PM ने जताया दुख गोवा के शिरगांव में श्री लैराई जात्रा (यात्रा) के दौरान 1 मई की रात मची भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई। जानकारी 2 मई की सुबह आई है। हादसे में 50 से ज्यादा लाेग घायल हैं, जिनमें 20 गंभीर हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ें…