ममता बोलीं- विक्टिम के पेरेंट्स को पैसे ऑफर नहीं किए:कहा था- बेटी की याद में अगर कुछ करना हो तो सरकार आपके साथ है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि हमने मृतक ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता को कभी पैसा ऑफर नहीं किया। हमने सिर्फ उन्हें ये कहा था कि अगर वे अपनी बेटी की याद में कुछ करवाना चाहते हैं, तो हमारी सरकार उनके साथ है। स्टेट सेक्रेट्रिएट नबन्ना में रिव्यू मीटिंग के दौरान ममता ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शनों के चलते कोलकाता के कमिश्नर विनीत गोयल ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन हमें कोई चाहिए जो दुर्गा पूजा को लेकर कानून-व्यवस्था संभालना जानता हो। दरअसल, रेप विक्टिम ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता ने कोलकाता पुलिस पर आरोप लगाया था कि उन्होंने बेटी का शव सौंपते वक्त उन्हें पैसा ऑफर किया था और कहा था कि हमने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। वहीं, प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने पुलिस पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की थी। ट्रेनी डॉक्टर के पिता का कोलकाता पुलिस पर 3 आरोप ममता बोलीं- हम CISF की पूरी मदद कर रहे
रिव्यू मीटिंग के दौरान ममता ने CISF की मदद न करने के केंद्र के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि हम CISF की सभी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। हम पर आरोप लगाना केंद्र की भाजपा सरकार और लेफ्ट पार्टियों की साजिश है। हम आपको कुछ भी करने से नहीं रोक रहे हैं। दरअसल 3 सितंबर को केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका लगाई थी। केंद्र का कहना था कि बंगाल सरकार आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात CISF जवानों को परिवहन और आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रही है। इसे लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव को आदेश दिया कि सभी जवानों को रहने के लिए घर मुहैया कराया जाए। ये जवान अस्पताल की सुरक्षा के लिए आए हैं। उनको अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण भी दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की खबर पढ़ें… राज्यपाल आनंद बोस ने इमरजेंसी कैबिनेट बैठक बुलाने का निर्देश दिया
रेप-मर्डर और आरजी कर कॉलेज में भ्रष्टाचार मामले को लेकर पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने रविवार को ममता सरकार को कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं। बोस ने कहा, कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को बर्खास्त करना चाहिए। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती है। शुतुरमुर्ग जैसा रवैया नहीं चलेगा। राज्य को संविधान और कानून के शासन के तहत काम करना चाहिए। दरअसल, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त एक ट्रेनी-डॉक्टर का रेप किया गया। उसके बाद उनकी अर्धनग्न बॉडी मिली थी। मामले में कोलकाता पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने केस कोलकाता पुलिस से लेकर CBI को सौंप दिया है। गवर्नर बोले- पुलिस का एक हिस्सा भ्रष्ट, दूसरे हिस्से का राजनीतिकरण हुआ
बोस ने 5 सितंबर को को रेप- मर्डर केस को लेकर कहा- पुलिस का एक हिस्सा भ्रष्ट है, जबकि एक हिस्से का अपराधीकरण और दूसरे हिस्से का राजनीतिकरण हो चुका है। पीड़ित के माता-पिता ने मुझे कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जो दिल दहलाने वाली हैं। वो इस मामले में न्याय चाहते हैं। पूरा बंगाली समाज न्याय चाहता है। न्याय होना चाहिए। बंगाल सरकार का रुख बद से बदतर होते जा रहा है। लोगों की आवाज भगवान की आवाज है। लोग कार्रवाई चाहते हैं, कार्रवाई के लिए कोई बहाना नहीं बनाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- 30 साल में ऐसी लापरवाही नहीं देखी
रेप-मर्डर केस पर 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान CBI ने कोर्ट में कहा- क्राइम सीन से छेड़छाड़ हुई है। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा- कोलकाता पुलिस की भूमिका पर संदेह है। जांच में ऐसी लापरवाही अपने 30 साल के करियर में नहीं देखी।