“महामना मालवीय एवं अटल काव्य-संगम सम्मान 2025” से सम्मानित हुए उन्नाव के दो साहित्यकार

रायबरेली (उ.प्र.)
25 दिसम्बर 2025 को अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद के संस्थापक एवं काशी हिन्दी विद्यापीठ वाराणसी के कुलसचिव कवि डॉ इंद्रजीत तिवारी “निर्भीक” द्वारा महामना मदन मोहन मालवीय जी एवं भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी के जन्म दिवस के अवसर पर महामना मालवीय एवं अटल काव्य-संगम एवं सम्मान 2025 समारोह, काशी सेवा समिति सभागार, लहुराबीर, रामकटोरा, वाराणसी में आयोजित किया गया जिसमें देशभर भर पधारे हुए रचनाकारों, साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी को भाव-विभोर कर दिया। मदन मोहन मालवीव एवं अटल काव्य-संगम में डॉ अयोध्या प्रसाद लोधी “सुमन” एवं डॉ शिवपाल सिंह द्वारा सुंदर और उत्कृष्ट काव्य-पाठ के लिए दोनों रचनाकारों को “महामना मालवीव एवं भारत रत्न अटल काव्य-संगम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। सम्मान में अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान-पत्र प्रदान किया गया। वाराणसी में सम्मानित किए जाने पर कवि ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, डॉ सुधीर श्रीवास्तव-गोंडा, कवि एवं मीडिया प्रभारी/ पत्रकार डॉ राम लखन वर्मा उनके परिवार जन, मित्रों के अलावा साहित्यकारों, मनीषियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।


पं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के पैतृक गांव गढ़ाकोला-उन्नाव के इन दोनों साहित्यकारों को कवि बिहार की पावन धरती बोधगया मे 16 से 18 दिसम्बर 2025 तक चले तीन दिवसी अन्तर्राष्ट्रीय आचार्यकुल सम्मेलन एवं अन्तर्राष्ट्रीय काव्य महाकुम्भ 2025 मे भी प्रतिष्ठित “अन्तर्राष्ट्रीय शाश्वत कर्म योगी सम्मान 2025” से सम्मानित किये जा चुके हैं जहाँ आरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आचार्य डॉ धर्मेंद्र कुमार तिवारी जी एवं रायबरेली काव्य-रस साहित्य मंच समूह भारत के संस्थापक और कुलपति आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, रायबरेली उ.प्र. (भारत) के डॉ शिवनाथ सिंह “शिव” द्वारा सम्मानित किये जा चुके हैं।

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