
लखनऊ-उ.प्र.
23 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) द्वारा लखनऊ परिसर में बुद्धिमत्ता पूर्ण पुलिसिंग एवं “पारंपरिक पुलिसिंग से नवाचारी परिवर्तन की ओर” विषयक पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में श्री अवनीश अवस्थी द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही प्रगति को सराहा।
आपको बताते चले अब रक्षा में AI तकनीक की डिमांड की मांग बढ़ रही है अब समय आ गया है कि रक्षा के क्षेत्र में भी AI का प्रयोग किया जाय इसके लिए तकनीक प्रशिक्षण भी आरंभ कर दिया गया है। जिस प्रकार अब विश्व स्तर पर साइबर अटैक हो रहे हैं इसलिए अब हर किसी को AI का ज्ञान बहुत ही आवश्यक हो गया है। IT विभाग, IIT कानपुर, IIT लखनऊ मे लांगटर्म और शार्टटर्म की प्रक्रिया चल रही है।

मुख्य अतिथि ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में लाये गये क्रांतिकारी बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई 11 सूत्रीय कार्ययोजना जिसके अंतर्गत अपराध पर सख्ती, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीकी सशक्तिकरण, कृतिम बुद्धिमत्ता, प्रशिक्षण, कल्याण और त्वरित शिकायत निवारण शामिल है सभी की सराहना की। भविष्य में लखनऊ में एक सुरक्षा शोध व प्रशिक्षण का नया केंद्र स्थापित किया जायेगा।

संस्थान के कुलपति प्रो.डॉ बिमल एन पटेल ने उत्तरप्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ परिसर प्रदेश में सुरक्षा एवं पुलिसिंग के नवाचार, प्रमाण आधारित शोध के साथ विशिष्ट प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ आर पी सिंह ने स्मार्ट पुलिसिंग व प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डाला। मेजर विराट मिश्रा, पूर्व साइबर एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह, IIT लखनऊ के डॉ दीपक सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डिजिटल फॉरेंसिक में किस तरह नया प्रयोग किया जाए उस पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। पूर्व आई पी एस अधिकारी राजेश पाण्डेय ने भी अपने विचार साझा किए। अपर पुलिस महानिदेशक श्री नवीन अरोरा ने यू पी पुलिस के सर्वोत्तम तकनीक के बारे में बताया। देश भर से आये हुए विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं ने स्मार्ट पुलिसिंग विषय पर अपने-अपने शोध प्रस्तुत किये।

कार्यक्रम की आयोजक एवं संयोजक समिति का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय लखनऊ की निदेशक श्रीमती मंजरी चन्द्रा जी ने किया साथ ही उपस्थित अतिथियों एवं सम्बद्ध संस्थानों का आभार प्रकट किया। एडीजी आयुष व यूपी सरकार की वरिष्ठ आईएएस श्रीमती चैत्रा वी ने सभी शोधकर्ताओं, वक्ताओं और संयोजकों, साथ ही यूपी पुलिस, प्रान्तीय रक्षा दल, ITBP, एवं जेल प्रशासन की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

कार्यक्रम में बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। डॉ तानवी सिंह द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गयी।
RRU की निदेशक श्रीमती मंजरी चन्द्रा ने मीडिया को बताया कि पूरे भारत में राष्ट्रीय रक्षा विश्विद्यालय के छः कैंपस हैं जिनमे प्रमुख रूप से गांधीनगर- गुजरात जो मुख्य परिसर है। लखनऊ उ.प्र., पासीघाट – अरुणांचल प्रदेश, शिवमोग्गा- कर्नाटक, केंद्र शासित प्रेदश पांडिचेरी में संचालित हैं साथ ही जम्मू कश्मीर में पूरी तरह से कार्य चल रहा है।