लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पेरिस ओलिंपिक में महिला पहलवान विनेश फोगाट की फाइनल में एंट्री पर उन्हें बधाई दी है। साथ ही केंद्र सरकार की आलोचना भी की। राहुल ने कहा कि आज भारत की बहादुर बेटी के सामने सत्ता का वो पूरा तंत्र धराशायी पड़ा था, जिसने उसे खून के आंसू रुलाए थे। राहुल ने X पर एक पोस्ट के जरिए ये बातें कहीं। उन्होंने लिखा, “एक ही दिन में दुनिया की तीन धुरंधर पहलवानों को हराने के बाद आज विनेश के साथ-साथ पूरा देश भावुक है। जिन्होंने भी विनेश और उसके साथियों के संघर्ष को झुठलाया, उनकी नीयत और काबिलियत पर सवाल खड़े किए, उन सभी को जवाब मिल चुका है।” राहुल ने आगे कहा, “चैम्पियंस की यही पहचान है, वो अपना जवाब मैदान से देते हैं। बहुत शुभकामनाएं विनेश। पेरिस में आपकी सफलता की गूंज, दिल्ली तक साफ सुनाई दे रही है।” राहुल ने अंत में हैशटैग के साथ लिखा- गो फॉर गोल्ड। जयराम ने पूछा- क्या नॉन-बायोलॉजिकल PM विनेश को कॉल करेंगे?
कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने भी विनेश फोगाट की जीत को लेकर केंद्र पर हमला बोला। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा, “विनेश का पेरिस ओलंपिक में सिल्वर या गोल्ड मेडल पक्का है। क्या नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री उन्हें कॉल करेंगे?” जयराम ने आगे लिखा, “इससे भी जरूरी यह है कि क्या प्रधानमंत्री उस शर्मनाक घटना के लिए माफी मांगेंगे, जब महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ घिनौना व्यवहार किया था?” विनेश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट 50kg वेट कैटेगरी के फाइनल में पहुंच गई हैं। ओलिंपिक के इतिहास में पहली बार भारत की महिला पहलवान फाइनल में पहुंची है। वे बुधवार (7 अगस्त) को रात 10 बजे के बाद अमेरिका की सारा एन हिल्डरब्रांट से गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगी। सेमीफाइनल में विनेश फोगाट ने क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेजी को 5-0 हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूक्रेन की ओकसाना लिवाच को 7-5 से हराया। अपनी कैटेगरी के पहले मैच में उनका सामना ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और वर्ल्ड चैंपियन जापान की युई सुसाकी से हुआ था। विनेश ने सुसाकी को 3-2 से हराया। पूरी खबर पढ़ें… विनेश ने बृजभूषण के खिलाफ धरने की अगुआई की थी भारतीय खेलों के लिहाज से साल 2023 का शुरुआती महीना एक अलग ही बड़े विवाद के कारण चर्चा में रहा था। जब कुछ ओलिंपियनों सहित करीब 23 खिलाड़ी रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शारीरिक शोषण के आरोप लगाने के साथ ही उन्हें हटाने की मांग के साथ सड़कों पर आ गए थे। कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन चला और इसकी मुख्य रूप से अगुआई 3 पहलवान- बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने की। पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने अपने सरकारी सम्मान खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार दिल्ली में फुटपाथ पर छोड़ दिए थे। दोनों पहलवानों ने पुलिस से इसे प्रधानमंत्री को सौंपने का अनुरोध किया था। विनेश फोगाट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला खत लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो मेडल लौटा देंगी। इन पुरस्कारों का मेरी जिंदगी में अब कोई मतलब नहीं रह गया है। इससे पहले पहलवान साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास लेने की घोषणा की थी। पहलवान बजरंग पूनिया ने भी अपना पद्मश्री पुरस्कार सरकार को लौटा दिया था। पहलवानों के आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने टिप्पणी में कहा था कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।
कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने भी विनेश फोगाट की जीत को लेकर केंद्र पर हमला बोला। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा, “विनेश का पेरिस ओलंपिक में सिल्वर या गोल्ड मेडल पक्का है। क्या नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री उन्हें कॉल करेंगे?” जयराम ने आगे लिखा, “इससे भी जरूरी यह है कि क्या प्रधानमंत्री उस शर्मनाक घटना के लिए माफी मांगेंगे, जब महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ घिनौना व्यवहार किया था?” विनेश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट 50kg वेट कैटेगरी के फाइनल में पहुंच गई हैं। ओलिंपिक के इतिहास में पहली बार भारत की महिला पहलवान फाइनल में पहुंची है। वे बुधवार (7 अगस्त) को रात 10 बजे के बाद अमेरिका की सारा एन हिल्डरब्रांट से गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगी। सेमीफाइनल में विनेश फोगाट ने क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेजी को 5-0 हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने यूक्रेन की ओकसाना लिवाच को 7-5 से हराया। अपनी कैटेगरी के पहले मैच में उनका सामना ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और वर्ल्ड चैंपियन जापान की युई सुसाकी से हुआ था। विनेश ने सुसाकी को 3-2 से हराया। पूरी खबर पढ़ें… विनेश ने बृजभूषण के खिलाफ धरने की अगुआई की थी भारतीय खेलों के लिहाज से साल 2023 का शुरुआती महीना एक अलग ही बड़े विवाद के कारण चर्चा में रहा था। जब कुछ ओलिंपियनों सहित करीब 23 खिलाड़ी रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शारीरिक शोषण के आरोप लगाने के साथ ही उन्हें हटाने की मांग के साथ सड़कों पर आ गए थे। कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन चला और इसकी मुख्य रूप से अगुआई 3 पहलवान- बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने की। पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने अपने सरकारी सम्मान खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार दिल्ली में फुटपाथ पर छोड़ दिए थे। दोनों पहलवानों ने पुलिस से इसे प्रधानमंत्री को सौंपने का अनुरोध किया था। विनेश फोगाट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला खत लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो मेडल लौटा देंगी। इन पुरस्कारों का मेरी जिंदगी में अब कोई मतलब नहीं रह गया है। इससे पहले पहलवान साक्षी मलिक ने खेल से संन्यास लेने की घोषणा की थी। पहलवान बजरंग पूनिया ने भी अपना पद्मश्री पुरस्कार सरकार को लौटा दिया था। पहलवानों के आरोपों पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने टिप्पणी में कहा था कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं।