हम सभी के साथ अक्सर ऐसा होता है, जब हमें किसी ऐसे इवेंट या पार्टी में जाना पड़ता है जहां हम किसी को नहीं जानते हैं। ऐसे में वहां मौजूद लोगों से बातचीत करने में परेशानी होती है। इस दौरान सबसे अधिक समस्या बातचीत शुरू करने में होती है। प्रिप्लाइ में पब्लिश्ड एक स्टडी के मुताबिक, 71% अमेरिकी अजनबियों से बात करने के बजाय चुप रहना पसंद करते हैं। हालांकि, कुछ मौके ऐसे होते हैं, जहां अजनबियों से बात करना जरूरी होता है। जैसे, शादी, पार्टी या ऑफिस का कोई फंक्शन। ऐसे में आज हम रिलेशनशिप कॉलम में जानेंगे कि- अजनबियों से बात करने में सबसे बड़ी रुकावट क्या है? हम सब अपने दोस्तों से खुलकर बात करते हैं। किसी दुकान या कैफे में जाते हैं तो अजनबी वेटर से भी बात करते हैं, लेकिन किसी कार्यक्रम में, जहां हम किसी को नहीं जानते हैं, ऐसी जगह बात करना मुश्किल लगता है। किसी अजनबी से बात करते समय हमें डर, बेचैनी और असुरक्षा महसूस होती है। इस डर की वजह से पसीना आना, दिल की धड़कन बढ़ना और बात करने में परेशानी जैसी समस्या हो सकती है। अजनबियों से बातचीत की शुरुआत कैसे करें? हम सभी को बातचीत की शुरुआत करने में थोड़ा डर लगता है। हालांकि, यह कोई बहुत कठिन काम नहीं है। इसके लिए सही अप्रोच रखने की जरूरत होती है। आइए इसे ग्राफिक्स के जरिए समझते हैं। बातचीत शुरू करने के लिए कुछ बातें सोचकर रखें: किसी भी कार्यक्रम में जाने से पहले, कुछ ऐसे विषयों के बारे में सोच लें जिन पर आप बात कर सकते हैं। जैसे कि मौसम, खाने-पीने की चीजें या उस कार्यक्रम के बारे में ही कुछ बातें। इससे आपको बातचीत शुरू करने में आसानी होगी और आप झिझक नहीं महसूस करेंगे। इवेंट से जुड़े विषय से बातचीत की शुरुआत करें: जिस इवेंट में आप गए हैं, उसके बारे में बातचीत करें। इवेंट जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। आप कार्यक्रम के आयोजकों, वक्ताओं या अन्य किसी चीज के बारे में भी बात कर सकते हैं। इवेंट के बारे में कोई भी नेगेटिव बात बोलने से बचें। एक-दूसरे के बारे में जानने की कोशिश करें: बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए, सामने वाले व्यक्ति के बारे में जानने की कोशिश करें। आप उनसे उनके काम, शौक या परिवार के बारे में पूछ सकते हैं। हालांकि, किसी से कोई पर्सनल सवाल न पूछें। सामने वाले की बातों को ध्यान से सुनें और उन्हें बोलने का मौका दें। किसी छोटे ग्रुप में शामिल होने की कोशिश करें: अगर आपको अकेले किसी से बात करने में झिझक हो रही है, तो किसी छोटे ग्रुप में शामिल होने की कोशिश करें। ग्रुप में बात करना ज्यादा आसान होता है। ग्रुप की बातचीत को ध्यान से सुनें और जब आपको मौका मिले, तो अपनी बात रखें। आप ग्रुप के सदस्यों से उनके नाम और रुचियों के बारे में पूछ सकते हैं। किसी अकेले व्यक्ति से बातचीत करने की कोशिश करें: अगर आपको कोई अकेला व्यक्ति दिखाई दे, तो उनसे जाकर बात करें। वे भी शायद किसी से बात करना चाहते हों। ऐसे में आप अपना परिचय देते हुए उनसे बातचीत की शुरुआत करें। मेजबान से बात करें और उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाएं: अगर आप मेजबान को जानते हैं, तो उनसे बात करें। इवेंट के दौरान आप उनकी मदद भी कर सकते हैं। इससे आपको व्यस्त रहने और लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। मेजबान आपकी मदद से खुश हो सकते हैं और आपको अन्य मेहमानों से मिलने में मदद कर सकते हैं। अजनबियों से बात करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? अजनबियों से बात करते समय हमें ऐसी बात नहीं बोलनी चाहिए, जिससे सामने वाले को तकलीफ पहुंचे। हल्की-फुल्की और पॉजिटिव बातों के जरिए बातचीत को सहज बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सकारात्मक शुरुआत करें: एक हल्की मुस्कान बातचीत की शुरुआत करने का सबसे अच्छा तरीका है। यह सामने वाले व्यक्ति को आरामदायक महसूस कराता है। उन्हें लगता है कि आप उनसे बात करने में रुचि रखते हैं। मुस्कुराहट एक सार्वभौमिक भाषा है, जो पॉजिटिव फ्रेंडशिप का संकेत देती है। आंखों में देखकर बात करें: बात करते समय आंखों में देखना आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह सामने वाले व्यक्ति को यह भी दिखाता है कि आप उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं। हालांकि, सामने वाले को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आप उसे घूर रहे हैं। अपना परिचय दें: अपना नाम बताएं और अपनी आवाज को शांत और मधुर रखें। आप अपने बारे में या रुचियों के बारे में भी थोड़ी जानकारी दे सकते हैं, ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। सुनने पर ध्यान दें: सामने वाले व्यक्ति की बातों को ध्यान से सुनें और उन्हें समझने की कोशिश करें। बीच-बीच में सवाल पूछकर या सहमति जताकर उन्हें दिखाएं कि आप उनकी बातों में रुचि ले रहे हैं। रुचि दिखाएं: सामने वाले व्यक्ति की बातों में रुचि दिखाएं और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। यदि वे किसी विषय पर उत्साहित हैं, तो अपनी रुचि दिखाएं। उनसे और जानने के लिए प्रश्न पूछें। बीच में न टोकें: जब तक सामने वाला व्यक्ति अपनी बात पूरी न कर ले, तब तक बीच में न टोकें। उन्हें अपनी बात कहने का पूरा मौका दें और धैर्य बनाए रखें। सवाल पूछिए: ऐसे सवाल पूछने चाहिए जिसका जवाब एक शब्द में न दिया जा सके, ताकि बातचीत जारी रहे। ऐसे प्रश्न पूछें जिसमें सामने वाले व्यक्ति को अपनी राय या अनुभव साझा करने के का मौका मिलता है। सामने वाले की तारीफ करें: यदि आपको कुछ अच्छा लगे, तो उसकी तारीफ करें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि तारीफ सच्ची और ईमानदार हो। पर्सनल सवाल न पूछें: शुरुआत में बहुत व्यक्तिगत सवाल पूछने से बचें। सामने वाले व्यक्ति पर उसकी निजी जानकारी हासिल करने के लिए दबाव न डालें। राय का सम्मान करें: सामने वाले व्यक्ति की राय का सम्मान करें, भले ही आप उससे सहमत न हों। बहस करने या अपनी राय थोपने से बचें। पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज रखें: बातचीत के दौरान पॉजिटिव बॉडी लैंग्वेज रखें और उथली बातें करने से बचें। दोस्ताना तरीके और खुलेपन के साथ बात करें। घबराएं नहीं और सहज तरीके से बात करें। यदि आप नर्वस महसूस कर रहे हैं, तो गहरी सांस लें। दिखावा न करें: दिखावा न करें और सभी को अपनी असली पहचान दिखाएं। लोग ईमानदार और वास्तविक लोगों के साथ बात करना पसंद करते हैं।