रिलेशनशिप- दुनिया में बढ़ रहा ‘DINKs कपल’ का ट्रेंड:इनकम डबल और बच्चे जीरो, नई पीढ़ी क्यों कर रही बच्चे पैदा करने से इनकार

‘बच्चे दो ही अच्छे।’ ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी, जिसे आजकल ज्यादातर लोगों ने बदलकर दो से एक कर दिया है। वहीं कई करियर ओरिएंटेड कपल्स का फोकस है- नो किड्स। यह कहना गलत नहीं है कि ऐसे कपल्स ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने, घूमने-फिरने, सेल्फ केयर और अपनी लाइफ को अच्छे से जीने में यकीन रखते हैं। ऐसे कपल्स को ही कहा जाता है- DINKs कपल्स, जिसका मतलब है- ड्यूअल इनकम नो किड्स (Dual Income No Kids)। यानी की दोगुनी इनकम और कोई संतान नहीं। वैसे तो DINKs शब्द का प्रयोग 1980 के दशक से किया जा रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में ये काफी पॉपुलर हो गया है। सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। कई कपल्स हैं, जो फैमिली बढ़ाने और अपना बुढ़ापा बच्चों के सहारे जीने में यकीन नहीं रखते। ऐसे कपल्स परिवार की बजाय अपने निजी जीवन और काम पर ज्यादा ध्यान देते हैं। वे अक्सर वे चीजें करते हैं, जो उन्हें खुशी देती हैं। रिसर्चगेट की एक स्टडी के मुताबिक, भारत में अब धीरे-धीरे DINK कपल्स की संख्या बढ़ती जा रही है। यह देखा गया है कि लगभग 65% नवविवाहित कपल बच्चे नहीं करना चाहते हैं (इन्वेस्टोपेडिया, 2021)। तो आज ‘रिलेशनशिप’ कॉलम में बात करेंगे ‘DINKs कपल’ की। साथ ही जानेंगे कि ‘DINKs कपल’ का क्यों बढ़ रहा है ट्रेंड। कौन होते हैं ‘DINKs कपल’ DINKs कपल्स वो होते हैं, जो शादी के बाद बेबी प्लानिंग में जल्दी नहीं करते और यहां तक कि बिना बच्चों के ही जिंदगी गुजारना चाहते हैं। उनका सारा फोकस पैसे कमाने और अच्छी लाइफस्टाइल पर होता है। जैसे-जैसे समय बदलता है, समाज में रहन-सहन का तरीका भी बदल जाता है। आजकल शहरों में रहने वाले युवा तभी शादी करने की सोचते हैं, जब वे अपने करियर को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हों। इसमें लड़कों का ये मानना यह है कि जब तक वे अपने पैरों पर खड़े न हो जाएं, वे शादी नहीं कर सकते हैं। अगर सही समय पर शादी कर भी ली तो कपल्स फैमिली प्लानिंग में बिल्कुल भी जल्दबाजी नहीं करते। ज्यादातर कपल्स शादी के बाद पहले अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। तभी फैमिली को आगे बढ़ाने की सोचते हैं। बेबी प्लानिंग न करने के कई और भी कारण हो सकते हैं। अमेरिकी लेखक डब्लू. ए. मून ने इस विषय पर एक किताब भी लिखी है- ‘लिविंग द DINK लाइफ’। इस किताब में उन्होंने बताया है कि DINK लाइफ कैसे उन कपल्स के लिए बेस्ट है, जो बच्चे नहीं करना चाहते हैं और अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। बहुत सारे कपल्स अपना रहे DINK लाइफस्टाइल बच्चे को दुनिया में लाना एक बड़ा फैसला है। इसलिए कई कपल्स के लिए माता-पिता बनने का फैसला एक बहुत ही निजी मामला है। इसमें सामाजिक अपेक्षाओं से लेकर खुद की इच्छाएं और परिस्थितियां तक कई तरीकों से असर डालती हैं। जहां कुछ लोगों को माता-पिता बनने की बहुत इच्छा होती है। वहीं कुछ लोग यह सवाल कर सकते हैं कि क्या माता-पिता बनना उनके लिए सही है। इसी को देखते हुए समाज में कई पारिवारिक व्यवस्था और जीवन शैलियां बन गई हैं। DINK उनमें से एक है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ रिसर्च इन सोशल साइंस के मुताबिक, DINK कपल बनना एक पर्सनल चॉइस है। चाहे वो आपकी शादी के शुरुआती साल हों, या पांच साल बाद, अगर आप DINK रहना चाहते हैं तो रह सकते हैं। आजकल बहुत से कपल बच्चे पैदा न करने का विकल्प चुनते हैं। केवल एक बच्चा पैदा करना, अपने बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए निवेश करना कोई सही फैसला नहीं है। बच्चा पैदा करने के लिए आपको मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से तैयार होना होता है। हाल ही में अमेरिका में हुए सर्वेक्षणों के मुताबिक, 33% DINKs वित्तीय स्वतंत्रता के लिए बच्चे नहीं करते हैं। जबकि 28% लोग फ्लैक्जिबल लाइफ को प्राथमिकता देते हैं। वित्तीय बाधाओं (26%) या चिकित्सा कारणों (22%) जैसी परेशानियों के कारण भी लोग यह जीवन चुनते हैं। DINK कपल होना एक चुनौती भी समाज में DINK ट्रेंड का विरोध भी हो रहा है। DINK कपल्स को या तो स्वार्थी या फिर पारंपरिक पारिवारिक अपेक्षाओं से भटकने वाला कहा जाता है। कई बार इससे परिवार और समाज में अलगाव जैसी स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे बेवजह का तनाव हो सकता है। एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया द्वारा ‘दिल्ली के बदलते उपभोग पैटर्न (Consumption Pattern)’ पर किए गए एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि DINK बहुत ज्यादा खर्च करने वाले लोग होते हैं। वे ज्यादा बाहर खाते हैं, वास्तव में लगभग हर दिन। लेकिन यह सिर्फ बाहर खाना है। वे खर्च भी उतना ज्यादा ही करते हैं। वे मनोरंजन और छुट्टियों पर भी बहुत ज्यादा खर्च करते हैं।