स्टेज पर खड़े होकर लोगों के सामने बोलना कोई आसान काम नहीं है। कुछ लोग पब्लिक को देखकर नर्वस हो जाते हैं। इसकी वजह से वे सार्वजनिक रूप से बोलने से बचते हैं। कई बार मंच पर पहुंचते ही लोगों के हाथ-पैर कांपने लगते हैं और आवाज लड़खड़ाने लगती है। इसे स्पीच एंग्जाइटी या ग्लोसोफोबिया (Glossophobia) कहते हैं। स्पीच एंग्जाइटी का डर इस कदर हावी रहता है कि लोग चाहकर भी मंच से बोल नहीं पाते हैं। हालांकि सही तैयारी और आत्मविश्वास के साथ इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। तो आज रिलेशनशिप कॉलम में हम बात करेंगे कि लोगों को पब्लिक स्पीकिंग से क्यों डर लगता है। साथ ही जानेंगे कि इस डर पर कैसे काबू पाया जा सकता है। पब्लिक स्पीकिंग से क्यों डरते हैं लोग? पब्लिक स्पीकिंग से घबराने का एक बड़ा कारण यह है कि लोग दर्शकों की आलोचनाओं के बारे में ज्यादा सोचते हैं। उन्हें गलतियां करने और खुद को अयोग्य समझे जाने का डर रहता है। साथ ही वह दिमाग में अपनी स्पीच को लेकर पहले से एक नकारात्मक धारणा बना लेते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य कारण हैं, जिनकी वजह से लोग पब्लिक स्पीकिंग से डरते हैं। नीचे ग्राफिक से इसे समझिए- पब्लिक स्पीकिंग के डर पर कैसे पाएं काबू पब्लिक स्पीकिंग के डर पर काबू पाने के लिए पर्याप्त अभ्यास और सही तैयारी का होना जरूरी है। इसकी शुरुआत के लिए अपने पसंदीदा मोटिवेशनल स्पीकर के वीडियोज देखें और सुनें। उनसे बोलने की स्किल सीखें। किसी भी विषय पर बोलने से पहले उस बारे में खूब जानकारी हासिल करें। इसके अलावा स्टेज पर बोलने से पहले कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना जरूरी है। इसे नीचे ग्राफिक से समझिए- आइए, अब ऊपर दिए कुछ जरूरी पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं। अच्छे पब्लिक स्पीकर से सीखें आजकल यूट्यूब पर तमाम मशहूर पब्लिक स्पीकर के वीडियोज मौजूद हैं। इन्हें देखकर आप बोलने की कला आसानी से सीख सकते हैं। इसके लिए स्पीकर के भाषणों को ध्यान से सुनें और उसे खुद बोलने का अभ्यास करें। उनकी बोलने की स्टाइल व तकनीक को समझें। बोलने के दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज काे भी नोटिस करें। मोबाइल में अपनी स्पीच रिकॉर्ड करें, फिर उससे सीखें पहले लोग आईने के सामने खड़े होकर पब्लिक स्पीकिंग की प्रैक्टिस करते थे। लेकिन अब पब्लिक स्पीकिंग की प्रैक्टिस के लिए टेक्नोलॉजी की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आप अपने मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड करें। इसे किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें, जो एक अच्छा स्पीकर हो। वह आपकी कमियों और खूबियों को आसानी से बता सकता है। इससे आप अपनी स्पीकिंग स्किल में इम्प्रूवमेंट कर सकेंगे। विषय का गहराई से अध्ययन करें किसी भी विषय पर बोलने से पहले उसके बारे में खूब पढ़ें। आप जिस बारे में बात कर रहे हैं, उसे जितना अच्छे ढंग से समझेंगे, उतने ही बेहतर तरीके से उसे पब्लिक को समझा पाएंगे। डेटा या कोई नई जानकारी इकट्ठा करें अपनी स्पीच को प्रभावी बनाने के लिए उसमें डेटा या नई जानकारी शामिल करें। बहुत ज्यादा कहानियां बुनने से बचें। हमेशा फैक्ट पर बातें करें। लोग इसे ज्यादा ध्यान से सुनना पसंद करेंगे। अपने दोस्त या परिवार के सदस्यों के सामने प्रैक्टिस करें किसी बड़े स्टेज पर बोलने से पहले ऐसे लोगों के सामने प्रैक्टिस करें, जिनके साथ आप सहज महसूस करते हों। अगर आपकी स्पीच में कोई कमी है तो वह इसके बारे में खुलकर बताएंगे। इससे आप समय रहते उसमें सुधार कर सकते हैं। फीडबैक को गंभीरता से लें जब कोई आपकी स्पीच को लेकर फीडबैक दे तो उसे गंभीरता से सुनें। उसे एक डायरी में नोट करें और उसमें सुधार करें। फीडबैक काे कभी भी इगो पर न लें। इससे आप अपनी कमियों को नोटिस नहीं कर पाते हैं। बिना घबराहट के अपनी बात स्पष्ट रखें मंच पर बोलने के दौरान खुद को पॉजिटिव रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप उस समय खुद को सबसे ज्यादा जानकार मानते हुए अपनी बात रखें। इससे आपका आत्मविश्वास तो बढ़ेगा ही, साथ ही अपनी बात भी आसानी से रख पाएंगे। बॉडी लैंग्वेज में कॉन्फिडेंस दिखाएं प्रोफेशनल पब्लिक स्पीकर तनावमुक्त और आत्मविश्वास से भरे दिखते हैं। वे धीरे-धीरे बोलते हैं और पॉजिटिव बॉडी मूवमेंट्स करते हैं। इन चीजों को आप भी अपनी स्पीच के दौरान फॉलो कर सकते हैं। जो बोल रहे हैं, उसके साथ चेहरे के भावों काे भी दिखाना जरूरी है। ये आत्मविश्वास को बढ़ाता है। दर्शकों के बजाय अपनी स्पीच पर ध्यान दें जब आप दर्शकों के बजाय अपनी स्पीच पर ध्यान देते हैं तो अपने विचारों को अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकते हैं। इससे पब्लिक को भी आपकी बात को समझने में आसानी होती है। स्पीच के बाद खुद को शाबाशी दें अपनी स्पीच के बाद खुद को शाबाशी देना न भूलें। स्पीच के दौरान छोटी-बड़ी गलतियां होना स्वाभाविक है। इस पर बहुत अफसोस न करें। इसके बजाय आगे अपनी गलती में सुधार करके और बेहतर करने का प्रयास करें।