रिलेशनशिप- म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने से तेज होता दिमाग:साइंस के मुताबिक म्यूजिक से बढ़ता फोकस, क्रिएटिविटी; बेहतर होती मेंटल हेल्थ

‘अल्बर्ट आइंस्टीन’ ये नाम सुनते ही जेहन में मशीनों और फॉर्मूलों से घिरे और बिखरे बालों वाले एक वैज्ञानिक की तस्वीर उभरती है। ऐसा वैज्ञानिक, जिसकी वैज्ञानिक खोजों ने आधुनिक विश्व की बुनियाद रखी और जिसने दुनिया की दिशा बदल दी। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि अल्बर्ट आइंस्टीन वैज्ञानिक होने के साथ-साथ वॉयलिन और पियानो के अच्छे जानकार भी थे। काम से फुरसत पाने के बाद वॉयलिन या पियानो बजाना आइंस्टीन का सबके पसंदीदा काम था। खुद आइंस्टीन इन म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट को अपनी मेंटल वेलबीइंग के लिए जरूरी मानते थे। सिर्फ आइंस्टीन ही नहीं, दुनिया के कई और बड़े दिग्गज और खुद विज्ञान भी यह मानता है कि संगीत सुनने और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने से शरीर को कई फायदे होते हैं। इससे शरीर में हैप्पी हॉर्मोन रिलीज होते हैं, ब्रेन के न्यूरोट्रांसमिटर्स एक्टिव होते हैं और मस्तिष्क के विकास में भी यह मददगार है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा की एक स्टडी कहती है कि जो लोग बचपन में कभी-न-कभी कोई म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेंट बजाते रहे हैं, उनका दिमाग वृद्धावस्था में भी ऐसे लोगों की तुलना में ज्यादा तेज होता है, जिनके जीवन में संगीत न रहा हो और जिन्होंने कभी कोई म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेंट न बजाया हो। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित वर्ष 2017 की एक स्टडी के मुताबिक बच्चों को म्यूजिक सुनाना उनके ब्रेन डेवलपमेंट में मददगार होता है। तो आज ‘रिलेशनशिप’ कॉलम में बात करेंगे म्यूजिक के साथ हमारे रिश्ते की। म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेंट बजाने से इंसान को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही जानेंगे कि क्या संगीत और म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेंट मेंटल स्ट्रेस को भी कम कर सकते हैं। म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने से तनाव होता कम, कहता है साइंस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक, तनाव कम करने के लिए कोई भी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना फायदेमंद हो सकता है। साथ ही इससे और भी फायदे होते हैं। जैसेकि एंग्जाइटी कम होना, कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होना और इमोशनल इंटेलीजेंस डेवलप होना। एक अनोखा वैज्ञानिक प्रयोग अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन ने एक अनोखी स्टडी की। इसमें यह देखने की कोशिश की गई कि क्या म्यूजिक वास्तव में हमारे तनाव को कम करने में मददगार है। सर्वे में शामिल लोगों को तीन समूहों में बांटा गया। एक्सपेरीमेंट से पहले तीनों समूह के लोगों का स्ट्रेस लेवल चेक किया गया। सब सामान्य अवस्था में थे। फिर ऐसी स्थितियां पैदा की गईं, जिससे उन्हें स्ट्रेस हो और उनका स्ट्रेस हॉर्मोन लेवल बढ़े। इसके बाद तनाव की अवस्था से गुजर रहे पहले ग्रुप को रिलैक्सिंग म्यूजिक सुनाया गया। दूसरे ग्रुप को पानी की लहरों की आवाज सुनाई गई और तीसरे ग्रुप को कोई म्यूजिक नहीं सुनाया गया। उनसे सिर्फ आराम करने को कहा गया। इसके बाद तीनों समूहों के लोगों का स्ट्रेस लेवल चेक किया गया। रिसर्चर्स ने पाया कि म्यूजिक सुनने वाले समूह के लोगों में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बाकी दो समूह के लोगों की तुलना में काफी कम था। म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने से बच्चों का दिमाग तेज होता है यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चों का दिमाग लंबी उम्र तक तेज बना रहे तो आप उन्हें किसी वाद्ययंत्र जैसे पियानो, तबला या वॉयलिन बजाने की ट्रेनिंग दिलवा सकते हैं। दुनिया भर में हुई कई स्टडीज ये कहती हैं कि संगीत ब्रेन के न्यूरोट्रांसमिटर्स को एक्टिवेट करता है और इससे दिमाग तेज होता है। स्कॉटलैंड की नेपियर यूनिवर्सिटी (Napier University) में साइकोलॉजी के प्रोफेसर डॉ जूडिथ ओक्ली (Dr Judith Okely) ने नतीजों के बारे में कहा कि जब आप कोई मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण काम करते हैं, जैसेकि वाद्ययंत्र बजाना तो आपकी सोचने की क्षमता बढ़ती है। यह आपकी मेमोरी को भी बेहतर करता है। मुश्किल हालातों में जल्दी हार नहीं मानते म्यूजिशियन संगीत हमें शांति देता है, चाहे आप कोई गीत गा रहे हों, उसे सुन रहे हों या फिर म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजा रहे हों। इसका हमारी भावनाओं पर एक अनोखा प्रभाव पड़ता है और यह एंग्जाइटी को भी कम करता है। कई मनोवैज्ञानिकों का मानना ​​है कि धीमा शास्त्रीय संगीत हमारे मन और मस्तिष्क के लिए लाभकारी होता है। भोपाल की साइकोलॉजिस्ट और रेकी हीलर शिवानी सरकार कहती हैं कि संगीत सुनने से हमारे मन और शरीर दोनों पर प्रभाव पड़ता है। विशेष रूप से लाइट म्यूजिक, शास्त्रीय संगीत या फिर हमारा कोई पसंदीदा गीत। इस प्रकार का संगीत हमारे मन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे हम खुशी और शांति महसूस करते हैं और हम कोई भी काम खुश होकर करते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन ही नहीं, कई फेमस पर्सनैलिटी भी अपने आपको शांत और खुश रखने के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाते हैं। पियानो बजाने से कोर्टिसोल का स्तर होता कम हमारे जीवन में कई तरह के तनाव हो सकते हैं। कभी परीक्षा में बेहतर करने का तनाव, कभी किसी अपने को खोने का तनाव तो कभी निजी जिंदगी से जुड़ा कोई और अवसाद। किसी को भी इससे उबरने में मुश्किल हो सकती है। यहीं काम आता है संगीत और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, जो हमारे तनाव को कम करने में मदद करता है। कहने का मलतब है कि संगीत सिर्फ कानों को ही मधुर नहीं लगता, बल्कि यह दिल, दिमाग और पूरे शरीर के लिए भी फायदेमंद है। संगीत सुनना फायदेमंद है, लेकिन किसी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट को बजाने के फायदे उससे भी बढ़कर हैं। वाद्ययंत्रों से सुंदर संगीत के साथ स्वस्थ तन और मन की सरगम भी निकलती है।