रिलेशनशिप- 58 साल की जेंग का पेरिस ओलिंपिक में डेब्यू:सपने देखने और उन्हें पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती, प्रेरणा की 10 कहानियां

अपने सपनों को पूरा करने की कोई उम्र या सीमा नहीं होती। जरूरत होती है तो बस थोड़े जुनून, बहुत सारी इच्छाशक्ति और सिर्फ एक कदम आगे बढ़ाने की। अगर किसी सपने को पूरा करने का हौसला और मेहनत हो तो उम्र या हालात कभी आपके आड़े नहीं आ सकते। इसे साबित कर दिखाया है चीन की 58 वर्षीय टेबल टेनिस खिलाड़ी जेंग झीइंग ने, जिन्होंने इन दिनों चल रहे पेरिस ओलिंपिक में अपना डेब्यू किया। जेंग झीइंग ने टेबल टेनिस खेलने की शुरुआत बचपन में ही कर दी थी। 11 साल की उम्र में उन्हें बीजिंग में जूनियर एथलीट टीम के लिए चुना गया था। 1983 तक जेंग चीन की राष्ट्रीय टेबल टेनिस टीम का हिस्सा बनीं और उन्होंने ओलिंपिक में खेलने का सपना देखा। लेकिन फिर कुछ कारणों से उन्हें टीम छोड़नी पड़ी। वह चीन छोड़कर चिली जाकर बस गईं और 1989 में वह चिली के स्कूली बच्चों को टेबल टेनिस सिखाने लगीं। टेनिस से रिटायरमेंट के 38 साल बाद उन्होंने फिर वापसी की। जब पूरी दुनिया पर कोरोना का हमला हुआ तो जेंग झीइंग ने घर में ही टेबल टेनिस खेलकर अपने पैशन को कायम रखा। फिर कई स्थानीय टूर्नामेंट में भाग लिया और 2023 तक वह चिली की टॉप महिला खिलाड़ी बन गईं। इस साल उन्होंने चिली की तरफ से पेरिस ओलिंपिक, 2024 में अपना डेब्यू किया। हालांकि वह जीत नहीं पाईं, लेकिन अपने से 30-30 साल छोटे खिलाड़ियों के साथ ओलिंपिक में हिस्सा लेने का जो साहस उन्होंने दिखाया है, वह अपने आप में एक बड़ी जीत है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इंसान अपने मन में कुछ करने की ठान ले तो कोई दीवार आड़े नहीं आ सकती, दुनिया की कोई बाधा उसे रोक नहीं सकती। जेंग झीइंग की कहानी हम सबके लिए एक प्रेरणा है। तो आज ‘रिलेशनशिप’ कॉलम में हम बात करेंगे कुछ ऐसी ही प्रेरक कहानियों और इसके पीछे के मनोविज्ञान की। मेहनत एक दिन जरूर रंग लाती है सपने तो सभी देखते हैं, लेकिन सभी अपने सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसके दो कारण हो सकते हैं पहला किस्मत और दूसरा अधूरी मेहनत या बीच में ही हार मान लेना। अगर हम भाग्य की बात करें तो ये हमारे हाथ में नहीं होता है। लेकिन भाग्य आखिर है क्या। अपना भाग्य हम खुद लिखते हैं। यदि हम लगातार मेहनत करें तो हमें सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता। कई बार ऐसा होगा कि जिंदगी हमें पीछे खींचेगी, परिस्थितियां अलग होगीं, लेकिन कोशिश करते रहना होगा। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम कहते थे, “सपना वो नहीं है, जो आप नींद में देखते हो। सपना वो होता है, जो आपको सोने नहीं देता।” बुढ़ापे में शुरुआत करने वालों की फेहरिस्त बहुत लंबी है जेंग झीइंग न तो पहली हैं, न इकलौती। ऐसे लोगों की फेहरिस्त बहुत लंबी है, जिन्होंने उम्र के उस पड़ाव पर शुरुआत की, जिसे लोग बुढ़ापा कहकर जीवन का अंत समझने लगते हैं। काम से रिटायरमेंट ले लेते हैं। ऐसे जाने कितने लोग हैं दुनिया में, जिन्होंने 80-90 साल की उम्र में भी एक नई शुरुआत की। दुनिया के वे सफल लोग, जिन्होंने बहुत देर से शुरुआत की उम्मीद पर दुनिया कायम है, उस उम्मीद को जगाए रखिए वो कहावत तो आपने सुनी ही होगी, उम्मीद पर दुनिया कायम है। अगर हमारी जिंदगी में कोई सपना है, कोई लक्ष्य है और हम उसके लिए मेहनत करने को तैयार हैं तो हम जरूर ही अपनी मंजिल को हासिल कर पाएंगे। जहां तक सपने पूरे होने का सवाल है तो सिर्फ एक ही बात मायने रखती है और वो है कोशिश। जैसे मंजिल से ज्यादा बड़ी है यात्रा, जीत से बड़ा है खेलने का जज्बा, वैसे ही किसी सपने के पूरा हो जाने जैसा कोई अंतिम मुकाम नहीं होता। महत्वपूर्ण ये है कि हमारी आंखें सपने देख रही हैं और उसे पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। लेखक जूड डी’सिल्वा ने एक किताब लिखी है- ‘यस यू टू कैन ड्रीम: ड्रीम्स हैव नो ऐज लिमिट’। इस किताब में उन्होंने सपनों के महत्व के बारे में बताया है। कैसे हम अपने बड़े-से-बड़े सपने को साकार कर सकते हैं। मनुष्य होने के नाते, हमारे पास सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए उद्देश्य और लक्ष्य विकसित करने की इच्छा होती है। अमेरिकन लीडरशिप कोच और राइटर जॉन सी. मैक्सवेल कहते थे, “हमारा सपना भविष्य की एक प्रेरणादायक तस्वीर है, जो आपके दिमाग, इच्छा और भावनाओं को ऊर्जा देती है। साथ ही आपको इसे प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करने देती है।” अपने सपनों को कागज पर लिखिए, फिर पूरा करिए अब्राहम लिंकन कहते थे “मुझे एक पेड़ काटने के लिए छह घंटे दीजिए और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा।” प्लानिंग परफेक्ट हो तो सफलता जरूर मिलती है। क्योंकि तब आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे होते हैं। आपको धैर्यपूर्वक लगातार उसमें अपने आपको झोंक देना होता है। आपको धृढ़ विश्वाश होना चाहिए और विजुअलाइजेशन करते रहना चाहिए की आप सफल हो रहे हैं। नकारात्मक विचारों से दूर रहिए। आपके सपने जरूर पूरे होंगे।