वर्ल्ड अपडेट्स:चीन ने ताइवान के चारों तरफ मिलिट्री ड्रिल लॉन्च की, अमेरिका को चेतावनी दी

चीन की सेना ने मंगलवार को बताया कि उसने ताइवान के चारों तरफ सेना, नेवी, एयर फोर्स और रॉकेट फोर्स की जॉइंट एक्सरसाइज लॉन्च की है। चीन ने ये ऐलान अमेरिका को चेतावनी देते हुए किया है। दरअसल अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बीते दिनों एशिया के अपने पहले दौरे पर चीनी आक्रामकता का जवाब देने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर जारी बयान में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के ईस्टर्न थिएटर कमांड ने कहा कि चीन की सेना युद्ध अभ्यास के दौरान कई दिशाओं से ताइवान के करीब पहुंचेगी। इस अभ्यास में समुद्री और जमीनी टारगेट पर हमले और अहम इलाकों और समुद्री रास्तों की नाकेबंदी जैसी रणनीतियां शामिल होंगी। इसका मकसद सैनिकों की जॉइंट ऑपरेशन क्षमता को परखना है। बयान में चीन की सेना ने कहा कि यह ‘ताइवान की आजादी’ की समर्थक अलगाववादी ताकतों के खिलाफ हमारा कड़ा संदेश और शक्तिशाली चेतावनी है। यह युद्धाभ्यास चीन की संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए वैध और जरूरी कार्रवाई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी आज की अन्य प्रमुख खबरें… मलेशिया के कुआला लुंपुर में गैस स्टेशन के पास ब्लास्ट; 112 लोग घायल, 63 अस्पताल में भर्ती मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के पास मंगलवार सुबह 8 बजे गैस पाइपलाइन में ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट से उठीं आग की लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाईं दीं। भीषण आग लगने से कम से कम 112 लोग घायल हो गए। इनमें से 63 लोग अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने और आसपास के लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। यह घटना कुआलालंपुर के बाहरी इलाके में स्थित सेलांगोर राज्य के पुछोंग शहर में हुई। राज्य ऊर्जा कंपनी पेट्रोनास ने कहा कि पाइपलाइन को बंद कर दिया गया है। दमकल विभाग के अनुसार, कंपनी ने 500 मीटर लंबी पाइपलाइन के वॉल्व को बंद कर दिया और इस आग से 49 घर प्रभावित हुए हैं। ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई बोले- हमला हुआ तो करारा जवाब देंगे, ट्रम्प ने बमबारी की धमकी दी थी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा है कि ईरान किसी भी तरह के हमले का करारा जवाब देगा। इससे पहले ट्रम्प ने धमकी दी थी कि अगर ईरान परमाणु समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो उसपर बमबारी की जाएगी। खामेनेई ने रविवार को लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका, इजराइल से उनकी हमेशा से दुश्मनी रही है। वे हम पर हमला करने की पहले भी धमकी देते रहे हैं लेकिन ऐसा होगा नहीं। लेकिन अगर वे ऐसी शरारत करते हैं तो उन्हें इसका करारा जवाब मिलेगा। इससे पहले, खामेनेई ने साफ कर दिया था कि ईरान अमेरिका से किसी भी तरह की प्रत्यक्ष वार्ता के लिए तैयार नहीं है, मध्यस्थता के जरिए ही वह बातचीत कर सकता है। खामेनेई ने इजराइल के गाजा पर लगातार किए जा रहे हमलों की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह दुष्ट समूह पूरी तरह से फिलिस्तीन से समाप्त करना चाहता हैं।