नेपाल में राजशाही की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो कहती हैं कि हम (नेपाल) दुनिया में एकमात्र हिंदू राष्ट्र थे। हमारी सबसे बड़ी पहचान यह है कि हम एक हिंदू राष्ट्र थे। हमारे देश में धर्म को लेकर कभी कोई लड़ाई नहीं हुई। हम एक शांतिपूर्ण हिंदू राष्ट्र थे, जिसमें कोई संघर्ष नहीं था। इसे क्यों हटाया गया? हमें ऐसा महसूस कराया गया कि यह सब एक साजिश थी। बता दें कि मनीषा कोइराला का जन्म नेपाल के काठमांडू में हुआ था। फिलहाल, वे मुंबई में सेटल हैं, लेकिन उनका ज्यादातर परिवार काठमांडू में ही रहता है। मनीषा के पिता प्रकाश कोइराला नेपाल में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्रम्प ने जेलेंस्की को धमकी दी, मिनरल डील से पीछे हटे तो बहुत मुश्किल होगी डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को धमकी दी है कि अगर वे मिनरल डील से पीछे हटते हैं तो उन्हें बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा। ट्रम्प ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा- जेलेंस्की को देखकर मुझे लग रहा है कि वह रेयर अर्थ मटेरियल डील से पीछे हटने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह ऐसा करते हैं तो उनके लिए मुश्किल हो जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि जेलेंस्की इस डील का इस्तेमाल NATO मेंबरशिप के लिए नहीं कर सकते। जेलेंस्की देश को NATO का मेंबर बनाना चाहते हैं, लेकिन यूक्रेन कभी भी NATO का सदस्य नहीं बनने जा रहा। अगर जेलेंस्की को लग रहा है कि वह इस डील पर दोबारा बातचीत करके बच जाएंगे तो ऐसा नहीं होगा। थाईलैंड में 5 चीनी नागरिक गिरफ्तार, ढह चुकी 30 मंजिला इमारत के दस्तावेज चुराने का आरोप थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 5 चीनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी नागरिक भूकंप से तबाह हुई इमारत से अहम दस्तावेजों को चुरा रहे थे। बैंकॉक के चतुचक जिले में 28 मार्च को भूकंप आया था, इसमें एक 30 मंजिला इमारत ढह गई थी। इस इमारत को एक चाइनीज कंपनी और एक थाई निर्माण कंपनी मिलकर बना रही थीं। भूकंप में इमारत के गिरने के बाद अधिकारियों ने इस जगह को प्रतिबंधित आपदा स्थल घोषित कर दिया था। थाई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 5 चीनी नागरिकों को रविवार को प्रतिबंधित इलाके से दस्तावेज, ब्लूप्रिंट ले जाते हुए देखा गया था। पकड़े जाने पर उन्होंने दावा किया कि वे बीमा क्लेम के लिए आए हुए थे। नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग के खिलाफ सरकार सख्त, किंग ज्ञानेंद्र की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन नेपाल में केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट सरकार हिंदू राष्ट्र और राजशाही की वापसी की मांग के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही है। शुक्रवार को काठमांडू में राजशाही समर्थकों द्वारा की गई हिंसा को लेकर पूर्व किंग ज्ञानेंद्र की घेराबंदी तेज कर दी गई है। सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है जो आंदोलन और हिंसा की जांच करेगी। साथ ही ज्ञानेंद्र की भूमिका को लेकर भी जांच होगी। सरकार के प्रवक्ता पृथ्वी गुरंग ने बताया कि हिंसक आंदोलन को लेकर ज्ञानेंद्र ने ही पूरी योजना बनाई थी। राजशाही समर्थक नवराज सुवेदी और दुर्गा प्रसाई को आंदोलन के लिए तैयार किया। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक ज्ञानेंद्र के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी नेपाल सरकार ने पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र पर 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इस बीच, नेपाल सरकार ने ज्ञानेन्द्र शाह के सुरक्षा कर्मियों की संख्या घटा दी है। सरकार की ओर से ज्ञानेंद्र को अब 25 की जगह 16 सुरक्षाकर्मी ही दिए गए हैं।