वर्ल्ड अपडेट्स:भारत समेत 4 देशों में भूकंप के झटके, 3 घंटे में तिब्बत से लेकर पाकिस्तान तक धरती कांपी

भारत समेत चार देशों में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। ये झटके 3 घंटे के अंदर भारत, नेपाल, पाकिस्तान समेत तिब्बत में महूसस किए गए। भारतीय भूकंप एजेंसी नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक पाकिस्तान में शुक्रवार सुबह करीब 5.15 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 थी। इससे पहले नेपाल में भूकंप के 2 झटके महसूस किए गए। पहला भूकंप देर रात 2.36 बजे आया तो दूसरा रात 2 बजकर 51 मिनट पर आया। पहले भूकंप का केंद्र नेपाल का बागमती इलाका था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 थी। दूसरे भूकंप की तीव्रता 6.1 थी। इसका केंद्र काठमांडू से 65 किलोमीटर पूर्व सिंधुपालचौक जिले में कोदारी इलाके में था। दोनों भूकंप के झटके तिब्बत से लेकर बिहार में पटना तक महसूस किए गए। नेपाल पुलिस के डीआईजी दिनेश कुमार आचार्य ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, “सुबह आए भूकंप के कारण किसी की मौत या घायल होने की कोई खबर नहीं है। भूकंप के केंद्र में भी बुनियादी ढांचे को कोई बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है।” अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… बांग्लादेश में पाक परस्त जमात के छात्रों की पार्टी आज लॉन्च होगी, सेना का भी समर्थन अगस्त 2024 में पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ आंदोलन चलाकर उन्हें बांग्लादेश की सत्ता से बाहर करने वाले छात्र अब सत्ता की दौड़ में उतर गए हैं। आंदोलन के करीब 7 माह बाद छात्रों के दल जातीय नागरिक पार्टी (नेशनल सिटिजन पार्टी) की लॉन्चिंग शुक्रवार को होने वाला है। छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता नाहिद इस्लाम डॉ. ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार से इस्तीफा दे दिया है ताकि वे इस नई पार्टी का नेतृत्व कर सकें। अभी तक सभी पदों पर सहमति नहीं बनी है। इस पार्टी में पाकिस्तान परस्त और कट्टरपंथी जमात इस्लाम की छात्र शाखा ‘छात्र शिविर’ से जुड़े कई पूर्व नेताओं की नई पार्टी में भागीदारी से चिंता बढ़ गई है। साथ ही सेना के समर्थन की वजह से भी आलोचना हो रही है। जातीय नागरिक समिति के सूत्रों के मुताबिक, शिविर के पूर्व नेता पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर काबिज होने का दबाव बना रहे हैं। मस्क को धमकी देने वाला गिरफ्तार, सोशल मीडिया के जरिए दी थी जान से मारने की धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सहयोगी और अरबपति बिजनेसमैन इलॉन मस्क को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इंडियाना राज्य के रहने वाले 28 साल के आरोपी की पहचान डेविड एलन जून चेरी के तौर पर की गई है। आरोपी ने X अकाउंट पर मस्क को नुकसान पहुंचाने वाले कई ग्राफिक्स शेयर किए थे। एक पोस्ट में उसने लिखा था कि तुम (मस्क) अमेरिकी लोगों को लूट रहे हो। हम तुम्हारी आंतें निकाल देंगे और तुम्हारी लाश की सड़कों पर परेड कराएंगे। धमकी के बाद चेरी का अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। इजराइल में हमलावर ने 10 लोगों को गाड़ी से कुचला, 2 पुलिस वालों को चाकू मारा इजराइल के हाइफा शहर में गुरुवार को एक हमलावर ने करकुर बस स्टैंड पर खड़े लोगों को कार से टक्कर मार दी। इस हमले में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें 3 महिलाएं हैं। एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर ने लोगों को टक्कर मारने के बाद 2 पुलिस अधिकारियों पर चाकू से हम कर दिया। इसके बाद वह घटनास्थल से फरार हो गया। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अशंका जाहिर की है कि यह एक आतंकवादी हमला है। इजराइली सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के मुताबिक हमलावर एक फिलिस्तीनी है। वह इजराइल में ही रह रहा था, उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। ट्रांसजेंडर एथलीटों के लिए अमेरिकी वीजा बैन, ट्रम्प ने चीन पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया अमेरिकी सरकार ने दुनिया भर में अपने दूतावास को आदेश दिया है कि किसी भी स्पोर्ट्स इवेंट के लिए अमेरिका आने वाले ट्रांसजेंडर एथलीटों के वीजा एप्लिकेशन को रिजेक्ट कर दे। यह फैसला राष्ट्रपति ट्रम्प के उस आदेश के तहत लिया गया है जिसमें उन्होंने पुरुषों को महिलाओं के खेलों से दूर रखने की बात कही थी। वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ने कहा है कि मेक्सिको और कनाडा पर 4 मार्च से एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू किया जाएगा। इसके साथ ही चीन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जाएगा। इससे पहले ट्रम्प ने मेक्सिको और कनाडा से आयात पर 25% टैरिफ को 3 फरवरी को एक महीने के लिए रोक दिया था। ट्रम्प का कहना है कि मेक्सिको और कनाडा से अभी भी हमारे देश में बहुत ज्यादा अवैध ड्रग्स आ रही है। इजराइल विरोधी छात्रों का न्यूयॉर्क के कॉलेज पर कब्जा, एक कर्मचारी घायल अमेरिका में इजराइल विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने न्यूयॉर्क के बर्नार्ड कॉलेज की एक इमारत पर कब्जा कर लिया। इस दौरान झड़प में कॉलेज का एक कर्मचारी घायल हो गया, जिसकी वजह से उसे हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा। इन छात्रों की मांग है कि जनवरी में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में लेक्चर के दौरान हंगामा करने पर निष्कासित किए गए फिलिस्तीन समर्थक छात्रों की बहाली की जाए।