वायनाड लैंडस्लाइड-अब तक 293 मौतें, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुख जताया:रेस्क्यू में जुटे लोगों की सराहना की; राहुल-प्रियंका आज भी पीड़ितों से मिलेंगे

केरल के वायनाड में तेज बारिश के बाद लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या 293 हो गई हैं। 130 लोग अस्पताल में हैं, जबकि 240 से ज्यादा लोग आज चौथे दिन भी लापता हैं। मौसम विभाग ने यहां आज भी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी गुरुवार देर रात (भारतीय समय अनुसार) को घटना को लेकर दुख जताया है। उनकी ओर से जारी एक बयान में कहा- मैं और जिल (फर्स्ट लेडी) केरल में प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।पीड़ितों के लिए हम प्रार्थना कर रहे हैं। इस कठिन समय में हम भारत के साथ हैं। रेस्क्यू में जुटे लोगों की बहादुरी की हम सराहना करते हैं। लैंडस्लाइड 29 जुलाई को देर रात करीब 2 बजे और 30 जुलाई की सुबह 4 बजे के बीच मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में हुई थीं। इनमें घर, पुल, सड़कें और गाड़ियां बह गईं थीं। आर्मी के जनरल कमांडर ऑफिसर मेजर जनरल वीटी मैथ्यू ने गुरुवार को कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है। अब केवल शवों को खोजने का काम किया जा रहा है। उधर, गुरुवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वायनाड पहुंचे थे। वे आज भी यहां पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। वे राहत कार्य को लेकर पार्टी नेताओं से भी मिलेंगे। साथ ही वे मेप्पाड़ी के ग्राम पंचायत के डेलिगेशन से राहत कार्य को लेकर चर्चा करेंगे।राहुल वायनाड और रायबरेली से लोकसभा चुनाव जीते थे। उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी थी। अब प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ने वाली हैं। घटनास्थल को मैप से समझें… पिछले 24 घंटे के अपडेट्स… पीड़ितों से राहुल-प्रियंका ने मुलाकात की
गुरुवार सुबह लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वायनाड पहुंचे थे। विजिट के दौरान दोनों ने लैंड स्लाइड प्रभावितों से बात की। चूरलमाला और मेप्पाडी में एक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मॉर्चुरी भी पहुंचे। राहुल गांधी ने वायनाड में कहा, ‘यह देखना दुखद है कि कितने लोगों ने अपने परिवार और घरों को खो दिया है। हम मदद करने की कोशिश करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि बचे हुए लोगों को उनका हक मिले। आज मुझे वैसा ही महसूस हो रहा है, जैसा मेरे पिता के निधन के समय हुआ था।’ राहुल वायनाड और रायबरेली से लोकसभा चुनाव जीते थे। उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी थी। अब प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ने वाली हैं। केरल के मंत्री बोले- 9328 लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया
केरल के रेवेन्यू मंत्री के राजन ने गुरुवार को कहा अब तक 9328 लोगों को 91 रिलीफ कैंपों में सुरक्षित पहुंचाया गया है। इनमें से 578 परिवारों के 2328 लोग चूरलमाला और मेप्पाड़ी के हैं। यहां सबसे ज्यादा तबाही हुई थी। चूरलमाला को मुंडक्कई से जोड़ने वाला ब्रिज तैयार
आर्मी के मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप ने वायनाड के चूरलमाला को मुंडक्कई से जोड़ने के लिए 190 फीट लंबा बैली ब्रिज तैयार किया। इससे राहत कार्य में तेजी लाई जा सकेगी। मलबा हटाने का काम ज्यादा तेजी से हो सकेगा, क्योंकि अब बड़ी JCB मशीनों को उन जगहों पर पहुंचाया जाएगा, जहां सबसे ज्यादा तबाही हुई है। CM विजयन बोले- रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, लाशों को निकालने का काम जारी
केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। यानी फंसे हुए पीड़ितों को निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया जा चुका है। घायलों का इलाज जारी है। अब मलबा हटाने और लाशों को निकालने का काम किया जा रहा है। रेस्क्यू में आर्मी ने सराहनीय काम किया है। AIADMK ने 1 करोड़ रुपए का रिलीफ पैकेज की घोषणा की
तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी AIADMK ने वायनाड के पीड़ितों के लिए 1 करोड़ रुपए रिलीफ पैकेज देने की घोषणा की है। पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने कहा कि 1 करोड़ रुपए के अलावा हम पड़ोसी राज्यों को रिलीफ मटेरियल भी भेजेंगे। रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें… 5 साल पहले भी यहां लैंडस्लाइड से 17 मौतें हुई थीं
वायनाड के 4 गांव- मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में लैंडस्लाइड की घटना हुई है। 5 साल पहले 2019 में भी भारी बारिश की वजह से इन्हीं गांवों में लैंडस्लाइड हुई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। 5 लोगों का आज तक पता नहीं चला। 52 घर तबाह हुए थे। वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है। वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है। ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र-गुजरात समेत 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मध्य प्रदेश में सीजन की 50% बारिश हुई
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार (31 जुलाई) को 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इधर, मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के 38 दिन में ही सीजन की आधी यानी 50% बारिश हो गई है। प्रदेश में एक और स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। बुधवार से फिर से प्रदेश में झमाझम का दौर शुरू हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें …