वायनाड लैंडस्लाइड पर केरल हाईकोर्ट में सुनवाई आज:सरकार को निर्देश- भूस्खलन रोकने क्या कर सकते हैं, जांच करें; 10 दिन बाद भी 138 लापता

केरल हाईकोर्ट आज वायनाड लैंडस्लाइड पर सुनवाई करेगा। 30 जुलाई को वायनाड में हुए लैंड स्लाइड और उसमें हुई 400 लोगों की मौत पर खुद एक्शन लिया। इस हादसे के 10 दिन बाद 138 लोग अब भी लापता है, जबकि हजारों बेघर हो गए हैं। जस्टिस जयशंकरन नांबियार और जस्टिस वीएम श्यामकुमार की बेंच ने रजिस्ट्री को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने महाधिवक्ता को तलब किया और उन्हें कानून सहित मामलों पर विचार करने कहा। यह भी कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि अवैध खनन और बाढ़ जैसी चीजों को रोकने के लिए कानूनी तौर पर क्या किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा- केरल में कई जगह सेंसेटिव जोन
बेंच ने कहा कि केरल के कुछ क्षेत्र ईको सेंसेटिव जोन हैं। इस पर फिर से सोचने की जरूरत है कि क्या यहां सस्टेनेबल डेवलपमेंट संभव है। यदि जरूरी हो तो इन मामलों में मौजूदा नियमों और विनियमों को निरस्त किया जाना चाहिए। पिछले 24 घंटे के अपडेट्स… वायनाड रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें… सर्च ऑपरेशन का आज 11वां दिन
वायनाड में अब तक 420 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है। सर्च ऑपरेशन का आज 11वां दिन है। लैंडस्लाइड प्रभावित गांवों और चेलियार नदी के आस-पास 195 लोगों के शरीर के टुकड़े मिले हैं। इनके डीएनए नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।178 शव परिजन को सौंप दिए गए हैं और 233 शवों को दफनाया जा चुका है। वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पर पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है। वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ है।