पेरिस ओलिंपिक में कुश्ती के फाइनल मुकाबले से पहले डिस्क्वालिफाई हुईं विनेश फोगाट की वतन वापसी हो गई है। वे दिल्ली एयरपोर्ट से करीब 11 बजे बाहर आईं। इस दौरान वे अपनी साथी रेसलर साक्षी मलिक के गले लगकर रोने लगीं। इसके बाद विनेश ओपन जी-वैगन (मर्सिडीज) में रवाना हो गई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत देख विनेश ने कहा- ”पूरे देशवासियों का बहुत-बहुत धन्यवाद, मैं बहुत भाग्यशाली हूं”। झज्जर के बादली में विनेश ने कहा- कल तक मैं खुद को कोस रही थी, लेकिन आज मैं कह सकती हूं कि मुझसे खुशनसीब इस दुनिया में कोई नहीं है। विनेश ने मंच से एक वादा किया कि वह अपनी लड़ाई जारी रखेगी और कभी भी अपने बड़े बुजुर्गों का सिर नहीं झुकने देगी। विनेश ने कहा कि उन्होंने गोल्ड नहीं दिया तो क्या हुआ लेकिन जो आज देश का प्रेम मिल रहा है वह गोल्ड से कई ज्यादा है। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट से विनेश के पैतृक गांव बलाली (चरखी दादरी जिला) तक करीब 125 किलोमीटर के रास्ते में उनका जगह-जगह स्वागत हो रहा है। विनेश के काफिले में अब करीब 30 गाड़ियां है। साढ़े 5 घंटे में विनेश फोगाट के काफिले ने 70 किमी का फासला तय किया। इस दौरान 22 जगह विनेश को सम्मानित किया जा चुका है। गांव के खेल स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम रखा गया है। हालांकि, एक दिन पहले ही आचार संहिता लग जाने के कारण राज्य सरकार इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो रही है। सीएम नायब सैनी ने कुछ दिन पहले विनेश को 4 करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया था। वहीं बलाली गांव के पूर्व सरपंच राजेश सांगवान ने बताया कि विनेश के कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों के लिए देसी घी के व्यंजन तैयार कराए जा रहे हैं। प्लेयर, कोच समेत अन्य लोगों को पहलवानों वाली डाइट दी जाएगी। विनेश फोगाट के वतन वापसी की 2 अहम तस्वीरें… विनेश फोगाट का दिल्ली एयरपोर्ट से बलाली (चरखी दादरी) रूट मैप…