संसद के मानसून सत्र का सातवां दिन:केंद्र सरकार 6 नए बिल पेश कर सकती है; वित्त मंत्री सीतारमण 4 बजे बजट पर जबाव देंगी

संसद के मानसून सत्र का मंगलवार (30 जुलाई) को सातवां दिन है। आज केंद्र सरकार 6 नए बिल पेश कर सकती है। इसमें 90 साल पुराना एयरक्राफ्ट एक्ट बिल-1934 बदला जा सकता है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम 4 बजे लोकसभा में बजट पर विपक्ष के आरोपों पर सरकार का पक्ष रख सकती हैं। सत्र के छठे दिन संसद में बजट और दिल्ली हादसे की गूंज रही। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट की तुलना महाभारत के चक्रव्यूह से की। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर 6 लोगों ने मारा था। चक्रव्यूह का दूसरा नाम है- पद्मव्यूह, जो कमल के फूल के शेप में होता है। इसके अंदर डर और हिंसा होती है। 21वीं सदी में एक नया ‘चक्रव्यूह’ रचा गया है- वो भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिह्न प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो किया गया, वह भारत के साथ किया जा रहा है। आज चक्रव्यूह के बीच में 6 लोग हैं। ये 6 लोग- नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजित डोभाल, अडाणी और अंबानी हैं। राहुल के भाषण के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण सिर पकड़े नजर आईं
राहुल ने लोकसभा में कुल 46 मिनट भाषण दिया। इसमें 4 बार अडाणी-अंबानी का नाम लिया, दो बार मुंह पर उंगली रखी। स्पीकर ने भाषण के दौरान राहुल को 4 बार टोका। राहुल ने जब हलवा सेरेमनी का पोस्टर लहराया, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिर पकड़ लिया। 26 जुलाई : मानसून सत्र का पांचवां दिन सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने कहा था कि जेडीयू और टीडीपी चुनाव से पहले भाजपा के साथ है। ये प्री-पोल अलायंस है। हमारा अलायंस फेविकोल से जुड़ा हुआ है। ये हमेशा बना रहेगा। उन्होंने आगे कहा था कि-हम पहले (इन्हीं) विपक्ष के साथ (बिहार में) थे। ये लोग गिद्ध की तरह थे। लेकिन अब छोड़कर जा चुके हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा- 99 का आंकड़ा बड़ा खतरनाक होता है। लूडो खेला है तो जानते होंगे कि अगर सांप काट ले तो नीचे आ जाएंगे। 25 जुलाई: मानसून सत्र का चौथा दिन सत्र के चौथे दिन सदन में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी उठा था। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि संविधान खतरे में है। हम यहां हंसने की बात करते हैं, पिछड़ों की बात करते हैं, दलितों की बात करते हैं, आदिवासियों की बात करते हैं। सभी सरकारों (चाहें केंद्र की हो या राज्य सरकारें) का एक ही लक्ष्य होता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना होता है। मैं संथाल परगना से आता हूं। जब संथाल परगना (झारखंड) बिहार से अलग हुआ, तब यहां आदिवासी 36% थे। आज यहां आदिवासियों की पॉपुलेशन 26% है। 10% आदिवासी कहां गायब हो गए? इसके बार में ये सदन कभी चर्चा नहीं करता, चिंता नहीं करता, बल्कि वोट बैंक की पॉलिटिक्स करता है। झारखंड की सरकार की तरफ से भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। बांग्लादेश का घुसपैठ लगातार बढ़ रहा है। बांग्लादेश घुसपैठिए आदिवासी महिलाओं के साथ शादी कर रहे हैं। ये हिंदू-मुसलमान का मामला नहीं है। हमारे यहां जो महिला लोकसभा का चुनाव आदिवासी कोटे से लड़ती हैं, उनके पति मुसलमान हैं। जिला परिषद की अध्यक्ष के पति मुसलमान हैं। हमारे यहां 100 आदिवासी मुखिया है, उनके पति मुसलमान हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… 24 जुलाई: मानसून सत्र का तीसरा दिन बुधवार को सुबह सदन शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर केंद्र सरकार के बजट के विरोध में प्रदर्शन किया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन में भी बजट को लेकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल में राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेताओं ने वॉकआउट किया। वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ शेम-शेम का नारा लगाते हुए सदन से बाहर चले गए। विपक्ष द्वारा बजट को भेदभाव वाला बताने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- बजट में सभी राज्यों का नाम लेने का मौका नहीं मिलता। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के नेता जानबूझकर ऐसे आरोप लगा रहे हैं, ताकि लोगों को लगे कि उनके राज्य को कुछ नहीं मिला। यह ठीक नहीं है। चर्चा के दौरान राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति से कहा- माताजी (वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण) बोलने में एक्सपर्ट हैं। इस पर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ बोले- वो माताजी नहीं, आपकी बेटी की उम्र के बराबर हैं। वहीं, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यकों को टारगेट कर रही है। लोकसभा और राज्यसभा में एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… 23 जुलाई: मानसून सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को निर्मला सीतारमण ने 1 घंटे 23 मिनट का बजट भाषण दिया। बजट में उनका फोकस शिक्षा, रोजगार, किसान, महिला और युवाओं पर रहा। इसके अलावा नीतीश कुमार के बिहार और चंद्रबाबू नायडू के आंध्र प्रदेश पर केंद्र सरकार मेहरबान रही। बजट में नई टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए अब 7.75 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई है। यानी उन्हें 17.5 हजार रुपए का फायदा हुआ है। पहली नौकरी वाले जिनकी सैलरी 1 लाख रुपए से कम होगी, उन्हें सरकार अधिकतम 15 हजार रुपए तीन किश्तों में देगी। मोदी सरकार 3.0 बिहार के CM नीतीश कुमार की JDU और आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू की TDP के भरोसे केंद्र में सत्ता चला रही है। वित्त मंत्री ने बिहार में इंफ्रा और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए 58 हजार 900 करोड़ रुपए और आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की। पूरी खबर यहां पढ़ें… 22 जुलाई: मानसून सत्र का पहला दिन
सोमवार को मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे से भरा रहा। प्रधानमंत्री मोदी सुबह 10:15 बजे संसद पहुंचे और सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से 21 मिनट बात की। उन्होंने विपक्ष पर अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जून में नई संसद के गठन के बाद देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का प्रयास किया गया। मुझे इसका कोई दुख नहीं है। इस बार हम मजबूत बजट लेकर आ रहे हैं। विपक्ष से अपील है कि लोकसभा चुनाव में जितनी लड़ाई लड़नी थी हमने लड़ ली। अगले 5 साल देश के लिए लड़ना और जूझना है। विपक्ष ने उठाया NEET में गड़बड़ी का मुद्दा
इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 11:05 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ। इस दौरान विपक्ष ने NEET में गड़बड़ी की वजह से कई स्टूडेंट्स की मौत का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ ही जगहों पर गड़बड़ी हुई है। CBI मामले की जांच कर रही है। वहीं सपा नेता अखिलेश यादव ने भी NEET मामले पर सरकार पर तंज कसा। पूरी खबर यहां पढ़ें… इन 22 दिनों में क्या-क्या होगा विस्तार से पढ़ें…