सलमान की नींद गोलियों की आवाज से खुली थी:तुरंत बालकनी पहुंचे, वहां कोई नहीं था, 14 अप्रैल की घटना पर पुलिस को बयान दिया

14 अप्रैल को सलमान खान के बांद्रा स्थित घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग हुई थीं। घटना के दो महीने बाद सलमान ने मुंबई पुलिस को बयान दिया है। सलमान ने पुलिस को बताया कि 14 अप्रैल की सुबह गोलियों की आवाज सुनकर ही उनकी नींद खुली थी। वे बालकनी में आए, लेकिन वहां कोई नहीं था। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि इन शूटर्स ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इशारे पर ही 58 साल के एक्टर को मारने की प्लानिंग की थी। 4 जून को रिकॉर्ड किए गए सलमान और उनके भाइयों के बयान
मुंबई क्राइम ब्रांच के 4 लोगों की टीम ने बीते 4 जून को सलमान और उनके भाइयों सोहेल और अरबाज का स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया था। इस दौरान सलमान के भाइयों से 6 घंटे तक पूछताछ की गई। रिपोर्ट्स की मानें तो अपने बयान में सलमान ने पुलिस को बताया है कि उन्हें महसूस हुआ था कि उनकी जान खतरे में हैं। उन्होंने मुंबई पुलिस को उनकी मदद के लिए धन्यवाद भी कहा है। 13 जून को लेट नाइट पार्टी करके सोए थे सलमान
अपने बयान में सलमान ने कहा कि वो 13 अप्रैल को लेट नाइट पार्टी करने के बाद सोए थे। सुबह गोलियों की आवाज सुनकर झटके से उनकी नींद खुली। इसके बाद वो भागकर बालकनी में भी गए। उन्होंने वहां से बाहर झांककर देखा तो बाहर कोई नहीं था। लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को सलमान के घर पर दो बाइक सवार हमलावरों ने 4 राउंड फायर किए थे। फायरिंग जिस बंदूक से की गई थी, वो 7.6 बोर की बंदूक थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट को मौके से एक लाइव बुलेट मिली थी। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने ली थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों पर मकोका की धाराएं लगाई गई थीं। मामले में गिरफ्तार हुए एक आरोपी अनुज थापन ने पुलिस कस्टडी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अनुज ने इस मामले में फायरिंग करने वालों को हथियार मुहैया करवाए थे। आरोपी अनुज थापन के सुसाइड की जांच राज्य की CID को सौंपी गई। सलमान की हत्या के लिए पाकिस्तान से मंगवा रहे थे AK-47
गैलेक्सी अपार्टमेंट में फायरिंग करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह दोबारा सलमान खान पर हमला करवाने की प्लानिंग कर रहा था। बीते 1 जून को इस मामले में नवी मुंबई पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया था। चारों आरोपियों की पहचान धनंजय उर्फ अजय कश्यप, गौरव भाटिया उर्फ न्हाई, वासपी खान उर्फ ​​वसीम चिकना और जीशान खान उर्फ जावेद खान के तौर पर हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबित, ये लोग पनवेल में सलमान की कार पर अटैक करने की प्लानिंग कर रहे थे। इसके लिए इन्होंने पाकिस्तान से एके-47 समेत कई हथियार मंगवाने की प्लानिंग की थी। टर्की से मंगवाई जिगाना पिस्टल, इसी से हुआ था सिद्धू मूसेवाला का कत्ल
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई गैंग सलमान को टर्की मेड जिगाना पिस्टल से मारने का प्लान बना रहे थे। इसी पिस्टल से पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का भी मर्डर किया गया था। पाकिस्तान से कई खतरनाक हथियार मंगवाने की प्लानिंग थीपुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी अटैक करने के लिए पाकिस्तानी सप्लायर के जरिए भी हथियार मंगवाने की योजना बना रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर AK-47, M-16 और AK-92 मंगवाने की कोशिश कर रहे थे। सलमान खान पर रखी जा रही थी नजर
इन्होंने एक्टर के फार्म हाउस और कई शूटिंग स्पॉट्स समेत गोरेगांव फिल्म सिटी की भी रेकी की थी। मुंबई, रायगढ़, नवी मुंबई, थाने, पुणे और गुजरात से आने वाले लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा गैंग के तकरीबन 60 से 70 गुर्गे सलमान खान पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस को गिरफ्तार हुए आरोपियों के मोबाइल से ऐसे कई विडियोज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने कई फोन और सिमकार्ड भी बरामद किए गए हैं। नाबालिग के जरिए करवाते सलमान पर अटैक
ये नाबालिगों के जरिए सलमान पर अटैक करने का प्लान बना रहे थे। अटैक के बाद इनका प्लान बोट के जरिए कन्याकुमारी से श्रीलंका भाग जाने का था।