बॉलीवुड के सबसे मशहूर स्क्रिप्ट राइटर्स की जोड़ी सलीम खान और जावेद अख्तर पर बेस्ड डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘एंग्री यंग मैन’ 20 अगस्त को रिलीज होने वाली है। 3 एपिसोड की यह सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। ‘एंग्री यंग मैन’ सीरीज का डायरेक्शन नम्रता राव ने किया है, जो इससे बतौर डायरेक्टर डेब्यू करेंगी। वहीं, इसके एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर्स में जोया अख्तर, सलमान खान, फरहान अख्तर जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सीरीज की रिलीज से पहले नम्रता और जोया ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। जोया ने बताया कि सलीम खान और जावेद अख्तर को लंबे अरसे के बाद साथ लाने की पहल उन्होंने ही की थी। वहीं, नम्रता ने कहा कि कई सालों बाद सलीम खान और जावेद साहब को साथ देखना यादगार पल था। नम्रता राव और जोया अख्तर के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू करते हैं… सवाल- नम्रता, सीरीज एंग्री यंग मैन बनाने का ख्याल कहां से आया?
जवाब- इस सीरीज की उत्पत्ति तो इनकी (जोया अख्तर) वजह से हुई है। यह इनका आइडिया था और इन्हीं की मदद से यह साकार हो पाया। सवाल- जोया, जावेद अख्तर और सलीम खान को आप साथ लेकर कैसे आईं?
जवाब- सलीम अंकल और पापा को साथ लाने में कोई वक्त नहीं लगा। मैं चाहती थी कि ये दोनों कहानियां किस तरह और कैसे लिखते थे, वो पूरी दुनिया जाने। मैं लोगों के साथ यह चीजें शेयर करना चाहती थी। सवाल- जोया, इस सीरीज की मेकिंग पर सलीम जी और जावेद साहब का रिएक्शन क्या रहा?
जवाब- उन दोनों ने शुरुआत में ही हामी भर दी थी। लेकिन दोनों ने यह बिना जाने ही हामी भरी थी कि सामने वाले ने हां किया है या नहीं। दोनों का कहना था कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं है। फिर इनकी सहमति के बाद हमने काम करना शुरू कर दिया। सवाल- जोया, क्या सलीम जी से बात करने आप ही गई थीं?
जवाब- हां, उनसे बात करने मैं ही गई थी। पहले उन्होंने कहा- हां, हां क्यों नहीं करेंगे। इसके बाद मैंने अलवीरा (सलीम खान की बड़ी बेटी) को फोन किया। फिर अलवीरा जब इस काम में साथ आईं, तो सारा मामला फाइनल सा हो गया। फिर मैं और फरहान, सलमा आंटी और सलीम अंकल से उनके घर पर मिले। सलमा आंटी ने हमें आशीर्वाद भी दिया। इसके बाद हमारी मुलाकात सलमान से हुई और वे इसे प्रोड्यूस करने के लिए हमारे साथ आ गए। सवाल- जोया और नम्रता, इस सीरीज को बनाने में क्या-क्या चैंलेज फेस करना पड़ा?
जवाब- जोया कहती हैं- इंटरव्यूज के लिए सबका टाइम लेना सबसे बड़ा चैंलेज रहा। दूसरा बड़ा चैंलेज यह था कि इंडस्ट्री में पुरानी चीजों जैसे अवॉर्ड्स फंक्शन के फुटेज को संभालकर रखने का कल्चर नहीं है। ऐसे में सीरीज की मेकिंग के दौरान हमें इन चीजों को ढूंढने में बहुत परेशानी हुई। हर प्रोड्यूसर्स से फुटेज के राइट्स लेने की भी जद्दोजहद रही। वहीं नम्रता ने कहा- जोया ने जो बताया वो चैंलेज तो था ही। पुरानी फुटेज को ढूंढना तो सबसे बड़ा चैंलेज था। मेकिंग के दौरान हमें कुछ फुटेज के रियल ओनर के बारे में ही नहीं पता था। इस केस में तो हमको इन्वेस्टिगेशन जैसा काम करना पड़ा। मेरे लिहाज से एडिट करना भी बहुत बड़ा चैंलेज था। हमने शुरुआत में बहुत ज्यादा शूट कर लिया था, फिर स्क्रिप्ट के हिसाब से उसे फिट करने में बहुत मेहनत करनी पड़ी। सवाल- जोया और नम्रता, सीरीज की मेंकिग के दौरान सबसे खूबसूरत मोमेंट क्या रहा?
जवाब- हम बताना नहीं चाहेंगे, लेकिन दोनों (सलीम खान और जावेद अख्तर) का मिलना सबसे खूबसूरत मोमेंट था। वो हमारे लिए बहुत यादगार लम्हा था। उसके अलावा भी बहुत सारे मोमेंट्स रहे, जो बस हमारी यादों में कैद हो गए। सवाल- नम्रता, इस सीरीज की खासियत क्या है, जो किसी को भी पता नहीं है?
जवाब- यह बहुत ही पर्सनल है। यह कैंडिड भी है। दोनों (सलीम खान और जावेद अख्तर) ने फिल्मों की राइटिंग कैसे की, नए-नए कैरेक्टर्स को जन्म कैसे दिया। दोनों पर सक्सेस का क्या असर रहा, यह सारी चीजें इसमें शामिल की गई हैं। दोनों के करियर की शुरुआती जर्नी पर भी बात की गई है। सवाल- जोया, सलीम जी और जावेद साहब के मिलने का मोमेंट आपके लिए कैसा रहा?
जवाब- इस दिन मैं शूटिंग सेट पर नहीं थी। जब मैंने इसका शॉट देखा तो इस बात का अफसोस हुआ कि काश मैं सेट पर होती। यह बहुत ही खूबसूरत पल था। इस सवाल के जवाब में नम्रता ने कहा- इस शूट को देखने के लिए बहुत लोग आए थे। इंडस्ट्री के भी कुछ लोग आए थे। सब यही देखना चाहते थे कि जब इतने साल बाद दोनों पहली बार मिलेंगे तो क्या बातें करेंगे। सवाल- जोया, आपने बहुत करीब से सलीम-जावेद का काम देखा है। कोई पुराना यादगार लम्हा शेयर करना चाहें।
जवाब- मुझे कुछ ज्यादा याद नहीं है क्योंकि मैं बहुत छोटी थी। हालांकि मुझे उनकी स्क्रिप्ट्स याद हैं। मुझे उनकी (जावेद अख्तर) वो शीट्स याद हैं, जहां वे लिखते थे। नैरेशन के दौरान की उनकी आवाज याद है। जिस रूम में वे काम करते थे, अब वह मेरा कमरा है। वे जिन-जिन जगहों पर काम करते थे, वो जगहें भी मुझे याद हैं। सवाल- जोया, क्या जावेद साहब के लिखे हुए सीन्स पर आपने उनके साथ चर्चा की है?
जवाब- हां, ऐसा हुआ है। पापा बताते थे कि स्टोरी ज्यादा सलीम अंकल की तरफ से आती थी। स्क्रीनप्ले दोनों साथ में लिखते थे। वहीं डायलॉग्स ज्यादा पापा लिखते थे। सवाल- सलीम-जावेद की राइटिंग फीस किसी बड़े सुपरस्टार के सामान होती थी। जोया इस पर आपका क्या कहना है?
जवाब- दोनों को अपने काम पर बहुत भरोसा था। उन्हें पता रहता था कि कौन सी फिल्म चलेगी और कौन सी नहीं। वे मेकर्स से कह देते थे कि उन्हें कितना मेहनताना चाहिए, वर्ना वो स्क्रिप्ट नहीं देंगे। दोनों के पास एक के बाद एक हिट फिल्में थीं। एक तरह से वे इंडस्ट्री पर राज ही कर रहे थे। लोग उनके साथ काम करना चाहते थे, एक्टर्स उनके साथ काम करने के लिए बेताब रहते थे। इस पर नम्रता कहती हैं- लोग शुरुआत में दोनों पर हंसते थे, जब वे हीरो की फीस के बराबर पैसे मांगते थे। लेकिन उन्होंने फिर भी यह सब किया। उन्हें भी बहुत मजा आता था। खास बात यह है कि इस सीरीज की मेकिंग के दौरान हमें पता चला कि शुरुआत में कई लोगों को यह नहीं पता था कि सलीम-जावेद दो लोग हैं। कईयों को लगता था कि यह किसी एक शख्स का ही नाम है। यह एक मजेदार चीज थी। सवाल- इस सीरीज के ट्रेलर लॉन्च पर जावेद साहब ने कहा कि दोनों 42 साल बाद फिर से साथ काम करना चाहते हैं। इस पर आप दोनों का क्या कहना है?
जवाब- नम्रता कहती हैं- जून 1981 में दोनों अलग हो गए थे। अब तो बहुत समय हो गया। हम तो उन्हें हमेशा बोलते हैं कि वे दोनों साथ में काम करें। हम भी इसका इंतजार कर रहे हैं। सवाल- जोया, फिल्म शोले या त्रिशूल जैसी फिल्म की मेकिंग के दौरान का कोई किस्सा जावेद साहब ने आपको सुनाया था?
जवाब- नहीं, जब शोले आई थी, तब मैं 3 साल की थी। बाद में इसके किस्से सुनने को मिले। एक किस्सा यह है कि शुरुआत में शोले नहीं चली थी। सब डर गए थे क्योंकि फिल्म को अच्छी ओपनिंग नहीं मिली थी। फिल्म का एंड बदलने पर भी चर्चा होने लगी थी। हालांकि फिर सभी रुक गए। कुछ समय बाद वर्ड ऑफ माउथ की बदौलत फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली। फिर एक थिएटर में यह फिल्म 7 साल तक चली। सवाल- नम्रता, रोमांटिक दौर में एंग्री यंग मैन के साथ सलीम-जावेद ने एक अलग ही ट्रेंड स्थापित कर दिया था। इस पर क्या कहना है?
जवाब- हां, यह तो सही है। उस वक्त राजेश खन्ना का बोलबाला था। फिर इन्होंने एक ऐसे हीरो को दुनिया के सामने लाया, जो ना गा सकता है और ना ही रोमांस कर सकता है। फिर भी लोगों ने उसे बहुत पंसद किया। सवाल- जोया, इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर इंडस्ट्री के लोगों का क्या रिएक्शन है?
जवाब- बहुत सारे मैसेजेस आ रहे हैं। विक्की कौशल ने भी संदेश भेजा था। सलीम अंकल और पापा भी काफी ज्यादा इमोशनल फील कर रहे हैं। उन लोगों के पास भी बहुत सारे कॉल्स आ रहे हैं।
जवाब- इस सीरीज की उत्पत्ति तो इनकी (जोया अख्तर) वजह से हुई है। यह इनका आइडिया था और इन्हीं की मदद से यह साकार हो पाया। सवाल- जोया, जावेद अख्तर और सलीम खान को आप साथ लेकर कैसे आईं?
जवाब- सलीम अंकल और पापा को साथ लाने में कोई वक्त नहीं लगा। मैं चाहती थी कि ये दोनों कहानियां किस तरह और कैसे लिखते थे, वो पूरी दुनिया जाने। मैं लोगों के साथ यह चीजें शेयर करना चाहती थी। सवाल- जोया, इस सीरीज की मेकिंग पर सलीम जी और जावेद साहब का रिएक्शन क्या रहा?
जवाब- उन दोनों ने शुरुआत में ही हामी भर दी थी। लेकिन दोनों ने यह बिना जाने ही हामी भरी थी कि सामने वाले ने हां किया है या नहीं। दोनों का कहना था कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं है। फिर इनकी सहमति के बाद हमने काम करना शुरू कर दिया। सवाल- जोया, क्या सलीम जी से बात करने आप ही गई थीं?
जवाब- हां, उनसे बात करने मैं ही गई थी। पहले उन्होंने कहा- हां, हां क्यों नहीं करेंगे। इसके बाद मैंने अलवीरा (सलीम खान की बड़ी बेटी) को फोन किया। फिर अलवीरा जब इस काम में साथ आईं, तो सारा मामला फाइनल सा हो गया। फिर मैं और फरहान, सलमा आंटी और सलीम अंकल से उनके घर पर मिले। सलमा आंटी ने हमें आशीर्वाद भी दिया। इसके बाद हमारी मुलाकात सलमान से हुई और वे इसे प्रोड्यूस करने के लिए हमारे साथ आ गए। सवाल- जोया और नम्रता, इस सीरीज को बनाने में क्या-क्या चैंलेज फेस करना पड़ा?
जवाब- जोया कहती हैं- इंटरव्यूज के लिए सबका टाइम लेना सबसे बड़ा चैंलेज रहा। दूसरा बड़ा चैंलेज यह था कि इंडस्ट्री में पुरानी चीजों जैसे अवॉर्ड्स फंक्शन के फुटेज को संभालकर रखने का कल्चर नहीं है। ऐसे में सीरीज की मेकिंग के दौरान हमें इन चीजों को ढूंढने में बहुत परेशानी हुई। हर प्रोड्यूसर्स से फुटेज के राइट्स लेने की भी जद्दोजहद रही। वहीं नम्रता ने कहा- जोया ने जो बताया वो चैंलेज तो था ही। पुरानी फुटेज को ढूंढना तो सबसे बड़ा चैंलेज था। मेकिंग के दौरान हमें कुछ फुटेज के रियल ओनर के बारे में ही नहीं पता था। इस केस में तो हमको इन्वेस्टिगेशन जैसा काम करना पड़ा। मेरे लिहाज से एडिट करना भी बहुत बड़ा चैंलेज था। हमने शुरुआत में बहुत ज्यादा शूट कर लिया था, फिर स्क्रिप्ट के हिसाब से उसे फिट करने में बहुत मेहनत करनी पड़ी। सवाल- जोया और नम्रता, सीरीज की मेंकिग के दौरान सबसे खूबसूरत मोमेंट क्या रहा?
जवाब- हम बताना नहीं चाहेंगे, लेकिन दोनों (सलीम खान और जावेद अख्तर) का मिलना सबसे खूबसूरत मोमेंट था। वो हमारे लिए बहुत यादगार लम्हा था। उसके अलावा भी बहुत सारे मोमेंट्स रहे, जो बस हमारी यादों में कैद हो गए। सवाल- नम्रता, इस सीरीज की खासियत क्या है, जो किसी को भी पता नहीं है?
जवाब- यह बहुत ही पर्सनल है। यह कैंडिड भी है। दोनों (सलीम खान और जावेद अख्तर) ने फिल्मों की राइटिंग कैसे की, नए-नए कैरेक्टर्स को जन्म कैसे दिया। दोनों पर सक्सेस का क्या असर रहा, यह सारी चीजें इसमें शामिल की गई हैं। दोनों के करियर की शुरुआती जर्नी पर भी बात की गई है। सवाल- जोया, सलीम जी और जावेद साहब के मिलने का मोमेंट आपके लिए कैसा रहा?
जवाब- इस दिन मैं शूटिंग सेट पर नहीं थी। जब मैंने इसका शॉट देखा तो इस बात का अफसोस हुआ कि काश मैं सेट पर होती। यह बहुत ही खूबसूरत पल था। इस सवाल के जवाब में नम्रता ने कहा- इस शूट को देखने के लिए बहुत लोग आए थे। इंडस्ट्री के भी कुछ लोग आए थे। सब यही देखना चाहते थे कि जब इतने साल बाद दोनों पहली बार मिलेंगे तो क्या बातें करेंगे। सवाल- जोया, आपने बहुत करीब से सलीम-जावेद का काम देखा है। कोई पुराना यादगार लम्हा शेयर करना चाहें।
जवाब- मुझे कुछ ज्यादा याद नहीं है क्योंकि मैं बहुत छोटी थी। हालांकि मुझे उनकी स्क्रिप्ट्स याद हैं। मुझे उनकी (जावेद अख्तर) वो शीट्स याद हैं, जहां वे लिखते थे। नैरेशन के दौरान की उनकी आवाज याद है। जिस रूम में वे काम करते थे, अब वह मेरा कमरा है। वे जिन-जिन जगहों पर काम करते थे, वो जगहें भी मुझे याद हैं। सवाल- जोया, क्या जावेद साहब के लिखे हुए सीन्स पर आपने उनके साथ चर्चा की है?
जवाब- हां, ऐसा हुआ है। पापा बताते थे कि स्टोरी ज्यादा सलीम अंकल की तरफ से आती थी। स्क्रीनप्ले दोनों साथ में लिखते थे। वहीं डायलॉग्स ज्यादा पापा लिखते थे। सवाल- सलीम-जावेद की राइटिंग फीस किसी बड़े सुपरस्टार के सामान होती थी। जोया इस पर आपका क्या कहना है?
जवाब- दोनों को अपने काम पर बहुत भरोसा था। उन्हें पता रहता था कि कौन सी फिल्म चलेगी और कौन सी नहीं। वे मेकर्स से कह देते थे कि उन्हें कितना मेहनताना चाहिए, वर्ना वो स्क्रिप्ट नहीं देंगे। दोनों के पास एक के बाद एक हिट फिल्में थीं। एक तरह से वे इंडस्ट्री पर राज ही कर रहे थे। लोग उनके साथ काम करना चाहते थे, एक्टर्स उनके साथ काम करने के लिए बेताब रहते थे। इस पर नम्रता कहती हैं- लोग शुरुआत में दोनों पर हंसते थे, जब वे हीरो की फीस के बराबर पैसे मांगते थे। लेकिन उन्होंने फिर भी यह सब किया। उन्हें भी बहुत मजा आता था। खास बात यह है कि इस सीरीज की मेकिंग के दौरान हमें पता चला कि शुरुआत में कई लोगों को यह नहीं पता था कि सलीम-जावेद दो लोग हैं। कईयों को लगता था कि यह किसी एक शख्स का ही नाम है। यह एक मजेदार चीज थी। सवाल- इस सीरीज के ट्रेलर लॉन्च पर जावेद साहब ने कहा कि दोनों 42 साल बाद फिर से साथ काम करना चाहते हैं। इस पर आप दोनों का क्या कहना है?
जवाब- नम्रता कहती हैं- जून 1981 में दोनों अलग हो गए थे। अब तो बहुत समय हो गया। हम तो उन्हें हमेशा बोलते हैं कि वे दोनों साथ में काम करें। हम भी इसका इंतजार कर रहे हैं। सवाल- जोया, फिल्म शोले या त्रिशूल जैसी फिल्म की मेकिंग के दौरान का कोई किस्सा जावेद साहब ने आपको सुनाया था?
जवाब- नहीं, जब शोले आई थी, तब मैं 3 साल की थी। बाद में इसके किस्से सुनने को मिले। एक किस्सा यह है कि शुरुआत में शोले नहीं चली थी। सब डर गए थे क्योंकि फिल्म को अच्छी ओपनिंग नहीं मिली थी। फिल्म का एंड बदलने पर भी चर्चा होने लगी थी। हालांकि फिर सभी रुक गए। कुछ समय बाद वर्ड ऑफ माउथ की बदौलत फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली। फिर एक थिएटर में यह फिल्म 7 साल तक चली। सवाल- नम्रता, रोमांटिक दौर में एंग्री यंग मैन के साथ सलीम-जावेद ने एक अलग ही ट्रेंड स्थापित कर दिया था। इस पर क्या कहना है?
जवाब- हां, यह तो सही है। उस वक्त राजेश खन्ना का बोलबाला था। फिर इन्होंने एक ऐसे हीरो को दुनिया के सामने लाया, जो ना गा सकता है और ना ही रोमांस कर सकता है। फिर भी लोगों ने उसे बहुत पंसद किया। सवाल- जोया, इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज पर इंडस्ट्री के लोगों का क्या रिएक्शन है?
जवाब- बहुत सारे मैसेजेस आ रहे हैं। विक्की कौशल ने भी संदेश भेजा था। सलीम अंकल और पापा भी काफी ज्यादा इमोशनल फील कर रहे हैं। उन लोगों के पास भी बहुत सारे कॉल्स आ रहे हैं।